Engineering College Bikaner

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Engineering College Bikaner College provides PG courses in Management (MBA) & Computer Applications (MCA) along with B.Tech(CSE, ECE,IT,EE,EI&CE,CE,ME) , M.Tech& PhD with 630 Students

Govt. Engineering College Bikaner, established in 1999. The college is a renowned institution in the field of Engineering, Management and Polytechnic education. 4000 students are presently studying in the college. College possesses 337 bighas of land on which construction work has been accomplished on 3 lac square feet. College has a budget of Rs 19 crores. Net worth of college building is 1400 lacs out of which, state govt. has provided 300 lacs. 4 colleges viz. Enginnering College Bikaner, Govt. College of Engineering & Technology, Govt. ECB Polytechnic and Govt. ECB ITI are running under Engine

EPL Staff Auction 2026 🔨🏏The Staff Auction was successfully conducted today, marking the formation of two competitive te...
09/08/2026

EPL Staff Auction 2026 🔨🏏

The Staff Auction was successfully conducted today, marking the formation of two competitive teams — Royal Stars and Knight Riders.

With the teams now set, the stage is ready for an exciting contest filled with teamwork, sportsmanship, and the true spirit of cricket.

Let the Staff EPL begin! 🏆

Engineering College Bikaner के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है कि हमारे एल्यूम्नाई तथ वर्तमान में आई आई टी दिल्ली में रिसर...
12/01/2026

Engineering College Bikaner के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है कि हमारे एल्यूम्नाई तथ वर्तमान में आई आई टी दिल्ली में रिसर्च स्कॉलर पुष्पेंद्र राजपुरोहित ने CSIR के वैज्ञानिक डॉ. मनी राम सहारण एवं उनकी टीम के निर्देशन में एक अत्यंत इन्नोवेटिव, सस्ती तथा प्रभावशाली जीवनरक्षक प्रणाली “DISHA (Directional Illuminated Support under Harsh Ambience)” का सफल विकास किया जिसका पेटेंट CSIR द्वारा हासिल किया गया है। यह आविष्कार प्रतिबंधित एवं जोखिमपूर्ण कार्यस्थलों पर आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकास (safe egress) हेतु एक बुद्धिमान, प्रभावी और अभिनव नेविगेशन सहायता प्रणाली प्रदान करता है।

DISHA को विशेष रूप से उन परिस्थितियों के लिए विकसित किया गया है जहाँ अराजकता, अत्यंत कम दृश्यता, धुआँ, धूल या विषैली गैसों के कारण मानवीय निर्णय क्षमता प्रभावित हो जाती है। यह प्रणाली मानव की तीन प्रमुख इंद्रियों—देखना, सुनना और स्पर्श—का समन्वित उपयोग करती है। इसमें लेजर लाइट तकनीक और श्रव्य चेतावनी प्रणाली को एक स्वयं-प्रकाशित, अग्निरोधक, विद्युत रूप से सुरक्षित तथा हल्के वजन की cone-आकार की संरचना में समाहित किया गया है, जिससे यह प्रणाली कठिन परिस्थितियों में भी अत्यंत विश्वसनीय सिद्ध होती है।

DISHA प्रणाली को निकास मार्गों के किनारे कमर की ऊँचाई पर स्थापित किया जा सकता है, जिससे अत्यधिक धुएँ या अंधेरे की स्थिति में भी कर्मी हाथ के स्पर्श द्वारा दिशा का सही अनुमान लगा सकते हैं। लेजर लाइट दृश्य मार्गदर्शन प्रदान करती है जबकि ऑडियो अलार्म आसपास के अन्य कर्मियों को सहायता एवं समन्वय का संकेत देता है। यह प्रणाली न केवल सुरक्षित निकास में सहायक है, बल्कि आपातकाल के दौरान अकेलेपन के भय को भी कम करती है और समूहबद्ध सुरक्षित निकासी की संभावना को बढ़ाती है।

