Central Sanskrit University Bhopal Campus

Call Directions Website

Central Sanskrit University Bhopal Campus PMKVY centre for Editor, Counselor & Fitness Trainer

केन्द्रीयसंस्कृतविश्वविद्यालयस्य भोपालपरिसर: मध्यभारते संस्कृतशिक्षाया: प्रमुखतमं केन्द्रं वर्तते।
अत्र प्राक्शास्त्री-शास्त्री-आचार्य-बीएबीएड-एमए-शिक्षाशास्त्री-शिक्षाचार्य-विद्यावारिधि रित्यादया: पाठ्यक्रमा: प्रचलन्ति।

Accredited with A++ by NAAC

21/09/2026
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर में दिनांक 14 सितंबर 2026 को हिंदी पखवाड़ा–2026 का गरिमामय उद्घाटन समारोह आय...
14/09/2026

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर में दिनांक 14 सितंबर 2026 को हिंदी पखवाड़ा–2026 का गरिमामय उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन, वैदिक मंगलाचरण, राष्ट्रगीत एवं कुलगीत से हुआ।
डॉ. रजनीश शुक्ल, सहायक आचार्य, जैनदर्शन-प्राकृत विद्याशाखा, भोपाल ने स्वागत भाषण एवं कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि प्रो. सुबोध शर्मा, वरिष्ठ आचार्य एवं समन्वयक, वेद-वेदांग विद्याशाखा, भोपाल परिसर ने हिंदी के व्यापक महत्व तथा शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया।
सारस्वत अतिथि प्रो. सनन्दन कुमार त्रिपाठी, संकायाध्यक्ष, भाषा, साहित्य एवं संस्कृति तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. भारत भूषण मिश्र, समन्वयक, ज्योतिष विद्याशाखा, भोपाल परिसर ने हिंदी के साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और दर्शन विद्याशाखा के प्राध्यापक डॉ पवन व्यास महोदय ने हिंदी की दशा और दिशा पर विचार व्यक्त किए तथा इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति एवं कुलसचिव के हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, आत्मीयता एवं सौहार्दपूर्ण दृष्टिकोण की विशेष सराहना की गई। उनके मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा राजभाषा के प्रयोग को निरंतर गति मिल रही है। हिंदी के प्रति उनका यह अनुराग भारतीय भाषाओं एवं भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में परिसर निदेशक एवं ज्योतिषशास्त्र के प्रकाण्ड विद्वान प्रो. हंसधर झा ने हिंदी को संस्कृति एवं राष्ट्रीय चेतना की सशक्त संवाहक बताते हुए इसके अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया। डॉ. अश्विनी पाण्डेय ने आभार व्यक्त किया तथा डॉ. ब्रह्मानन्द मिश्र ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

11/09/2026

कादम्बरी-शुकनासोपदेशः कण्ठपाठः।
एवं समतिक्रामत्सु केषुचित् दिवसेषु राजा ................. राज्यविषविकारतन्द्राप्रदा राजलक्ष्मीः।
ITEP द्वितीयवर्षीयच्छात्राः।
मार्गदर्शकः – डॉ. जितेन्द्र तिवारी

08/09/2026

कर्मकाण्ड एवं पौरोहित्य (PG Diploma) की कक्षाओं का हुआ शुभारम्भ ।
भोपाल, मध्यप्रदेश ।

