05/02/2026
हाँ मुझे याद है :
भले ही आज वो सारी बातें एक-एक करके सामने न हों,
तब मेरा कॉलेज : DEI आधुनिक नहीं था,
लेकिन इरादे मज़बूत थे।
हमने स्मार्ट क्लासरूम नहीं देखे,
पर ज़िंदगी की सबसे कठिन कक्षाएँ वहीं पास कीं।
सीखा कि सीमित साधनों में कैसे hard और smart काम किया जाता है,
बिना शोर किए, बिना दिखावे के।
वो साल हमें चमक नहीं दे पाए,
पर उन्होंने हमें टिकना सिखाया।
संघर्ष में आत्मसम्मान,
सफलता में सादगी,
और भीड़ में अपनी अलग पहचान।
आज पीछे मुड़कर देखते हैं तो समझ आता है —
डिग्री से ज़्यादा क़ीमती वो माहौल था,
जहाँ दोस्ती स्वार्थ से मुक्त थी,
और सपने मेहनत के भरोसे खड़े होते थे।
हमारा कॉलेज शायद modern नहीं था,
पर उसने हमें इंसान बनाया —
और वही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
— यादों की सवारी के लिए 🚲✨आप सब के नाम ,,
❤️❤️
- शंकर करगेती
(1979-83)