इस invention की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह किफायती, सरल, कम रखरखाव वाली तथा सामान्य कार्य संचालन में बाधा उत्पन्न न करने वाली प्रणाली है। नियमित उपयोग के दौरान यह कर्मियों को बेहतर आपातकालीन व्यवहार के लिए प्रशिक्षित भी करती है।

पुष्पेंद्र राजपुरोहित का यह योगदान तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। विभाग और संस्थान को अपने ऐसे पूर्व छात्र पर गर्व है, जिन्होंने अपने ज्ञान और कौशल को मानव जीवन की सुरक्षा हेतु सार्थक नवाचार में परिवर्तित किया है। हम उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे भी ऐसे ही समाजोपयोगी अनुसंधान की कामना करते हैं।

Government Engineering College Bikaner takes immense pride in the remarkable achievement of its distinguished alumnus Mr. Pushpendra Rajpurohit, currently a Research Scholar at IIT Delhi. Under the guidance of Dr. Mani Ram Saharan, Scientist at CSIR, and in collaboration with their dedicated team, he has successfully developed an innovative, cost-effective, and impactful life-saving system named “DISHA (Directional Illuminated Support under Harsh Ambience)”, for which a patent has been granted to CSIR. This invention offers an intelligent, reliable, and novel navigational aid to ensure safe egress during emergency situations in confined and hazardous workplaces.

DISHA has been specifically designed for distress scenarios involving chaos, extremely poor visibility, smoke, dust, or toxic gases, where human decision-making abilities are severely compromised. The system intelligently integrates three vital human senses—vision, hearing, and touch—to enhance survival chances. It incorporates laser light technology and an audible alarm system, both housed within a self-illuminating, fire-resistant, electrically safe, and lightweight cone-shaped structure, making it highly dependable even in the harshest environments.

The DISHA system can be installed along exit routes at waist height, enabling trapped personnel to determine the correct escape direction through touch, even in total darkness or dense smoke. The laser lights provide clear visual guidance, while the audible alarm alerts nearby personnel, encouraging assistance, coordination, and collective evacuation. This not only improves safe egress but also reduces the fear of isolation during emergencies and enhances the likelihood of group-based evacuation strategies.

Another key strength of this invention lies in its simplicity, affordability, low maintenance requirements, and non-interference with normal workplace operations. Regular exposure to the system also helps train personnel for improved emergency behavior during routine operations.

Mr. Pushpendra Singh Rajpurohit’s contribution stands as an outstanding example of technical excellence, innovation, and social responsibility. The department and the institution are proud of such an accomplished alumnus who has transformed knowledge and research into a meaningful innovation dedicated to saving human lives. We extend our best wishes for his continued success and future contributions to socially relevant research.

सभी साथी कार्मिको के पिछले एक साल में किये गए सामूहिक प्रयासों व Er. मोहन सिंह जी फगेड़िया सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता JVV...
17/12/2025

सभी साथी कार्मिको के पिछले एक साल में किये गए सामूहिक प्रयासों व Er. मोहन सिंह जी फगेड़िया सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता JVVNL जोधपुर की पहल,लगन एव मेहनत की बदौलत इंजिनियरिंग कॉलेज, बीकानेर को भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में महामहिम राष्ट्रपति महोदया के मुख्य अतिथि में आयोजित समारोह में माननीय केन्द्रीय ऊर्जा एव शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल जी द्वारा महाविद्यालय में ऊर्जा संक्षरण हेतु किये गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार प्रदान किया ।सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ 💐💐👏👏

माननीय केंद्रीय विधि एवं कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी का हृदय से आभार, जिन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के ...
26/11/2025

माननीय केंद्रीय विधि एवं कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी का हृदय से आभार, जिन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के पिछले 26 वर्षों के इतिहास के सबसे भव्य एवं विशाल खेल महोत्सव आह्वान–2025 में अपनी गरिमामयी उपस्थिति से हम सभी का उत्साहवर्धन किया। आपके प्रेरणादायी उद्बोधन, मार्गदर्शन और विद्यार्थी–युवा शक्ति के प्रति आपके सतत प्रोत्साहन ने इस आयोजन को और अधिक ऐतिहासिक व सार्थक बना दिया।
इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर परिवार की ओर से आपको कोटि–कोटि धन्यवाद एवं साधुवाद।

ECB Bikaner में अब 1 साल का MBA बी.टेक छात्र अब सिर्फ 1 वर्ष में MBA डिग्री प्राप्त कर सकेंगे! खास बातें:✅ बी.टेक पास छा...
08/09/2025

ECB Bikaner में अब 1 साल का MBA

बी.टेक छात्र अब सिर्फ 1 वर्ष में MBA डिग्री प्राप्त कर सकेंगे!

