04/09/2026
शिक्षक दिवस पर एक छोटी-सी विनती…
आदरणीय अभिभावकगण,
कल शिक्षक दिवस है।
शायद आप सोच रहे होंगे कि आपका बेटा या आपकी बेटी अपने गुरुजनों को कुछ देकर उनका सम्मान करे—
पेन, डायरी, ग्रीटिंग कार्ड, फूल या कोई उपहार…
लेकिन इस बार हम आपसे कहना चाहते हैं—
हमें कुछ नहीं चाहिए।
सचमुच कुछ भी नहीं।
न फूल चाहिए, न उपहार, न कोई महँगी वस्तु।
हम तो बस दो वचन चाहते हैं।
पहला वचन—आपके पाल्य/पाल्या से
वह रोज कुछ समय मन लगाकर पढ़ने बैठेगा/बैठेगी।
अपने गुरु की मेहनत को व्यर्थ नहीं जाने देगा/देगी।
अपने जीवन में योग्य बनेगा/बनेगी और एक दिन ऐसा मुकाम हासिल करेगा/करेगी कि—
आपका सिर गर्व से ऊँचा हो जाए
और हमें यह कहने का अवसर मिले—
“देखिए, यह हमारा विद्यार्थी है।”
यही हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।
यही हमारी सच्ची गुरुदक्षिणा होगी।
दूसरा वचन—आपसे
विद्यालय की मासिक फीस जमा करने की निर्धारित तिथि 10 तारीख है।
हम आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि यदि किसी कारणवश 10 तारीख तक शुल्क जमा करना संभव न हो, तो कम-से-कम प्रत्येक माह की अंतिम तारीख तक उस माह का शुल्क अवश्य जमा कर दें।
क्योंकि इस विद्यालय को चलाने के पीछे भी अनेक परिवारों की उम्मीदें जुड़ी हैं।
समय पर शुल्क मिलता है तो हमारे गुरुजनों को समय पर वेतन मिल पाता है,
विद्यालय की व्यवस्थाएँ सुचारु रहती हैं,
और हम आपके बच्चे को पूरे मन, सम्मान और समर्पण के साथ शिक्षा दे पाते हैं।
आपका सहयोग हमारे लिए केवल फीस नहीं है—
यह हमारे गुरुजनों के सम्मान,
विद्यालय की व्यवस्था
और आपके बच्चे के भविष्य का आधार है।
हम शिक्षक हैं।
हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार तब होगा,
जब वर्षों बाद आपका बच्चा हमारे सामने खड़ा होकर कहे—
“गुरुजी, आपने जो सिखाया था,
मैं उसे जीवन में उतार पाया।”
उस दिन हमारी आँखों में जो खुशी होगी,
उसकी तुलना किसी उपहार से नहीं की जा सकती।
इस शिक्षक दिवस पर
हमें फूल मत दीजिए,
हमारे लिए अपने बच्चे का भविष्य सँवारिए।
हमें उपहार मत दीजिए,
अपने बच्चे को योग्य बनाइए।
बस यही दो वचन दे दीजिए—
आपका बच्चा पढ़ेगा और योग्य बनेगा,
और आप विद्यालय का शुल्क समय से जमा करेंगे।
बस इतने में ही हम खुश हो जाएँगे।
सादर एवं भावपूर्ण शुभकामनाओं सहित,
**हम हैं—
संस्कार के समस्त गुरुजन**
“विद्यार्थी की सफलता ही
गुरु का सबसे बड़ा सम्मान है।”