07/11/2016
यूनिवर्सल न्यूज़ एजेंसी
चीफ ब्यूरो
गुजरात में सन् 2001 से 2014 तक दलित पर हूए अत्याचार की रीपोर्ट :
(सामाजिक समरसता ओर पुरे देश में गुजरात के विकास मॉडल की बात करने वाली और सबसे ज्यादा समय से जहा रही भाजपा सरकार की खूली पोल)
दलितों की हत्या :
सन् 2001, दलितों की हत्या, 21
सन् 2002, दलितों की हत्या, 20
सन् 2003, दलितों की हत्या, 14
सन् 2004, दलितों की हत्या, 09
सन् 2005, दलितों की हत्या, 10
सन् 2006, दलितों की हत्या, 20
सन् 2007, दलितों की हत्या, 17
सन् 2008, दलितों की हत्या, 15
सन् 2009, दलितों की हत्या, 20
सन् 2010, दलितों की हत्या, 14
सन् 2011, दलितों की हत्या, 14
सन् 2012, दलितों की हत्या, 25
सन् 2013, दलितों की हत्या, 31
सन् 2014, दलितों की हत्या, 27
दलित महिलाओ पे रेप :
सन् 2001, दलित महिलाओ पे रेप 14
सन् 2002, दलित महिलाओ पे रेप, 19
सन् 2003, दलित महिलाओ पे रेप, 24
सन् 2004, दलित महिलाओ पे रेप, 24
सन् 2005, दलित महिलाओ पे रेप, 25
सन् 2006, दलित महिलाओ पे रेप, 18
सन् 2007, दलित महिलाओ पे रेप, 32
सन् 2008, दलित महिलाओ पे रेप, 30
सन् 2009, दलित महिलाओ पे रेप, 37
सन् 2010, दलित महिलाओ पे रेप, 39
सन् 2011, दलित महिलाओ पे रेप, 51
सन् 2012, दलित महिलाओ पे रेप, 44
सन् 2013, दलित महिलाओ पे रेप, 70
सन् 2014, दलित महिलाओ पे रेप, 74
कुल ऐट्रोसिटी की घटनाये :
सन् 2001, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1033
सन् 2002, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1007
सन् 2003, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 897
सन् 2004, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 929
सन् 2005, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 962
सन् 2006, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 991
सन् 2007, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1115
सन् 2008, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1165
सन् 2009, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1084
सन् 2010, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1006
सन् 2011, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1083
सन् 2012, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1074
सन् 2013, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1147
सन् 2014, ऐट्रोसिटी की घटनाये, 1122
सन् 2001 से 2014 तक गुजरात के, 116 गाँव में दलितों को पुलिस प्रोटेक्सन दिया गया है।
(सूचना अधिकार (माहिती अधिकार एक्ट-2005) अधिनियम, अंतर्गत ये जानकारी मिली है।)