11/10/2025
एमडीयू गणित विभाग में एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स कार्यशाला का सफल समापन
-विद्यार्थियों को मिला संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का व्यावहारिक प्रशिक्षण
रोहतक, 11 अक्टूबर। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के गणित विभाग में करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल के सहयोग से महिंद्रा प्राइड (नंदी फाउंडेशन) क्लासरूम द्वारा प्रायोजित एम्प्लायबिलिटी एनहांसमेंट स्किल्स विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला संपन्न हो गयी।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. बी. के. दास, प्रख्यात वैज्ञानिक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, गणित विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय रहे। वे एशियाई देशों में शोध को नोबेल स्तर तक पहुँचाने के उद्देश्य से गठित अंतर्राष्ट्रीय समिति के प्रतिष्ठित सदस्य भी हैं। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं न केवल रोजगारोन्मुखी कौशल को बढ़ावा देती हैं, बल्कि नवाचार और अनुसंधान की भावना को भी प्रोत्साहित करती हैं।
समारोह के विशिष्ट अतिथि डॉ. सतीश मलिक, लाइब्रेरियन, विवेकानंद पुस्तकालय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकें ज्ञान का सबसे बड़ा भंडार हैं और सतत अध्ययन ही जीवन में निरंतर प्रगति का मार्ग है।
इस अवसर पर गणित विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुमित गिल ने कहा कि कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और अनुसंधान क्षमता ही आज के प्रतिस्पर्धी युग में सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। प्रो. दिव्या मल्हान, निदेशक, करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करते हैं।
एनएसएस कोऑर्डिनेटर एवं उपनिदेशक प्रो. सविता राठी ने विद्यार्थियों को सतत आत्म विकास की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रशिक्षण न केवल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास उत्पन्न करता है, बल्कि उन्हें अपने करियर के प्रति गंभीर और सजग भी बनाता है।
कार्यशाला का संचालन रविंदर सिंह और जयदीप मल्होत्रा द्वारा दिया गया। दोनों प्रशिक्षकों ने संचार कौशल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और साक्षात्कार तकनीकों के व्यवहारिक पहलुओं पर विद्यार्थियों को प्रभावशाली ढंग से मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला की समन्वयक डॉ. मीनाक्षी हुड्डा ने विद्यार्थियों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मोनिका और डॉ. नेहा ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया, जबकि समापन समारोह का संचालन डॉ. मोनिका द्वारा किया गया।
इस अवसर पर शोधार्थी सचिन, नविता, अर्चना, कुसुम, सतीश और अमन ने आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। गणित विभाग के समस्त शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यशाला से प्राप्त अनुभवों को साझा किया। विद्यार्थियों ने फीडबैक में बताया कि इस कार्यशाला से उनके आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और पेशेवर दक्षताओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने भविष्य में इस प्रकार की और कार्यशालाओं की भी अपेक्षा जताई।