09/08/2024
आइये ये जान लें कि क्यों मनाया जाता है विश्व मूलनिवासी दिवस ?
मूलनिवासियों के मानवाधिकारों को लागू करने और उनके संरक्षण के लिए 1982 में UNO (संयुक्त राष्ट्र संघ) ने एक कार्यदल UNWGIP (United Nations Working Group on Indigenous Populations) के उपआयोग का गठन किया। जिसकी पहली बैठक 9 अगस्त 1982 को हुई थी। इसलिए, हर वर्ष 9 अगस्त को “विश्व मूलनिवासी दिवस” UNO द्वारा अपने कार्यालय में एवं अपने सदस्य देशों को मनाने का निर्देश दिये हैं।
UNO (संयुक्त राष्ट्र संघ) ने यह महसूस किया कि 21वीं सदी में भी विश्व के विभिन्न देशों में निवासरत मूलनिवासी समाज अपनी उपेक्षा, बेरोजगारी एवं बंधुआ बाल मजदूरी जैसी समस्याओं से ग्रसित है। 1993 में UNWGIP कार्य दल के 11 वें अधिवेशन में मूलनिवासी घोषणा प्रारूप को मान्यता मिलने पर 1994 को “मूलनिवासी वर्ष” व 9 अगस्त को “मूलनिवासी दिवस” घोषित किया।
कब मनाया गया प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस ?
मूलनिवासियों को हक अधिकार दिलाने और उनकी समस्याओं का निराकरण, भाषा, संस्कृति, इतिहास के संरक्षण के लिए UNO की महासभा द्वारा 9 अगस्त 1994 को जेनेवा शहर में विश्व के मूलनिवासी प्रतिनिधियों का विश्व का "प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस" सम्मेलन का आयोजित किया गया।
मूलनिवासियों की संस्कृति, भाषा, उनके हक अधिकारों को सभी ने एक मत से स्वीकार किया और उनके सभी हक अधिकार बरकरार रहें इस बात की पुष्टि कर दी गई। UNO ने “हम आपके साथ हैं”, यह वचन मूलनिवासियों को दिया गया। UNO ने व्यापक चर्चा के बाद 21 दिसंबर 1994 से 20 दिसंबर 2004 तक “प्रथम मूलनिवासी दशक” और प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को International Day of the World’s Indigenous Peoples (विश्व मूलनिवासी दिवस) मनाने का फैसला लिया और विश्व के सभी देशों को मनाने के निर्देश दिए।
भारत में मूलनिवासियों से किसने किया धोखा ?
UNO द्वारा पिछले 22 वर्षों से निरन्तर विश्व मूलनिवासी दिवस मनाया जा रहा है, किन्तु भारत के मूलनिवासी बहूजनों को इसकी कोई जानकारी नहीं है। भारत की सरकारों ने मूलनिवासियों के साथ धोखा करते हुए भारत में इस दिन के बारे में आज तक किसी को नहीं बताया और ना ही आज तक किसी भी स्तर में मनाया गया। जबकि UNO ने पुनः 16 दिसंबर 2004 से 15 दिसंबर 2014 तक फिर “दूसरा मूलनिवासी दशक” घोषित किया।
सबसे पहले बामसेफ संगठन ने की पहल
अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर मूलनिवासियों की समस्याओं को मजबूती के साथ रखने की पूर्व तैयारी के सन्दर्भ में ही बामसेफ के राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष मा वामन मेश्राम जी ने 23 जुलाई 2016 को लंदन (इंग्लैंड), 26 जुलाई 2016 को पेरिस (फ्रांस) व 01 अगस्त 2016 को रोम (इटली) में बामसेफ द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनारों का आयोजन किया। इन्हीं दबावों से उबरने की कड़ी में RSS प्रमुख मोहन भागवत अभी अभी लन्दन में बोल कर आये है कि हिन्दु नामक कोई धर्म नहीं बल्कि यह एक परम्परा है।
अब आइये जाने कि
UNO की स्थापना कब और क्यों हुई ?
UNO की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई एवं इसका मुख्यालय न्यूयार्क में है तथा वर्तमान में इसके 193 देश सदस्य हैं। भारत UNO का 30 अक्टूबर 1945 से सदस्य है। वैश्विक समस्याओं के निदान हेतु इस संगठन की आवश्यकता महशुश की गई और इसका निर्माण किया गया।
आइये विश्व मूलनिवासी दिवस 9 अगस्त को आपस में “हैप्पी मूलनिवासी डे” की हार्दिक शुभकामनाएं एक दूसरे को देते हुए हक अधिकार प्राप्त करने के लिए संघर्ष का शंखनाद करें।
9 अगस्त को UNO द्वारा world indigenous day मनाया जा रहा है। Indigenous का मतलब होता है मूलनिवासी, परन्तु भारत की सरकारें मूलनिवासी लोगों में ही भेद करने मतलब, विभाजन करने, मतलब षडयंत्र करने के लिए Indigenous peoples का हिन्दी अनुवाद मात्र आदिवासी के नाम पर करके SC/ST/OBC, Minorities जो मूल निवासी हैं में से केवल ST को ही आदिवासी मानने का षड्यंत्र किया गया है और मूल निवासी समूहों से केवल आदिवासी को अलग अलग करने का षडयंत्र कर रही है।
जय मूल निवासी
जय आदिवासी
आप सभी को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं।🙏🙏🙏🙏