13/01/2026
RERA प्राधिकरण सिविल कोर्ट नहीं है
RERA टाइटल विवाद तय नहीं कर सकता, न ही घोषणा (Declaration) या निषेधाज्ञा (Injunction) दे सकता है
— बॉम्बे हाई कोर्ट
🔹 मामला क्या था? (Background)
एक ही फ्लैट को लेकर दो अलग-अलग लोगों ने दावा किया था —
एक पक्ष के पास 2016 की रजिस्टर्ड सेल डीड थी
उसी बिल्डर ने बाद में 2017 में उसी फ्लैट का एग्रीमेंट किसी दूसरे व्यक्ति से कर दिया
दोनों पक्ष खुद को उस फ्लैट का असली मालिक बता रहे थे
दूसरे खरीदारों ने सिविल कोर्ट में केस किया और ये मांगें रखीं —
उनके एग्रीमेंट को वैध घोषित किया जाए
पुराने सेल डीड को रद्द किया जाए
कब्जे से संबंधित इंजंक्शन (रोक) दी जाए
पहले खरीदारों ने दलील दी कि
👉 RERA Act की धारा 79 के कारण सिविल कोर्ट इस मामले को नहीं सुन सकती,
👉 सिर्फ RERA Authority ही फैसला कर सकती है।
🔹 बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा?
हाई कोर्ट (Justice N. J. Jamadar) ने साफ कहा —
✅ 1. RERA टाइटल (Ownership) विवाद तय नहीं कर सकता
कौन असली मालिक है
कौन-सा दस्तावेज़ सही है
कौन-सा एग्रीमेंट/सेल डीड वैध है
👉 ऐसे सवाल Title Dispute कहलाते हैं
👉 ये सिर्फ सिविल कोर्ट तय कर सकती है, RERA नहीं
✅ 2. RERA Declaration (घोषणा) नहीं दे सकता
RERA Authority यह घोषित नहीं कर सकती कि —
अमुक व्यक्ति ही मालिक है
अमुक दस्तावेज़ वैध/अवैध है
👉 Declaration देना सिविल कोर्ट का अधिकार है,
👉 RERA कानून में ऐसी शक्ति नहीं दी गई है।
✅ 3. RERA Injunction (रोक) नहीं दे सकता
कब्जे पर रोक लगाना
किसी को फ्लैट बेचने/हस्तांतरित करने से रोकना
Status quo बनाए रखने का आदेश
👉 ये सब Injunction होते हैं
👉 RERA के पास यह शक्ति नहीं है
👉 यह काम केवल सिविल कोर्ट कर सकती है।
✅ 4. RERA Act की धारा 79 का मतलब क्या है?
धारा 79 कहती है कि —
जिन मामलों को RERA तय कर सकता है,
उनमें सिविल कोर्ट दखल नहीं देगी।
लेकिन हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया —
🔹 जहाँ RERA को अधिकार ही नहीं दिया गया,
🔹 वहाँ सिविल कोर्ट का अधिकार बना रहता है।
👉 Title, Declaration, Injunction
👉 ये सभी RERA के दायरे से बाहर हैं।
🔹 इस फैसले का महत्व (Importance)
यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि —
✔ RERA और सिविल कोर्ट की सीमा साफ हो गई
✔ खरीदारों को सही फोरम चुनने में मदद
✔ बिल्डर द्वारा एक ही प्रॉपर्टी कई बार बेचने के मामलों में स्पष्टता
🧠 आसान भाषा में निष्कर्ष
👉 RERA = Regulatory Authority
👉 Civil Court = Ownership और अधिकार तय करने वाली अदालत
RERA खरीदार को
देरी, रिफंड, मुआवज़ा दिला सकता है
लेकिन
कौन मालिक है — यह नहीं बता सकता