22/08/2026
🌾 **कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की नई क्रांति — श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में AI स्मार्ट ग्लास का सफल क्षेत्र-परीक्षण** 🤖
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर द्वारा कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों में अत्याधुनिक तकनीक को समाहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिनांक 21.08.2026 को मैसर्स हरितभूमि (M/s Haritbhoomi) की टीम ने विश्वविद्यालय का दौरा किया तथा श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय (SKNCOA), जोबनेर के खेतों में अपने अत्याधुनिक AI स्मार्ट ग्लास का वास्तविक समय (Real-Time) में परीक्षण किया। इस अवसर पर मैसर्स हरितभूमि के संस्थापक श्री रजनीश त्रिपाठी, निदेशक अनुसंधान डॉ. उम्मेद सिंह, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. शैलेश गोदिका, प्रभारी CIMCA एवं संयोजक AI लैब डॉ. सुरेश कुमार शर्मा, डॉ. एस.के. गोयल, डॉ. पारुल एवं डॉ. निधि सहित विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।
परीक्षण के दौरान मूंगफली, ग्वार, बाजरा, क्लस्टर बीन एवं लसोड़ा जैसी विभिन्न फसलों पर AI स्मार्ट ग्लास के प्रदर्शन का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। यह हल्का व हाथों को पूर्णतः मुक्त रखने वाला (हैंड्स-फ्री) उपकरण एक पॉइंट-ऑफ-व्यू (POV) कैमरा, ऑन-डिवाइस AI, वॉइस असिस्टेंट तथा ऑटोमेटिक जियो-टैगिंग जैसी विशेषताओं से युक्त है, जिसकी सहायता से खेत में मौजूद अधिकारी अथवा विद्यार्थी मात्र फसल की ओर देखकर ही पौधे की पत्तियों, रंग एवं संरचना का त्वरित विश्लेषण प्राप्त कर सकता है। परीक्षण के दौरान यह तकनीक फसलों में उपस्थित कीट एवं रोगों की सटीक व त्वरित पहचान करने में पूर्णतः सफल रही तथा साथ ही संभावित रासायनिक अथवा जैविक उपचार व निवारण संबंधी व्यावहारिक सुझाव भी तत्काल प्रदान किए। इसके अतिरिक्त यह उपकरण पोषक तत्वों की कमी (Nutrient Deficiency) की पहचान, उपज पूर्वानुमान (Yield Prediction) तथा प्रत्येक अवलोकन का स्वतः जियो-टैग्ड एवं समय-अंकित (टाइम-स्टैम्प्ड) रिकॉर्ड तैयार करने में भी सक्षम पाया गया, जिससे खेत-स्तरीय आंकड़ों का एक सशक्त एवं पारदर्शी डेटाबेस तैयार होना संभव होगा।
क्षेत्र-परीक्षण के सफल समापन के उपरांत माननीय कुलपति महोदय की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय एवं मैसर्स हरितभूमि के मध्य अनुसंधान सहयोग हेतु प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding - MoU) की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस प्रस्तावित समझौते के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर एवं इसकी क्षेत्रीय/प्रसार गतिविधियों में AI स्मार्ट ग्लास की स्थापना की परिकल्पना की गई है, जिसके माध्यम से स्नातक विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों को कंप्यूटर विज़न, ऑन-डिवाइस AI एवं संवर्धित वास्तविकता (Augmented Reality) आधारित क्षेत्र-निदान तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण व अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही यह समझौता उद्योग-अकादमिक सहयोग के एक ऐसे प्रतिकृति-योग्य (Replicable) मॉडल के निर्माण की दिशा में भी अग्रसर है, जिसे भविष्य में देश के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों में भी विस्तारित किया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह पहल कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान की दिशा में एक नया कीर्तिमान (नया बेंचमार्क) स्थापित करेगी तथा प्रदेश एवं देश के किसानों तक अत्याधुनिक, विशेषज्ञ-स्तरीय कृषि सलाह पहुँचाने में एक क्रांतिकारी भूमिका निभाएगी। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर सदैव नवाचार, अनुसंधान एवं आधुनिक डिजिटल तकनीकों को कृषि शिक्षा व प्रसार गतिविधियों से जोड़ने हेतु प्रतिबद्ध है और आगामी समय में इस समझौते के औपचारिक रूप से क्रियान्वित होने के पश्चात इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही देखने को मिलेंगे। 🌱
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