NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur

NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur NSS group of Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur, Arogya Dham, Balapar Road, Sonbarsa, Gorakhpur - 273007

दिनांक 27-08-2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में खेलो इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत माननीय प्रधानमंत्री जी ...
27/08/2026

दिनांक 27-08-2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में खेलो इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत माननीय प्रधानमंत्री जी का वर्चुअल संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं सशक्त भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा ।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल की अध्यक्षता में किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री कमलेश पासवान, केंद्रीय राज्य मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती सीमा पांडेय, जिला युवा अधिकारी, माय भारत, गोरखपुर उपस्थित रहीं । कार्यक्रम में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही । कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने माननीय प्रधानमंत्री जी के वर्चुअल संवाद को ध्यानपूर्वक सुना। प्रधानमंत्री जी ने युवाओं को खेलों से जुड़ने, शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने तथा खेल भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने खेलों को युवा शक्ति के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए देश में खेल संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया ।
कार्यक्रम के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय पांडेय ने कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को खेल एवं विभिन्न युवा गतिविधियों में अधिकाधिक सहभागिता के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है । इस अवसर पर डॉ. तरुण श्याम, डॉ. अमित उपाध्याय, श्री रवि निषाद, श्री जयंत गंगवार एवं श्री साध्वीनंदन पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी तथा 450 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे । कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ एवं सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ ।

दिनांक 17-08-2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, आयुर्वेद मह...
18/08/2026

दिनांक 17-08-2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, आयुर्वेद महाविद्यालय के संहिता सिद्धान्त एवं संस्कृत विभाग, भारतीय ज्ञान परम्परा केन्द्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में पंचकर्म सभागार में चरक जयंती एवं संस्कृत सप्ताह के समापन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम विभागाध्यक्ष डॉ. शान्ति भूषण हंडूर, डॉ. प्रज्ञा सिंह एवं आचार्य साध्वी नन्दन पाण्डेय के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. एन. सिंह, विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रकाश चन्द्र त्रिपाठी, प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम, डॉ कमलेश पांडे, डॉ विनम्र शर्मा एवं डॉ. प्रज्ञा सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के पश्चात् विद्यार्थियों एवं उपस्थित अतिथियों ने भारतीय ज्ञान परम्परा और आयुर्वेद की समृद्ध विरासत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की । मुख्य अतिथि डॉ. एस. एन. सिंह ने अपने मुख्य व्याख्यान में आचार्य चरक के आयुर्वेद में अमूल्य योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चरक संहिता केवल चिकित्सा का ग्रन्थ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और मानव कल्याण की समग्र दृष्टि प्रस्तुत करने वाला महान ग्रन्थ है। उन्होंने वर्तमान समय में आयुर्वेद के वैज्ञानिक अध्ययन, विकास एवं व्यापक प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने का आह्वान किया । इस अवसर पर माधवकर एवं नागार्जुन बैच के विद्यार्थियों द्वारा संहिता विभाग के मार्गदर्शन में तैयार की गई रचनात्मक कृति ‘श्लोकावली’ का विमोचन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार इस कृति में संस्कृत एवं शास्त्रीय ज्ञान के प्रति उनकी रुचि एवं रचनात्मकता का परिचय मिला ।
चरक जयंती के अवसर पर विद्यार्थियों ने संस्कृत नाटिका प्रस्तुत कर आचार्य चरक के जीवन, आयुर्वेदिक चिकित्सा-दृष्टि तथा लोककल्याण की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नाटिका ने उपस्थित दर्शकों को भारतीय चिकित्सा परम्परा की गौरवशाली विरासत से परिचित कराया।
डॉ. पी. सी. त्रिपाठी, सेवा प्रमुख, विश्व आयुर्वेद परिषद, उ.प्र. ने अपने संबोधन में आयुर्वेद की महत्ता एवं वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद की जीवनशैली आधारित दृष्टि आज की अनेक स्वास्थ्य चुनौतियों के संदर्भ में अत्यन्त उपयोगी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आयुर्वेद के मूल सिद्धान्तों को समझकर उन्हें समाज तक पहुँचाने का आह्वान किया । डॉ. ज्वाला प्रसाद मिश्रा, उपाध्यक्ष, विश्व आयुर्वेद परिषद, उ.प्र. ने आयुर्वेद के व्यापक उपयोग एवं उसकी लोककल्याणकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद की शक्ति उसके समग्र स्वास्थ्य-दृष्टिकोण में निहित है। उन्होंने आयुर्वेद के शास्त्रीय ज्ञान के संरक्षण तथा उसके वैज्ञानिक विकास की आवश्यकता पर बल दिया । कार्यक्रम में नागार्जुन बैच के छात्र राजेश द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गीत ने वातावरण को सांस्कृतिक रंग से भर दिया। इसके साथ ही संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया । समारोह के समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत एवं आयुर्वेद के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी शास्त्रीय एवं सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़ना चाहिए। उन्होंने संस्कृत और आयुर्वेद को भारतीय ज्ञान परम्परा की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया । कार्यक्रम के अन्त में डॉ. प्रज्ञा सिंह ने आभार ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, सृजनशीलता और अपनी परम्परा के प्रति गौरव की भावना विकसित करते हैं । इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदान्तम, उप प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार पांडेय, डॉ. देवी नायर, डॉ. प्रज्ञा सिंह, डॉ. विनम्र शर्मा सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन एवं प्रबंधन शिवांश सिंह, विपुल कुमार शर्मा, ध्रुव अग्रवाल एवं अरुष पाठक द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में माधवकर एवं नागार्जुन बैच के विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा । सम्पूर्ण समारोह ज्ञानवर्धक, सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में आयुर्वेद, संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रति जागरूकता, गौरव एवं उत्साह का संचार किया तथा अपनी समृद्ध ज्ञान-विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया ।