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर में दिनांक 07.09.2026 को औपचारिक रूप से कक्षारम्भ कार्यक्रम अपराह्न 3:30 बजे से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पंजीकृत छात्रों हेतु Offline & Online माध्यम से आयोजित किया गया । कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप दीपन एवं वाग्देवी पूजन से हुआ। पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्र श्री प्रशान्त मिश्रा एवं श्री सूरज पाण्डेय ने वैदिक मंगलाचरण किया ।
कक्षारम्भ कार्यक्रम उद्घाटन के शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के कुलपति प्रो. रमाकान्त पाण्डेय जी उपस्थित रहे । इस सन्दर्भ में छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए प्रो. पाण्डेय जी ने कर्मकाण्ड एवं पौरोहित्य को आध्यात्मिक तत्त्व से जोड़ते हुए इसके प्रत्यक्ष प्रभाव की चर्चा किया । विभिन्न उद्धरणों के माध्यम से आवश्यकता एवं महत्त्व को भी बताया । साथ ही मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सत्यं शिवं सुन्दरम् की साकार कल्पना ही कर्मकाण्ड है । भारत के प्रत्येक व्यक्ति को कर्मकाण्ड के सामान्य नियमों एवं उपचारों का ज्ञान होना चाहिए ।
इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. प्रकाश रंजन मिश्रा जी सहायकाचार्य & समन्वयक (वेद-कर्मकाण्ड-पौरोहित्य विभाग) एवं पुस्तकालय-प्रभारी, श्री रामसुन्दर संस्कृत विश्वविद्या प्रतिष्ठान, आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, रमौली, दरभंगा, बिहार (केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से सम्बद्ध) ने Google Meet के माध्यम से छात्रों को ‘कर्मकाण्ड का स्वरूप एवं महत्त्व’ विषय पर अपना व्याख्यान दिया । डॉ. मिश्रा ने कर्मकाण्ड एवं पौरोहित्य पद की सारगर्भित व्याख्या किया । साथ ही छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए वर्तमान में पुरोहितों के करणीय एवं अकरणीय कृत्यों को समझाया । साथ ही भारतीय समाज में कर्मकाण्ड एवं पौरोहित्य की परंपरा अत्यन्त प्राचीन और गौरवशाली रही है । वैदिक काल से ही मानव जीवन के संस्कार, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक आयोजन वेद-मंत्रों तथा वैदिक विधियों के माध्यम से सम्पन्न होते आए हैं । यह परंपरा आज भी भारतीय संस्कृति की आत्मा है । विवाह, यज्ञ, श्राद्ध, नामकरण, उपनयन, गृहप्रवेश जैसे संस्कार हों अथवा मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित यज्ञ-हवन, इन सभी में कर्मकाण्ड एवं पौरोहित्य की प्रमुख भूमिका रहती है । कर्मकाण्ड के माध्यम से व्यक्ति को जीवन के प्रत्येक चरण में संस्कारित करने की व्यवस्था है । यज्ञ और हवन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी वातावरण को शुद्ध करने और सकारात्मक ऊर्जा प्रसारित करने में सहायक माने जाते हैं ।
सम्मानित अतिथि के रूप में भोपाल परिसर के सह-निदेशक शिक्षाशास्त्र विद्याशाखा के अध्यक्ष प्रो. श्रीगोविन्दपाण्डेय जी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि कर्मकाण्ड एवं पौरोहित्य एक प्रायोगिक विषय है इसमें ज्यादा से ज्यादा प्रयोग पूर्वक ही अध्ययन होना आवश्यक है ।
सारस्वत अतिथि एवं पाठ्यक्रम के संयोजक के रूप में प्रो. भारत भूषण मिश्र जी अध्यक्ष, ज्योतिष शास्त्र विद्याशाखा, भोपाल परिसर ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘आहारशुद्धौ सत्वशुद्धिः’ हमें अपने आहार-विहार शुद्ध रखना होगा तभी कर्मकाण्ड में शुद्धता आ सकती है । पितरं वाक्यमिच्छन्ति भावमिच्छन्ति देवताः आदि उदाहरणों के माध्यम से मार्गदर्शन किया ।
विशिष्ट अतिथि के रूप में व्याकरण विद्याशाखा के प्रमुख आचार्य प्रो. सुबोध शर्मा जी ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अध्ययन एवं अभ्यास में निरन्तरता बनी रहनी चाहिए । दैवाधीनं जगत्सर्वं मन्त्राधीनाश्च देवताः के माध्यम से शुद्ध एवं विधि विधान से युक्त पौरोहित्य एवं कर्मकाण्ड सम्पन्न करने हेतु एवं उदात्त, अनुदात्त एवं स्वरित स्वरों को जानने के लिए छात्रों का मार्गदर्शन किया ।
सभा अध्यक्ष के रूप में भोपाल परिसर के निदेशक प्रो. हंसधर झा जी ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम अत्यन्त विचार विमर्श पूर्वक बनाया गया है । यदि इस पाठ्यक्रम को श्रद्धा पूर्वक पढ़ेगें तो इसके अध्ययन से आप सभी सम्पूर्ण कर्मकाण्ड प्रक्रिया में कुशल हो सकते हैं ।
इस शैक्षणिक सत्र 2026-27 में भोपाल परिसर में कर्मकाण्ड एवं पौरोहित्य पाठ्यक्रम में 50 से अधिक छात्रों ने पंजीकरण किया है । कार्यक्रम का सुचारु संचालन, प्रास्ताविक भाषण एवं पाठ्यक्रम परिचय के साथ साथ कक्षारम्भ कार्यक्रम का संयोजन डॉ. जितेन्द्र तिवारी ने किया । कर्मकाण्ड पौरोहित्य में अध्ययनरत छात्र मेवा प्रसाद तिवारी ने प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से उपस्थित सभी अतिथयों एवं छात्रों के लिए धन्यवाद समर्पित किया । शान्ति मन्त्र के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।

कर्मकाण्ड एवं पौरोहित्य (पी.जी.डिप्लोमा)कक्षारम्भ कार्यक्रमदिनांक - 07.09.2026, सोमवार समय - अपराह्न - 3:00 बजे स्थान - ...
06/09/2026

कर्मकाण्ड एवं पौरोहित्य (पी.जी.डिप्लोमा)
कक्षारम्भ कार्यक्रम
दिनांक - 07.09.2026, सोमवार
समय - अपराह्न - 3:00 बजे
स्थान - कक्ष संख्या 103
भोपाल परिसर, मध्यप्रदेश

खेल दिवस 2026, भोपाल परिसर
02/09/2026

खेल दिवस 2026, भोपाल परिसर

27/08/2026

संस्कृतसप्ताहमहोत्सवः, समापनसमारोहः

Address

Central Sanskrit University, Bhopal Campus, Sanskrit Marg, Bag Sevaniya
Bhopal
462043

Opening Hours

Monday 7am - 6pm
Tuesday 7am - 6pm
Wednesday 7am - 6pm
Thursday 7am - 6pm
Friday 7am - 6pm

Telephone

+917552418003

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Central Sanskrit University Bhopal Campus posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share