17/05/2026
हमारा वास्तविक घर इस दुनिया मे नही है, यहा तो किराए का घर है जिसे छोडकर अपने वास्तविक घर मे जाना होगा| हमारा वास्तविक घर तो परमात्मा के अन्दर है जहा इस नस्वर शरीर को त्याग कर ही जाना होता है|और धन के रुप मे अच्छे कार्य एवं परमात्मा का नाम ही साथ जाता है| साध संगत जी! धन निरंकार जी|