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संस्कृतम्संस्कृतभाषा भारतस्यात्मा, संस्कृतदिवसस्तदुत्सवः। सम्यक् पालयाम:, संवर्धयामश्च।हिन्दीसंस्कृत भाषा भारत की आत्मा ...
09/08/2025

संस्कृतम्
संस्कृतभाषा भारतस्यात्मा, संस्कृतदिवसस्तदुत्सवः। सम्यक् पालयाम:, संवर्धयामश्च।

हिन्दी
संस्कृत भाषा भारत की आत्मा है और संस्कृत दिवस उसका उत्सव। आओ, हम इसे संजोएँ और बढ़ाएँ।

English:
Sanskrit is the soul of India and Sanskrit Day is its celebration. Let us preserve it and help it flourish.

संस्कृतदिवसस्य शुभकामना:
09/08/2025

संस्कृतदिवसस्य शुभकामना:

आज दिनांक 08.08.2025 को युवराज दत्त स्नातकोतर महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी के संस्कृतछात्रपरिषद् द्वारा संस्कृत भारती एवं अ...
08/08/2025

आज दिनांक 08.08.2025 को युवराज दत्त स्नातकोतर महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी के संस्कृतछात्रपरिषद् द्वारा संस्कृत भारती एवं अनुरंजनी संस्था (लखीमपुर) के संयुक्त तत्त्वावधान में आज संस्कृत सुलेख प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता संस्कृत सप्ताह (6 अगस्त से 12 अगस्त 2025) के अंतर्गत आयोजित हुई।

कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन संस्कृत विभाग प्रभारी डॉ. श्वेतांक भारद्वाज ने किया। डॉ. भारद्वाज ने संस्कृत सप्ताह के उ‌द्देश्यों की जानकारी देते हुए और अपने उ‌द्बोधन में संस्कृत भाषा में लिखी पांडुलिपियों के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना आवश्यक है। इसी क्रम में संस्कृत भारती के द्वारा आयोजित संस्कृत सप्ताह के संयोजक डॉ. ओंकार नारायण दुबे ने संस्कृत संभाषण के महत्त्व से सभा को अवगत कराया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हेमन्त कमार पाल ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उ‌द्बोधन में कहा कि संस्कृत भाषा संस्कृति की आत्मा है और इसका अध्ययन व्यक्ति को न केवल विद्वत्ता प्रदान करता है बल्कि उसके व्यवहार को भी सम्मानजनक बनाता है। मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृत भारती के अध्यक्ष श्री हरि प्रकाश त्रिपाठी एवं अनुरंजनी संस्था की प्रधान श्रीमती मधुलिका त्रिपाठी उपस्थित रहीं।

विशिष्ट अतिथियों में अनुरंजनी संस्था के संस्थापक श्री मनीष जायसवाल, अधिवक्ता श्री जितेन्द्र नाथ त्रिवेदी एवं महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. देवकीनन्दन मालपानी उपस्थित रहे । श्री मनीष जायसवाल ने सुलेख के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तम लेखन शैली व्यक्ति की बौद्धिक और सांस्कृतिक छवि को निखारती है। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रतिभाग करके सुंदर, स्पष्ट एवं शुद्ध संस्कृत लेखन का प्रदर्शन किया। विजयी प्रतिभागियों को 12 अगस्त को संस्कृत सप्ताह के समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के आचार्य प्रो. नूतन सिंह, प्रो. विशाल द्विवेदी, डॉ. इष्ट विभु, डॉ. सतेंद्र पाल सिंह एवं डॉ. धर्मनारायण तथा शिक्षणेतर कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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