17/08/2026
15/08/2026

80वें स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं |
#स्वतंत्रता_दिवस

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ आयुर्विज्ञान संस्थान, आयुर्वेद महाविद्यालय के संहिता सिद्धान्त ए...
13/08/2026

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ आयुर्विज्ञान संस्थान, आयुर्वेद महाविद्यालय के संहिता सिद्धान्त एवं संस्कृत विभाग, भारतीय ज्ञान परम्परा केन्द्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में चरक जयन्ती एवं संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत दिनांक 12 अगस्त 2026 को भारतीय ज्ञान संपदा विषय पर संस्कृत भाषण व पोस्टर प्रजेंटेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
भाषण प्रतियोगिता में नागार्जुन बैच के विपुल कुमार शर्मा तथा माधवकर बैच की उन्नति एवं मेघा ने भारतीय ज्ञान सम्पदा विषय पर अपने प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए । सभी प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास एवं उत्कृष्ट वक्तृत्व-कौशल का परिचय दिया। संस्कृत भाषा प्रतियोगिता के निर्णायक आचार्य साध्वी नन्दन पाण्डेय व डॉ अर्पित रहे । पोस्टर प्रतियोगिता में शिवांश सिंह, अंशिका, दीपेश एवं ईशा यादव ने अपने आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक पोस्टरों का प्रदर्शन किया तथा उनके माध्यम से विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया ।
पोस्टर प्रजेंटेशन प्रतियोगिता का निर्णायक की भूमिका निभाते हुए डॉ. अर्पित वालिया ने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ. प्रज्ञा सिंह ने भी विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा की तथा भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आयोजन ध्रुव अग्रवाल एवं शिवांश सिंह डॉ शान्ति भूषण के निरीक्षण में किया गया । संपूर्ण कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अत्यंत सफल रहा । कार्यक्रम सभी बीएएमएस विद्यार्थियों की उपस्थिति रही ।

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ आयुर्विज्ञान संस्थान, आयुर्वेद महाविद्यालय के संहिता सिद्धान्त ...
12/08/2026

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ आयुर्विज्ञान संस्थान, आयुर्वेद महाविद्यालय के संहिता सिद्धान्त एवं संस्कृत विभाग, भारतीय ज्ञान परम्परा केन्द्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में चरक जयन्ती एवं संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत दिनांक 11 अगस्त 2026 को ‘स्वास्थ्यस्य महत्त्वम्’ (स्वास्थ्य का महत्व) विषय पर संस्कृत काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि, रचनात्मक अभिव्यक्ति तथा स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा । विद्यार्थियों ने संस्कृत काव्य के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, स्वास्थ्य संरक्षण तथा आयुर्वेद की उपयोगिता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया ।
प्रतियोगिता में डॉ. नवीन एवं डॉ. साध्वी नन्दन पाण्डेय ने निर्णायक की भूमिका निभाते हुए प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया । निर्णायकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, संस्कृत भाषा की शुद्धता, भावाभिव्यक्ति एवं विषय-वस्तु के आधार पर प्रस्तुतियों का आकलन किया ।
इस अवसर पर डॉ. नवीन ने कहा कि स्वास्थ्य ही मनुष्य के जीवन की वास्तविक संपदा है । आयुर्वेद ने सदैव रोग के उपचार के साथ-साथ स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और सकारात्मक विचारों का विकास संभव है।” विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध ज्ञान परम्परा को समझने का माध्यम है । कार्यक्रम का संयोजन व संचालन डा साध्वी नन्दन पाण्डेय व हर्षित द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के माध्यम से स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जनसामान्य तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया । संस्कृत काव्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मेघा अग्रवाल, द्वितीय स्थान रिया श्रीवास्तव तथा तृतीय स्थान गंगेश व शिवांगी राठौर ने प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को आगामी कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा । कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम, डॉ. नवीन, डॉ. प्रज्ञा सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे । कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा, आयुर्वेद एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रति रुचि एवं गौरव की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया ।

