13/12/2024
सबकुछ हैं तेरा सीमित, बेहिसाब नहीं है.
तुझमें प्रेम,स्नेह,अपनापन,आदाब नहीं है.
माना की ये शहर तू ख़ूबसूरत है बहुत,
पर मेरे गाँव की तरह तू लाजवाब नहीं हैं.
साथियों, बचपन की कहानियां तो हर किसी के पास होती है बस उसी के कुछ यादगार पलों का साथ चाहिए���
हंसवर भोलेपुर
Akbarpur
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