Sri Karan Narendra Agriculture University, Jobner

Sri Karan Narendra Agriculture University, Jobner S.K.N. Agriculture University, Jobner

Sri Karan Narendra Agriculture University, Jobner- Jaipur was established in 2013 by Govt of Rajasthan under Agriculture University, Jobner Act, 2013 (Bill No 39) with a view to impart teaching at the University or college level, conduct research and extension education programmes in the field of agriculture. The territorial jurisdiction and responsibility of this University extend to the district

s of Jaipur, Sikar, Alwar, Dausa, Tonk, Ajmer, Bhartpur and Dholpur. The university covers three agro-climatic zones:

II A: Transitional plain of inland drainage - Sikar

III A: Semi-arid eastern plain zone- Jaipur, Ajmer, Tonk, Dausa

III B: Flood prone eastern plains- Alwar, Bharatpur, Dholpur

श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार में आधुनिक तकनीकों के उपयोग की दिशा मे...
22/08/2026

श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार में आधुनिक तकनीकों के उपयोग की दिशा में AI स्मार्ट ग्लास का सफल क्षेत्र-परीक्षण किया गया। मैसर्स हरितभूमि की टीम ने SKN कृषि महाविद्यालय के खेतों में मूंगफली, ग्वार, बाजरा, ग्वार एवं लसोड़ा फसलों पर इसका प्रदर्शन किया।

🌾 **कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की नई क्रांति — श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में AI स्मार्...
22/08/2026

🌾 **कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की नई क्रांति — श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में AI स्मार्ट ग्लास का सफल क्षेत्र-परीक्षण** 🤖

श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर द्वारा कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों में अत्याधुनिक तकनीक को समाहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिनांक 21.08.2026 को मैसर्स हरितभूमि (M/s Haritbhoomi) की टीम ने विश्वविद्यालय का दौरा किया तथा श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय (SKNCOA), जोबनेर के खेतों में अपने अत्याधुनिक AI स्मार्ट ग्लास का वास्तविक समय (Real-Time) में परीक्षण किया। इस अवसर पर मैसर्स हरितभूमि के संस्थापक श्री रजनीश त्रिपाठी, निदेशक अनुसंधान डॉ. उम्मेद सिंह, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. शैलेश गोदिका, प्रभारी CIMCA एवं संयोजक AI लैब डॉ. सुरेश कुमार शर्मा, डॉ. एस.के. गोयल, डॉ. पारुल एवं डॉ. निधि सहित विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

परीक्षण के दौरान मूंगफली, ग्वार, बाजरा, क्लस्टर बीन एवं लसोड़ा जैसी विभिन्न फसलों पर AI स्मार्ट ग्लास के प्रदर्शन का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। यह हल्का व हाथों को पूर्णतः मुक्त रखने वाला (हैंड्स-फ्री) उपकरण एक पॉइंट-ऑफ-व्यू (POV) कैमरा, ऑन-डिवाइस AI, वॉइस असिस्टेंट तथा ऑटोमेटिक जियो-टैगिंग जैसी विशेषताओं से युक्त है, जिसकी सहायता से खेत में मौजूद अधिकारी अथवा विद्यार्थी मात्र फसल की ओर देखकर ही पौधे की पत्तियों, रंग एवं संरचना का त्वरित विश्लेषण प्राप्त कर सकता है। परीक्षण के दौरान यह तकनीक फसलों में उपस्थित कीट एवं रोगों की सटीक व त्वरित पहचान करने में पूर्णतः सफल रही तथा साथ ही संभावित रासायनिक अथवा जैविक उपचार व निवारण संबंधी व्यावहारिक सुझाव भी तत्काल प्रदान किए। इसके अतिरिक्त यह उपकरण पोषक तत्वों की कमी (Nutrient Deficiency) की पहचान, उपज पूर्वानुमान (Yield Prediction) तथा प्रत्येक अवलोकन का स्वतः जियो-टैग्ड एवं समय-अंकित (टाइम-स्टैम्प्ड) रिकॉर्ड तैयार करने में भी सक्षम पाया गया, जिससे खेत-स्तरीय आंकड़ों का एक सशक्त एवं पारदर्शी डेटाबेस तैयार होना संभव होगा।