खास बातें:

✅ बी.टेक पास छात्र सीधे MBA तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश पा सकेंगे।
✅ करियर को नई दिशा देने का शानदार अवसर।
✅ न्यूनतम योग्यता: बी.ई./बी.टेक अथवा चार वर्षीय डिग्री।
✅ प्रवेश के लिए अंतिम तिथि: 13 सितम्बर 2025

📞 अधिक जानकारी एवं प्रवेश संबंधी पूछताछ के लिए संपर्क करें 9251431985

28/08/2025
*प्रेस विज्ञप्ति**इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में फ्रेशर्स स्पोर्ट्स मीट “प्रारंभ 2025” का शुभारंभ**खेलों के रंग में रंगा ...
27/08/2025

*प्रेस विज्ञप्ति*

*इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में फ्रेशर्स स्पोर्ट्स मीट “प्रारंभ 2025” का शुभारंभ*

*खेलों के रंग में रंगा इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर, 400 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता, कल होंगे फाइनल मुकाबले*

*प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश जाखड़ ने किया शुभारंभ, खिलाड़ियों को दिया प्रेरक संदेश*

*नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने दिखाई खेलों में ऊर्जा और प्रतिभा*

इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में इंस्टिट्यूट स्पोर्ट्स काउंसिल एवं खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में फ्रेशर्स स्पोर्ट्स मीट “प्रारंभ 2025” का भव्य शुभारंभ आज प्रातः 10:00 बजे महाविद्यालय परिसर में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश जाखड़ ने रिबन काटकर किया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. जाखड़ ने कहा कि “खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि जीवन का अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का माध्यम है। खेलों से विद्यार्थी चुनौतियों का सामना करना सीखते हैं और यह उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करें ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।”

कार्यक्रम संयोजक डॉ नवीन शर्मा ने बताया कि इस दो दिवसीय खेल महोत्सव में बी.टेक., एमबीए, एमसीए, बीबीए एवं बीसीए पाठ्यक्रमों के लगभग 400 विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलों में भाग लिया। पहले दिन क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और कैरम की प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ। वहीं एथलेटिक्स की स्पर्धाओं में—100 मीटर दौड़, लंबी कूद और डिस्कस थ्रो में खिलाड़ियों ने जोश और उत्साह से भाग लिया।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नवीन शर्मा ने बताया कि “फ्रेशर्स स्पोर्ट्स मीट” नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए अपने कौशल और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अनूठा अवसर है। खेल विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उनमें अनुशासन व सहयोग की भावना विकसित करते हैं। यह आयोजन उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने वाला है।”

*कल खेले जायेंगे फाइनल मुकाबले*
स्पोर्ट्स मीट का दूसरा दिन, 27 अगस्त, विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा जब विभिन्न खेलों के फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे और 28 अगस्त को विजेता टीमों एवं खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इससे नवप्रवेशी विद्यार्थियों को न केवल प्रेरणा मिलेगी बल्कि खेलों में अपनी आगे की राह तय करने का भी अवसर मिलेगा।

*यह रहे विजेता, कल खेलेंगे फाइनल मुकाबले*

क्रिकेट – टीम चैलेंजर्स ओर टीम लायन से अपने सारे मुकाबले जीत फाइनल में प्रवेश किया

