13/09/2021
बच्चों को किताब खरीद दिए क्या -?
नहीं तो, आज ही अपने बच्चों के लिए सभी किताबें खरीद दे -
बता दें कि कई महीनों से सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के विद्यालय बंद पड़े थे, किन्तु स्थिति समान्य होते ही सारे विद्यालय धीरे - धीरे खुलने लगे। बच्चों ने जो पढ़ा था, धीरे - धीरे वे बहोत कुछ भूल गए हैं, साथ ही बहोत सारे बच्चे पिछली क्लास पढ़े बिना ही अगले क्लास मे चले। अब ऐसे सारे बच्चों को किताब की सख्त जरूरत हो रही है, क्योंकि पिछला सारा सिलेबस छुठ गया है और आगे नए सिलेबस पढ़ने लगे किन्तु बहोत से बच्चों के पास अब भी सारी किताबें उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में बच्चे क्या पढ़ेंगे -
सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले माता - पिता से आग्रह है कि अपने बच्चों की समस्याओं को समझे उन्हें उनके मौजूदा क्लास की सारी किताबे खरीदे, पढ़ाई से संबंधित सारे आवश्यक सामाग्री उपलब्ध कराएं ताकि बच्चों का ध्यान केवल पढ़ाई करने मे लगा रहे-
सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने वाले अभिभावकों से विशेष निवेदन हैं कि अपने बच्चों को उसके क्लास की सारी किताबे खरीद से, पढ़ाई से संबंधित सारे सामग्रियों को उपलब्ध करा दे, क्योंकि अब सारी सरकारी विद्यालयों मे समुचित पढ़ाई की उत्तम व्यवस्था बन रही है, सारे सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। बच्चों के पास किताब ही नहीं रहेगा तो पड़ेगा क्या और शिक्षक पढ़ाएंगे क्या -
अभिभावकों से एक आग्रह और है कि बच्चों को सिलेबस पूरा करने की दबाव ना डाले क्योंकि कुछ अभिभावक ऐसे भी हैं जो अपने बच्चों को कह रहे हैं कि पिछले क्लास का सिलेबस जल्दी से पूरा करके नए क्लास की सिलेबस पर ध्यान दो वर्ना पीछे रह जाओगे आगे का कुछ नहीं बुझायेगा।
किताबे रहने से बच्चों को पढ़ने में सुविधा होती हैं -
बच्चों को किताबे खरीद दे -