क्षेत्र-परीक्षण के सफल समापन के उपरांत माननीय कुलपति महोदय की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय एवं मैसर्स हरितभूमि के मध्य अनुसंधान सहयोग हेतु प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding - MoU) की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस प्रस्तावित समझौते के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर एवं इसकी क्षेत्रीय/प्रसार गतिविधियों में AI स्मार्ट ग्लास की स्थापना की परिकल्पना की गई है, जिसके माध्यम से स्नातक विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों को कंप्यूटर विज़न, ऑन-डिवाइस AI एवं संवर्धित वास्तविकता (Augmented Reality) आधारित क्षेत्र-निदान तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण व अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही यह समझौता उद्योग-अकादमिक सहयोग के एक ऐसे प्रतिकृति-योग्य (Replicable) मॉडल के निर्माण की दिशा में भी अग्रसर है, जिसे भविष्य में देश के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों में भी विस्तारित किया जा सकेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह पहल कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान की दिशा में एक नया कीर्तिमान (नया बेंचमार्क) स्थापित करेगी तथा प्रदेश एवं देश के किसानों तक अत्याधुनिक, विशेषज्ञ-स्तरीय कृषि सलाह पहुँचाने में एक क्रांतिकारी भूमिका निभाएगी। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर सदैव नवाचार, अनुसंधान एवं आधुनिक डिजिटल तकनीकों को कृषि शिक्षा व प्रसार गतिविधियों से जोड़ने हेतु प्रतिबद्ध है और आगामी समय में इस समझौते के औपचारिक रूप से क्रियान्वित होने के पश्चात इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही देखने को मिलेंगे। 🌱

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पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के प्रशिक्ष...
22/08/2026

पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के प्रशिक्षणात्मक फार्म पर ‘हरियालो राजस्थान–एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

22/08/2026

पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के प्रशिक्षणात्मक फार्म पर शुक्रवार को ‘हरियालो राजस्थान–एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

21/08/2026

पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के प्रशिक्षणात्मक फार्म पर शुक्रवार को ‘हरियालो राजस्थान–एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कृषि छात्रों ने किया श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर का शैक्षणिक भ्रमणश्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोब...
21/08/2026

कृषि छात्रों ने किया श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर का शैक्षणिक भ्रमण

श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर में भारत माता सीनियर सेकेंडरी स्कूल, परसरामपुरा, झुंझुनूं के छात्रों ने शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान छात्रों को कृषि शिक्षा, करियर एवं रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई।

सर्वप्रथम प्रसार शिक्षा विभाग के डॉ. आई.एम. खान एवं डॉ. बी.एस. बधाला ने छात्रों के साथ करियर संबंधी चर्चा की। उन्होंने कृषि महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया, विभिन्न पाठ्यक्रमों तथा कृषि क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं करियर के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इसके बाद छात्रों ने हॉर्टिकल्चर विभाग का भ्रमण किया, जहां डॉ. ओ.पी. गढ़वाल ने पॉलीहाउस तकनीक, इसके उपयोग एवं संरक्षित खेती से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। विद्यार्थियों ने पोल्ट्री यूनिट का भी भ्रमण किया, जहां आदित्य शर्मा ने छात्रों को पोल्ट्री पालन एवं इससे जुड़ी व्यावहारिक जानकारी से अवगत कराया।

सोशल साइंस विभाग में डॉ. सुशीला ने छात्रों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड से संबंधित जानकारी दी तथा मृदा परीक्षण और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व के बारे में बताया। वहीं, एंटोमोलॉजी विभाग में डॉ. शंकर लाल शर्मा ने छात्रों को कीट विज्ञान एवं फसलों में कीट प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान अर्जुन खर्रा, स्कूल के अध्यापक मुकेश सैन एवं मुकेश वर्मा भी मौजूद रहे।

1011 पौधों से गूंजा हरियाली का संदेश, श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय ने दिया पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश‘हरियाल...
21/08/2026

1011 पौधों से गूंजा हरियाली का संदेश, श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय ने दिया पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश

‘हरियालो राजस्थान–एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत प्रशिक्षणात्मक फार्म पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण

जयपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के प्रशिक्षणात्मक फार्म पर शुक्रवार को ‘हरियालो राजस्थान–एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 1011 जामुन एवं मोरिंगा के पौधे लगाए गए। विश्वविद्यालय के 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण में भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान एवं अधिष्ठाता एवं संकायाध्यक्ष डॉ. एल. आर. यादव के सान्निध्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के निदेशक, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पौधारोपण को जन-अभियान का रूप देना और लगाए गए पौधों का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय होने के नाते पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और हरित परिसर के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे स्वयं पौधे लगाएं और अपने परिवार तथा समाज को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करें।

अधिष्ठाता एवं संकायाध्यक्ष डॉ. एल. आर. यादव ने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा और अनुसंधान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

हरियालो राजस्थान अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. एस. पी. सिंह ने बताया कि अभियान के तहत प्रशिक्षणात्मक फार्म पर 1011 जामुन एवं मोरिंगा के पौधे लगाए गए। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के निदेशक, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं कर्मचारी सहित 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

तीन दिवसीय कार्यशाला हुआ समापन  गेहूं एवं जौ अनुसंधान हुई चर्चा
21/08/2026

तीन दिवसीय कार्यशाला हुआ समापन  गेहूं एवं जौ अनुसंधान हुई चर्चा

20/08/2026

तीन दिवसीय कार्यशाला आज हुआ समापन  गेहूं एवं जौ अनुसंधान हुई चर्चा

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