शतरंज – मानव जीत सिंह राठौड़ और पार्थ दाधीच

टेबल टेनिस (Singles/Doubles) – नवनीत और पवन कुमार विश्नोई (पुरुष)
-- वंशिका शर्मा और करीना तुल्यानी (महिला)

कैरम – निशांत छिम्पा और हरिकिशन गोदारा (पुरुष)
अनुगीया पूनिया और वंशिखा शेखावत

*ये रहे कार्यक्रम में उपस्थित*
इस मौके पर इंस्टिट्यूट स्पोर्ट्स काउंसिल के समन्वयक डॉ. देवेंद्र गहलोत, डॉ. यूनुस शेख, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. अजय चौधरी, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. चंद्रशेखर राजोरिया, डॉ श्याम सुथार, डॉ. इंदु भूरिया, डॉ. नरपत सिंह, डॉ. गणेश प्रजापत, सुभाष सोनगरा, सहित अनेक फैकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

*इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए  ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम का भव्य आगाज़**‘अनलीश योर पोटेंशिय...
20/08/2025

*इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम का भव्य आगाज़*

*‘अनलीश योर पोटेंशियल’ से लेकर करियर अवसरों तक, विद्यार्थियों ने पाया नया दृष्टिकोण*

*कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने किया शुभारंभ, विशेषज्ञों ने छात्रों को दी नई दिशा*

इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में बी.टेक प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE), नई दिल्ली के निर्देशानुसार आयोजित 10 दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ’ का आज भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन परिवेश से परिचित कराना, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और तकनीकी शिक्षा के प्रति सजग बनाना है, ताकि वे आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपने इंजीनियरिंग जीवन की शुरुआत कर सकें

कार्यक्रम का उद्घाटन बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने किया।
प्रो. गर्ग ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं को समयानुकूल अद्यतन रखें और अर्जित तकनीकी ज्ञान का उपयोग केवल शैक्षणिक दायरे तक सीमित न रखकर, समाज की स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु भी करें। उन्होंने विद्यार्थियों को देश के भविष्य निर्माता बताते हुए नयी तकनीकी चुनौतियों को अवसर के रूप में स्वीकारने का संदेश दिया।

कॉलेज प्राचार्य डॉ. ओ.पी. जाखड़ ने इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के गौरवशाली इतिहास और उपलब्ध संसाधनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों को यहां की समृद्ध शैक्षणिक और अनुसंधानात्मक सुविधाओं का उपयोग अपने तकनीकी कौशल के विकास में करना चाहिए।

रजिस्ट्रार डॉ. अमित सोनी ने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवनशैली और नियमित अध्ययन की महत्ता समझाई, वहीं चीफ प्रोक्टर डॉ. इंदु भूरिया ने महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों को प्रेरणा का स्रोत मानते हुए नए छात्रों को सफलता की राह पर अग्रसर होने का संदेश दिया।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अतुल गोस्वामी ने इंडक्शन कार्यक्रम की उपयोगिता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन औऱ धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राखी पारीक द्वारा किया गया।

द्वितीय सत्र में प्रख्यात विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया। डॉ. मनोज कुड़ी ने “अनलीश योर पोटेंशियल” विषय पर छात्रों की प्रतिभा को निखारने पर चर्चा की। डॉ. गणेश प्रजापत ने NPTEL के माध्यम से आत्म-अध्ययन और ऑनलाइन शिक्षण की संभावनाओं से अवगत कराया। डॉ. विनीत राणा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में करियर अवसरों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र जैन, डॉ. रेखा स्वामी सहित सभी विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

ये है हाईटेक ड्रोन, आग बुझाने से कृषि कार्य तक में आएगा काम -ईसीबी के विद्यार्थियों और फैकल्टी का नवाचार बीकानेर। आमतैर ...
20/08/2025