दिनांक 10 अगस्त, 2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ आयुर्विज्ञान संस्थान, आयुर्वेद महाविद्...
11/08/2026

दिनांक 10 अगस्त, 2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ आयुर्विज्ञान संस्थान, आयुर्वेद महाविद्यालय के संहिता सिद्धान्त एवं संस्कृत विभाग, भारतीय ज्ञान परम्परा केन्द्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में चरक जयन्ती एवं संस्कृत सप्ताह का शुभारम्भ समारोह आयोजित किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा, आयुर्वेद तथा भारतीय ज्ञान परम्परा की समृद्ध विरासत से परिचित कराना एवं इसके संरक्षण तथा संवर्धन के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विमल दूबे ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में भारतीय ज्ञान परम्परा, मातृभाषाओं एवं संस्कृत जैसी शास्त्रीय भाषाओं के अध्ययन को विशेष महत्व दिया गया है । उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारत की विशाल ज्ञान-संपदा की संवाहक भाषा है। वेद, उपनिषद्, दर्शन, आयुर्वेद, योग, व्याकरण, गणित, ज्योतिष एवं विविध भारतीय शास्त्रों में निहित ज्ञान को समझने के लिए संस्कृत का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। भारतीय ज्ञान परम्परा किसी एक वर्ग या विषय तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण समाज और प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपयोगी एवं आवश्यक है । उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ज्ञान परम्परा के प्रति गौरव का भाव रखते हुए आधुनिक ज्ञान के साथ उसका समन्वय करने का आह्वान किया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आयुर्वेद की मूल अवधारणाओं एवं शास्त्रीय ग्रन्थों को समझने के लिए संस्कृत का विशेष महत्व है । उन्होंने विद्यार्थियों को चरकाचार्य के आदर्शों एवं आयुर्वेद की लोककल्याणकारी भावना को अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया । उप प्राचार्य डॉ. कमलेश पाण्डेय ने कहा कि “संस्कृत भाषा समस्त भारतीय ज्ञान-संपदा की कुञ्जी है।” संस्कृत के माध्यम से हम भारतीय ज्ञान परम्परा के मूल स्रोतों तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत का अध्ययन केवल पाठ्यक्रम की आवश्यकता नहीं, बल्कि अपने शास्त्र को मूल रूप में समझने का माध्यम है । कार्यक्रम अधिकारी आचार्य साध्वी नन्दन पाण्डेय ने चरक जयन्ती एवं संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की । उन्होंने बताया कि सप्ताह भर विद्यार्थियों के लिए संस्कृत भाषण, संस्कृत सम्भाषण, श्लोक-पाठ, संस्कृत नाट्य, संस्कृत लघुचलचित्र एवं रील, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा । उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया ।
विद्यार्थियों सभी के दीर्घायु के कामना हेतु चरक संहिता के दीर्घजीवतीय अध्याय का परायण किया। कार्यक्रम का संयोजन व मार्गदर्शन डॉ शान्ति भूषण ने किया |
कार्यक्रम के अन्त में डॉ. प्रज्ञा सिंह ने सभी अतिथियों, प्राचार्य, उप प्राचार्य, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार ज्ञापित किया । कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे ।

दिनांक 10-08-2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘हर घर तिरंग...
11/08/2026

दिनांक 10-08-2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया । रैली में राष्ट्रीय सेवा योजना के लगभग 300 विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए राष्ट्रध्वज के सम्मान, राष्ट्रीय एकता तथा देश के प्रति नागरिक कर्तव्यों के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दिया ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने हाथों में तिरंगा लेकर अनुशासित एवं गरिमापूर्ण ढंग से रैली में सहभागिता की । रैली के माध्यम से आमजन को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने तथा अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया गया । कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व एवं राष्ट्रध्वज से जुड़े ऐसे अभियान युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्रीय चेतना की भावना को प्रबल करते हैं। ‘हर घर तिरंगा’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना जागृत करने का सशक्त माध्यम है । रैली में श्री रवि निषाद के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के लगभग 300 विद्यार्थी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा एवं मर्यादा बनाए रखने तथा राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के प्रति सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया । कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ । रैली ने विश्वविद्यालय परिसर में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय गौरव का वातावरण निर्मित करते हुए विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को ‘हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा’ के संदेश से प्रेरित किया ।

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