01/04/2022
Hindu Nav Varsh 2022: हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है. इस साल हिंदू नववर्ष (Hindu Nav Varsh 2079) का प्रारंभ 02 अप्रैल दिन शनिवार को चैत्र नवरात्रि से हो रहा है. हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत या नव संवत्सर कहते हैं. इसका प्रारंभ सम्राट विक्रमादित्य ने किया था, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होता है. इस बार 02 अप्रैल को हिंदू नववर्ष 2079 या विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ होगा. हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत, नव संवत्सर, गुड़ी पड़वा, उगाड़ी आदि नामों से भी जाना जाता है. विक्रम संवत के प्रथम दिन से ही बसंत नवरात्रि का प्रारंभ होता है, जो चैत्र नवरात्रि के नाम से लोकप्रिय है. हिंदू नववर्ष का प्रारंभ शनिवार से हो रहा है. विक्रम संवत 2079 (Vikram Samvat 2079) की प्रथम तिथि एवं नव संवत्सर के बारे में:
विक्रम संवत 2079 पहली तिथि
विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है. इस बार चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 01 अप्रैल को दिन में 11:53 बजे से हो रहा है और इसका समापन 02 अप्रैल को दिन में 11:58 बजे होगा. ऐसे में सूर्योदय के आधार पर तिथि की गणना होती है. इस प्रकार विक्रम संवत 2079 या हिंदू नववर्ष 2079 का पहला दिन 02 अप्रैल से शुरु होगा.
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विक्रम संवत 2079 के राजा हैं शनि
विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ शनिवार से हो रहा है, इसलिए इस हिंदू नववर्ष राजा शनिदेव हैं. देव गुरु बृहस्पति मंत्री हैं और मेघेश बुध हैं. शनि के राजा होने के कारण इस साल कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना होगा, जिसमें खराब अर्थव्यवस्था, महामारी, महंगाई, सत्ता परिवर्तन, असुरक्षा, आतंकवादी घटनाएं आदि शामिल हैं.
हिंदू नववर्ष से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
1. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, विक्रम संवत के प्रथम दिन ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचाना की थी. प्रभु श्रीराम एवं धर्मराज युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी विक्रम संवत के प्रथम दिन हुआ था. हिंदू नववर्ष के प्रथम दिन से ही नया पंचाग शुरू होता है.
2. एक विक्रम संवत में 12 माह होते हैं, 30 दिनों का एक माह होता है और सात दिनों का एक सप्ताह होता है. इस कैलेंडर में तिथि की गणना होती है. इसी विक्रम संवत कैलेंडर को आधार मानकर अन्य धर्म के लोगों ने अपने कैलेंडर बनाए.
3. विक्रम संवत की प्रत्येक तिथि यानी दिन की गणना सूर्योदय को आधार मानकर किया जाता है. हिंदू कैलेंडर का हर दिन सूर्योदय से शुरु होता है और अगले सूर्योदय तक मान्य होता है.
4. विक्रम संवत के एक माह के दो हिस्से हैं. पहला कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष. 15 दिनों का एक पक्ष होता है. कृष्ण पक्ष का 15 दिन अमावस्या और शुक्ल पक्ष का 15वां दिन पूर्णिमा होती है.
5. विक्रम संवत कैलेंडर का पहला माह चैत्र और 12वां यानी अंतिम माह फाल्गुन होता है. इस कैलेंडर के तिथियों की गणनाएं पंचांग के आधार पर होती हैं.
6. विक्रम संवत कैलेंडर अंग्रेजी कैलेंडर से 57 साल आगे है.