21/02/2021
बायोवेद के 23 वें अधिवेशन में कृषि वैज्ञानिकों ने दिए सुझाव
प्रयागराज l खेती से किसानों का मोह भंग लगातार बढ़ा है l वे पलायन करने को मजबूर हैं l अन्नदाता कहे जाने किसानों के घर का युवा शहरों में चौकीदार बनने को प्राथमिकता देने लगा हैl खेती- किसानी की दशा खराब हैl हालांकि, हालात बदल रहे हैं पर इसे और बेहतर किए जाने की जरूरत है l नई तकनीक, कम लागत और आसान बाजार मौजूदा समय में किसानों की जरूरत है l
यह बातें शनिवार को बायोवेद के 23 वें कृषि वैज्ञानिकों एवं किसानों के अधिवेशन में कृषि विशेषज्ञों ने कहीं l सुझाव दिया कि समूह में खेती करने पर लागत, ढूलाई और बाजार तीनों का लाभ मिलेगा l
मोहरब स्थित बायोवेद कृषि एवं प्रौद्योगिकी शोध संस्थान के सभागार ( ब्रियाटस ) में दो दिवसीय अधिवेशन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई l कालेज के छात्र- छात्राओं ने स्वागत गीत से मेहमानों का स्वागत किया l अधिवेशन में कई कृषि विशेषज्ञों के अलावा कई प्रांतों के प्रगतिशील किसान जुटे l
पूर्व कैबिनेट मंत्री डाo नरेंद्र कुमार सिंह गौर ने कहा कि किसानों को जागरूक किए जाने की जरूत है l उत्तर प्रदेश सरकार ने एक जिला, एक उत्पाद के जरिए बेहतर प्रयास शुरु किया है l रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्व विद्यालय झाँसी के कुलाधिपति डाo पंजाब सिंह ने किसानों के सामने आ रहीं समस्याओं का विस्तार से जिक्र किया l चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय सतना के पूर्व कुलपति डाo ज्ञानेंद्र सिंह ने जमीनी स्तर पर कार्य किए जाने पर जोर दिया l लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष डाo केबी पांडेय ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की l पूर्वांचल विश्व विद्यालय जौनपुर के पूर्व कुलपति डाo पीयूष रंजन अग्रवाल, बायोवेद के अध्यक्ष जे पी श्रीवास्तव समेत अन्य कई कृषि विशेषज्ञों ने विचार रखे l शाम को शुरु दूसरे सत्र में लखनऊ से आईं डाo दीपा द्विवेदी, प्रोफेसर रमेश सिंह यादव, डाo जी एस कुलमी, डाo आर के सिंह आदि ने कम लागत में ज्यादा मुनाफे वाली खेती के टिप्स दिये l सात सत्रों में होने वाले अधिवेशन का समापन 21 फरवरी की शाम को होगा l