29/11/2022
26 नवम्बर, बाराबंकी। शासन के निर्देशानुसार ‘‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’’ संविधान दिवस, 2022 का आयोजन मुंशी रघुनन्दन प्रसाद सरदार पटेल महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बाराबंकी में राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाईयों द्वारा कार्यक्रमाधिकारी डॉ0 सरिता सिंह, डॉ0 अमिता सिंह के नेतृत्व में समारोह पूर्वक किया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ0 ऊषा चौधरी ने स्वयं सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य है संविधान को भली-भांति समझा जाए, देश के संचालन के परिपत्र का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करके उनका पालन करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है। उद्देशिका हमारे संविधान का निचोड़ है उसका अध्ययन सभी को अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
कार्यक्रमाधिकारी डॉ0 सरिता सिंह ने कहा कि हमें अपने मौलिक अधिकारों के साथ-साथ ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी तत्परता के साथ करना चाहिए।
इस अवसर पर स्वयं सेविकाओं ने मौलिक अधिकारों पर संक्षिप्त नाटक भी प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कु0 प्रज्ञा पटेल ने ‘‘मेरे भारत का संविधान सारी दुनिया से न्यारा है’’, कु0 अंजली वर्मा ने ‘मैं भारत का संविधान हूँ लाल किले से बोल रहा हूँ’, कु0 वर्षा ने ‘स्वतंत्रा पर बल देता समता न्याय का फल देता’, सोनी यादव ने ‘संविधान देश का सर्वोच्च विधान हूँ मैं भारत का संविधान हूँ’, श्वेता वर्मा ने ‘भारत जैसे जटिल राष्ट्र का संविधान ही रक्षक है’, साधना पाण्डेय ने ‘अधिकारों का प्रयोग कर अपना विकास सब करते हैं’ वेदिका वर्मा ने ‘ये शान है ये मान वतन का ये सम्मान है’ जैसी मंत्रमुग्ध करने वाली कविता एवं गीतों का गायन किया। सोनल निगम ने भारतीय संविधान पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। लक्ष्मी कनौजिया ने भारतीय संविधान की विशेषताआंे पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर डॉ0 स्मिता सक्सेना, श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव, सुश्री स्वप्निल श्रीवास्तव भी उपस्थित रहीं।