23/09/2025
वर्ष २०२० महामारी के समय पर जब सरकार ने मंदिर परिसर नियंत्रणों के साथ खोलने की अनुमति दी थी इस समय मैं बडौदा निवास करता था किंतु इस समय पर भी अचानक इस तरह कुछ कार्य के लिए निकलना पड़ा था और महामारी के बाद प्रथम दर्शन महेसाना जनपद के वसई स्थित मोटा अंबाजी मंदिर में करके विकट परिस्थिति में रक्षा करने पर माता अंबाजी को कोटि कोटि वंदन किया था।
कल माता जक्षणी के दर्शन कोई योजना बगैर अवसर प्राप्त हुआ और आज दूसरी नवरात्रि के पावन अवसर पर एक आधिकारिक कार्य पूर्ण करते हुए वापस गांधीनगर लौटते हुए अचानक वह दिन याद आ गया और मैं अपने आप को रोक नहीं पाया और माता अंबाजी के पावन दर्शन करके धन्य हुआ।
मेरे पूर्व साथी अध्यापक रोहितजी जानी, इनके पिताजी प्रबोधभाई जानी, माताजी, रोहित जी की धर्मपत्नी, बिटिया एवम् वैद्य खंजन सभी को मिलने का अवसर मिला।
#वंदे_संस्कृतमातरम्
#नियति
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