D.K Jain Oriental Research Institute Ara

D.K Jain Oriental Research Institute Ara "ज्ञान की विरासत को संरक्षित करने का एक प्रयास! विशिष्ट लाइब्रेरी में आपको दुर्लभ पांडुलिपियाँ, ऐतिहासिक ग्रंथ और अमूल्य शोध सामग्री मिलेगी।"

12/06/2026
📜 पांडुलिपि संरक्षण (Manuscript Conservation) : एक जिम्मेदारी, एक साधनाबहुत से लोग केवल संरक्षित पांडुलिपि को देखते हैं,...
07/06/2026

📜 पांडुलिपि संरक्षण (Manuscript Conservation) : एक जिम्मेदारी, एक साधना

बहुत से लोग केवल संरक्षित पांडुलिपि को देखते हैं, लेकिन उसके पीछे होने वाली लंबी और सावधानीपूर्ण Conservation Process से परिचित नहीं होते।

किसी भी Manuscript पर कार्य प्रारंभ करने से पहले उसकी वर्तमान स्थिति का Documentation किया जाता है। इसके बाद Ink Test, pH Test तथा Condition Assessment जैसी महत्वपूर्ण जाँचें की जाती हैं। फिर Dusting, Dry Cleaning, Lining, Strip Lining, Tear Repair, Loss Filling और अन्य Conservation Treatments के माध्यम से उसे पुनः सुरक्षित एवं स्थायी बनाने का प्रयास किया जाता है।

इस चित्र में Manuscript Conservation के प्रमुख चरणों को संक्षेप में दर्शाया गया है। आने वाले दिनों में हम प्रत्येक प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी फोटो सहित साझा करेंगे।

हमारा उद्देश्य केवल पांडुलिपियों को बचाना नहीं, बल्कि उनमें निहित ज्ञान, संस्कृति और विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुँचाना है।



D.K Jain Oriental Research Institute Ara Prashant Kumar Jain Gyan Bharatam Mission Narendra Modi President of India Gyan Bharatam Mission PMO India Gajendra Singh Shekhawat Ministry of Culture, Government of India National Archives of India

🌿 विश्व पर्यावरण दिवस 🌿5 जून 2026श्री देव कुमार जैन प्राच्य शोध संस्थान, आरा(बिहार सरकार द्वारा विशिष्ट पुस्तकालय का दर्...
05/06/2026

🌿 विश्व पर्यावरण दिवस 🌿
5 जून 2026
श्री देव कुमार जैन प्राच्य शोध संस्थान, आरा
(बिहार सरकार द्वारा विशिष्ट पुस्तकालय का दर्जा प्राप्त)
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर श्री देव कुमार जैन प्राच्य शोध संस्थान, आरा की ओर से आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
पर्यावरण हमारे जीवन, संस्कृति और सभ्यता का आधार है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल, हरित वन और समृद्ध जैव विविधता के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है। जिस प्रकार हमारी प्राचीन पांडुलिपियाँ और दुर्लभ ग्रंथ ज्ञान एवं संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं, उसी प्रकार प्रकृति भी हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसका संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है।
विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह संदेश देता है कि हम प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान दें। वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग द्वारा हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।

आइए, इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि—
🌱 अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे एवं उनकी देखभाल करेंगे।
💧 जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएंगे।
♻️ पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाएंगे।
🌍 स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।

"प्रकृति का संरक्षण ही मानवता का संरक्षण है।"

श्री देव कुमार जैन प्राच्य शोध संस्थान, आरा
(बिहार सरकार द्वारा विशिष्ट पुस्तकालय का दर्जा प्राप्त)
🌿 विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌿

D.K Jain Oriental Research Institute Ara Prashant Kumar Jain Gyan Bharatam Mission PMO India Ministry of Culture, Government of India Gajendra Singh Shekhawat Gyan Bharatam Mission President of India Narendra Modi

D.K Jain Oriental Research Institute Ara
04/06/2026

D.K Jain Oriental Research Institute Ara

📚 श्री देव कुमार जैन ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट, आरा 📚बिहार सरकार द्वारा विशिष्ट लाइब्रेरी का दर्जा प्राप्त यह संस्थान भ...
04/06/2026

📚 श्री देव कुमार जैन ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट, आरा 📚

बिहार सरकार द्वारा विशिष्ट लाइब्रेरी का दर्जा प्राप्त यह संस्थान भारतीय ज्ञान, संस्कृति एवं प्राच्य विद्या की अमूल्य धरोहरों के संरक्षण और शोध के लिए समर्पित है।

🏛️ स्थापना : 1903
👤 संस्थापक : राजर्षि बाबू देव कुमार जी जैन
हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों, ग्रंथों एवं ऐतिहासिक दस्तावेजों का यह भंडार हमारी सांस्कृतिक विरासत का गौरव है।

"ज्ञान, शोध और संस्कृति की समृद्ध परंपरा का प्रतीक"


D.K Jain Oriental Research Institute Ara Prashant Kumar Jain Gyan Bharatam Mission PMO India Gajendra Singh Shekhawat President of India Narendra Modi Gyan Bharatam Mission Ministry of Culture, Government of India Parag Jain

📸 Before Photo Documentationकिसी भी Manuscript पर Conservation Work शुरू करने से पहले उसकी वर्तमान स्थिति का Photograph ...
02/06/2026

📸 Before Photo Documentation

किसी भी Manuscript पर Conservation Work शुरू करने से पहले उसकी वर्तमान स्थिति का Photograph Record तैयार किया जाता है।

