31/10/2024
आर्थिक उन्नति के कारण गाँवों से शहरों तक पारंपरिक एवं कृत्रिम दीपों की संख्या तो काफ़ी बढ़ गयी हैलेकिन अभी भी ज़रूरत है मस्तिष्क में ज्ञान रूपी दीप जलाने की जो मानव को मानवता का राह दिखा सके ।
सभी बंधु बांधवों को दीपावली की शुभकामना