ये है हाईटेक ड्रोन, आग बुझाने से कृषि कार्य तक में आएगा काम

-ईसीबी के विद्यार्थियों और फैकल्टी का नवाचार

बीकानेर। आमतैर पर ड्रोन को शादी-विवाह में वीडियो और फोटो के लिए उपयोग में देखा जाता रहा है। लेकिन अब ड्रोन आग बुझाने से कृषि कार्य तक में काम आ सकेगा। दरअसल, कुछ समय पहले इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ईसीबी) के विद्यार्थियों और फैकल्टी ने ड्रोन में और नवाचार करते हुए एक नयी-नयी तकनीक इसमें जोड़ दी है। कैमरे, जीपीएस, सेंसर्स और कई सॉफ्टवेयर से लैस ये ड्रोन शहर से लेकर खेतों तक काम आ सकेगा। दावा ये भी किया जा रहा है की इसकी लागत मार्केट में उपलब्ध कमर्शियल ड्रोन से एक तिहाई ही रह गई। यह न केवल तकनीकी प्रगति बल्कि कृषि, आपदा प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट सिटी और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम आ सकेगा। कॉलेज प्रशासन के अनुसार भारत सरकार की ओर से टेक्वीप -3 स्कीम के तहत आईओटी बेस्ड फायर फाइटिंग ड्रोन विषय पर शोध के लिए प्रोजेक्ट प्रदान किया गया था। इसकी डिजाइन व असेंबली मैकेनिकल विभाग में डॉ. धर्मेन्द्र सिंह और मेघा श्याम राजू के नेतृत्व में की गयी थी।

हर क्षेत्र में आ सकेगा काम
कृषि- फसल की निगरानी, कीटनाशकों का छिड़काव, भूमि सर्वेक्षण।
आपदा - खोज और बचाव अभियान, राहत सामग्री पहुंचाना।
डिलीवरी सेवा- मेडिकल आपूर्ति, पार्सल डिलीवरी।
सिविल इंजीनियरिंग- इमारतों व पुलों का निरीक्षण, 3डी मैपिंग

शोध और नवाचार का माध्यम
विभागाध्यक्ष डॉ. रणजीत सिंह राठौर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के सफलतापूर्वक परिक्षण के बाद वर्त्तमान में इसका उपयोग प्रयोगशाला में न केवल विद्यार्थियों के लिए शोध और नवाचार का माध्यम है, बल्कि उनके कौशल विकास और इंडस्ट्री-रेडी बनने में भी सहायक हो रहा है। इसमें छात्रों को ट्रेनिंग देकर उनके लिए प्लेसमेंट के नए अवसर मुहैया करवाए जाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

ये है विशेषता
इस ड्रोन की हर क्षेत्र में अपनी अलग विशेषता है। यह 10 किलो वजन की फायर फाइटिंग बॉल्स को 15 मिनट तक आकाश में रहकर 20 से 25 वर्गमीटर में फैली आग को बुझाने में सहायक हो सकता है। यह ड्रोन 5 किलोमीटर की रेंज में किसी भी जीपीएस लोकेशन पर पहुंच सकता है साथ ही इसमें मौजूद थर्मल और आईओटी डिवाइस कैमरे से तापमान की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी मिलती है। इसका उपयोग स्पीकर लगाकर स्थानीय लोगो तक संदेश पहुंचाने के लिए भी किया जा सकता है। यह ड्रोन 2 एकड़ क्षेत्रफल में कीटनाशक छिड़कने में भी सक्षम है, जिससे टिड्डी दल के हमले के दौरान बड़ी राहत प्रदान करेगा।

हो रहे नवाचार
महाविद्यालय बीकानेर संभाग की समस्याओं को विद्यार्थियों के शोध से दूर करने के लिए सदैव प्रयासरत है। इसी क्रम में कई विभागों में नवाचार किए जा रहे है। इस प्रकार के अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी कार्य जारी है। जिसमे मुख्यता गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों, सिरेमिक उद्योगों व अन्य समाजोपयोगी कार्यों के लिए ईसीबी की तरफ से संपूर्ण योगदान देने की भरपूर कोशिश जारी है।
- डॉ. ओमप्रकाश जाखड़, प्राचार्य, ईसीबी

13/08/2025

Address

Karni Industrial Area, Near Pugal Road
Bikaner
334004

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm

Telephone

+911512253404

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