यह "Before Photo" भविष्य में Manuscript की मूल अवस्था और Conservation के बाद हुए सुधार की तुलना करने में सहायता करता है।

इन तस्वीरों में फटे हुए भाग, दाग-धब्बे, कीट क्षति (Insect Damage), स्याही की स्थिति तथा अन्य समस्याओं का स्पष्ट रिकॉर्ड रखा जाता है।

Manuscript Conservation का यह पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है।
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🌿 प्राचीन ताड़पत्र पांडुलिपि 🌿ताड़पत्र पर अंकित यह सुंदर आकृति और प्राचीन लेखन शैली भारतीय ज्ञान एवं कला परंपरा की अनमोल...
01/06/2026

🌿 प्राचीन ताड़पत्र पांडुलिपि 🌿

ताड़पत्र पर अंकित यह सुंदर आकृति और प्राचीन लेखन शैली भारतीय ज्ञान एवं कला परंपरा की अनमोल धरोहर है। ऐसे ताड़पत्रों पर विद्वानों द्वारा ग्रंथों का लेखन धातु की नुकीली लेखनी से किया जाता था। यह केवल एक पांडुलिपि नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रमाण है।

📜 "हर पांडुलिपि अपने भीतर इतिहास, ज्ञान और संस्कृति की अमूल्य कहानी संजोए हुए है।"
#ताड़पत्र_पांडुलिपि #प्राचीन_लेखन #भारतीय_विरासत #पांडुलिपि_संरक्षण 🌿📜

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28/05/2026

📜✨ ऐतिहासिक धरोहर, ज्ञान की परंपरा और नवाचार का अद्भुत संगम ✨📜

बिहार सरकार द्वारा “विशिष्ट पुस्तकालय” का गौरव प्राप्त
श्री डी. के. जैन ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट, आरा
में आगामी श्रुत पंचमी (19 जून) के पावन अवसर पर हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी भव्य 5 दिवसीय पांडुलिपि प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। 📚🌿

लेकिन इस बार कुछ होगा बिल्कुल नया… बिल्कुल अनोखा…! ♻️📜

पहली बार आरा में हम सीखेंगे —
“Waste Paper से New Paper बनाने की कला”
अर्थात पुराने एवं अनुपयोगी कागज़ों को पुनर्चक्रित (Recycling) कर नए कागज़ का निर्माण। 🌱✨

यह केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि
🔸 पर्यावरण संरक्षण का संदेश
🔸 ज्ञान-संरक्षण की अनूठी पहल
🔸 और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा है।

जहाँ एक ओर सदियों पुरानी पांडुलिपियाँ हमारी संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर को प्रदर्शित करेंगी, वहीं दूसरी ओर कागज़ पुनर्चक्रण की यह नई पहल भविष्य की जिम्मेदार सोच को दिशा देगी। 🌍📖

आप सभी सादर आमंत्रित हैं इस अद्भुत ज्ञानोत्सव और नवाचार के साक्षी बनने हेतु। 🙏✨

📍 स्थान : श्री डी. के. जैन ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट, आरा
📅 अवसर : श्रुत पंचमी — 19 जून
🗓️ विशेष आयोजन : 5 दिवसीय पांडुलिपि प्रदर्शनी एवं पेपर रीसाइक्लिंग कार्यशाला

20/05/2026

ज्ञान, संस्कृति और विरासत की अनमोल धरोहर —
📚✨

यहाँ की शांतिमय वातावरण, सजी हुई पुस्तकें और सुरक्षित पांडुलिपियाँ मन को एक अलग ही सुकून देती हैं। अब नई रोशनी से पूरा पुस्तकालय और भी सुंदर, उज्ज्वल और सकारात्मक लग रहा है। 🌿

हर कोना ज्ञान की खुशबू से भरा है, जहाँ इतिहास आज भी जीवित महसूस होता है।
ऐसी धरोहरों का संरक्षण हम सबके लिए गर्व की बात है। 💛

D.K Jain Oriental Research Institute Ara Prashant Kumar Jain President of India Narendra Modi Gyan Bharatam Mission Gajendra Singh Shekhawat Ministry of Culture, Government of India Gyan Bharatam Mission PMO India Parag Jain

D.K Jain Oriental Research Institute Ara  ये मनमोहक झलकियाँ भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और विरासत की जीवंत पहचान हैं। ...
17/05/2026

D.K Jain Oriental Research Institute Ara ये मनमोहक झलकियाँ भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और विरासत की जीवंत पहचान हैं। यहाँ का शांत और सकारात्मक वातावरण मन को अद्भुत सुकून प्रदान करता है। पुस्तकालय के हर कोने में ज्ञान की सुगंध और इतिहास की गरिमा महसूस होती है।

सदियों पुरानी दुर्लभ पुस्तकों और पांडुलिपियों का अत्यंत सावधानी और समर्पण के साथ किया गया रख-रखाव इस संस्थान की महान सांस्कृतिक सेवा को दर्शाता है। यहाँ की व्यवस्थित अलमारियाँ, सुरक्षित संग्रह और अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण हर आगंतुक को ज्ञान के प्रति सम्मान और प्रेरणा से भर देता है।

यह स्थान केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन सभ्यता, साहित्य, दर्शन और संस्कृति का अमूल्य धरोहर-स्थल है। यहाँ की शांति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा मन को सकारात्मकता और गर्व से भर देती है।
🌿📚✨
“जहाँ ज्ञान सुरक्षित रहता है, वहीं संस्कृति सदैव जीवित रहती है।”

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Address

Ara

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm

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