15/09/2026
हिन्दी दिवस दिवस हो गया, अब............
१. आपकी मातृभाषा यदि हिन्दी नहीं भी है तो भी भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी को सहजता से अंगीकार करें ।
२. जहाँ कहीं अंग्रेजी की अनिवार्यता न हो वहाँ सदैव अपना नाम देवनागरी लिपि में लिखें/टंकित करें ।
३. अपने हस्ताक्षर अपनी मातृभाषा/हिन्दी में करें ।
४. अंक उच्चारण के लिए अपने एक दो तीन का प्रयोग करें, One Two Three का नहीं ।
५. छोटे बड़ों से अभिवादन के लिए नमस्ते/प्रणाम/राम राम आदि का प्रयोग करें ।
६. किसी भी प्रकार के निमन्त्रण/बधाई पत्र/संदेश के लिए स्वभाषा/हिन्दी प्रयोग करें ।
७. अंग्रेजी पढ़ें/पढ़ाएं- अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध आयातित ज्ञान-विज्ञान को समझने के लिए किन्तु अंग्रेजी को व्यवहार की भाषा न बनाएं ।
८. बालकों की प्राथमिक शिक्षा के लिए मातृभाषा सर्वश्रेष्ठ है, विदेशी अंग्रेजी से बालकों के सहज बौद्धिक विकास को बाधित न करें । अंग्रेजी सीखने से पूर्व संस्कृत हिन्दी शब्दावली से बालकों के मनोमस्तिष्क को सिंचित करें ।
९. बालकों के नामकरण के लिए Internet का नहीं, किसी हिन्दी- संस्कृत विद्वान/पण्डित/पुरोहित का मार्गदर्शन प्राप्त करें व नाम निर्धारित करने से पूर्व शब्द को उसके मूल स्वरूप व उद्भव के आधार पर समझने की चेष्टा करें ।
१०. हिन्दी व अन्य सभी भारतीय भाषाएं संस्कृत से शब्द ग्रहण करती हैं, उसी हिन्दी आदि का सौष्ठव है, सौन्दर्य है अतः हिन्दी लिखने बोलने में अरबी-फारसी-आंग्ल शब्दों के प्रयोग से बचें ।
यदि हम हिन्दी भाषी सजग व प्रतिबद्ध होंगे तो हिन्दी को भारत की गौरवशाली राष्ट्रभाषा होने से कौन रोक सकता है ?
आओ निश्चय करें, संकल्पित हों ।
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