College of Fisheries RLBCAU Datia

College of Fisheries RLBCAU Datia Official page of College of Fisheries (CoF), Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University (RLBCAU), Datia

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी' का आज गरिमामय समापन...
16/02/2026

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी' का आज गरिमामय समापन हुआ।

14, 15 और 16 फरवरी तक चले इस विशाल आयोजन में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया का स्टॉल आगंतुकों और किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

महाविद्यालय ने स्टॉल पर उपस्थित जिज्ञासु किसानों की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया और उन्हें आधुनिक मत्स्य पालन पद्धतियों को अपनाने हेतु प्रेरित किया।
Department of Fisheries India
Indian Council of Agricultural ResearchMinistry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying
Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University
Pramod Kumar Pandey

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RLBCAU), दतिया के मात्स्यिकी महाविद्यालय में आज एक विशेष उत्साह का माहौल रह...
15/02/2026

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RLBCAU), दतिया के मात्स्यिकी महाविद्यालय में आज एक विशेष उत्साह का माहौल रहा। राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और महाविद्यालय के संस्थापक अधिष्ठाता डॉ. बिजय कुमार बेहरा ने संस्थान का दौरा किया और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

महाविद्यालय पहुँचने पर डॉ. बिजय कुमार बेहरा का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर वर्तमान अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया और महाविद्यालय के विकास में उनके शुरुआती योगदान को याद किया।

अपने संबोधन के दौरान डॉ. बेहरा ने छात्रों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने मत्स्य पालन (Fisheries) के क्षेत्र में उभरते अवसरों और आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा: "मत्स्य पालन केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है। आप जैसे युवा वैज्ञानिक और उद्यमी ही इस क्षेत्र में क्रांति ला सकते हैं।"
कार्यक्रम के अंत में अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने डॉ. बेहरा के बहुमूल्य समय और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
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Pramod Kumar Pandey

15/02/2026
ICAR-NBFGR, Lucknow Funded Five-Day Short-Term Training on "Workflows in Modern Genomics and Multi-Omics Analysis" (9–13...
13/02/2026

ICAR-NBFGR, Lucknow Funded Five-Day Short-Term Training on "Workflows in Modern Genomics and Multi-Omics Analysis" (9–13 March 2026) will be organized at College of Fisheries, RLBCAU, Datia.

The program will focus on building practical skills, analytical confidence and research readiness in modern omics technologies among M.Sc. and Ph.D. students.

A valuable opportunity to advance skills in genomics and multi-omics research.

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Indian Council of Agricultural Research
National Bureau of Fish Genetic Resources, Lucknow
Pramod Kumar Pandey

13/02/2026
रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया के स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थिओं ने कि...
31/01/2026

रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया के स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थिओं ने किया प्रगतिशील मत्स्य किसान के फार्म में शैक्षिक भ्रमण।

रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RLBCAU) के मात्स्यिकी महाविद्यालय (College of Fisheries), दतिया के स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने प्रगतिशील मत्स्य किसान श्री मोहर सिंह रायकवार के मछली पालन फार्म का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कक्षा में पढ़े गए सिद्धांतों का धरातल पर व्यावहारिक अनुभव (Practical Exposure) प्रदान करना था।

भ्रमण के दौरान छात्रों ने पारंपरिक मछली पालन से हटकर आधुनिक और सघन मत्स्य पालन की नई तकनीकों को बारीकी से देखा। भ्रमण के दौरान विद्यार्थिओं को रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गयी एवं दिखाया गया कि कैसे सीमित पानी में उच्च घनत्व के साथ मछली पालन किया जा सकता है। उन्होंने पानी के फिल्ट्रेशन और ऑक्सीजन प्रबंधन की बारीकियों को समझा। अग्रेतर, उन्होंने बायोफ्लॉक (Biofloc Technology) यूनिट का भ्रमण किया एवं उन्होंने सीखा कि कैसे सूक्ष्मजीवों (Bacteria) का उपयोग करके पानी को साफ रखा जाता है और उसे चारे में बदला जाता है। साथ ही साथ विद्यार्थिओं ने फिश फीड मेकिंग यूनिट का भी भ्रमण किया एवं तैरने वाले परिपूरक आहार बनाने के लिए सामग्री के मिश्रण से लेकर पैलेट्स (Pellets) बनाने तक की प्रक्रिया के बारे में भी व्यवहारिक जानकारी प्राप्त की।

विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार के दौरों से छात्रों में 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनने की प्रेरणा जागती है। प्रगतिशील किसान ने भी छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे आधुनिक तकनीक अपनाकर मछली पालन को एक मुनाफे वाले व्यवसाय में बदला जा सकता है।

मात्स्यिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय के अनुसार "मत्स्य पालन का क्षेत्र अब केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रह गया है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए हमें जलवायु अनुकूल 'स्मार्ट फिश फार्मिंग' की ओर बढ़ना होगा। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य हमारे छात्रों को उन आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराना है, जो कम संसाधनों में अधिक उत्पादन देने में सक्षम हैं। इस शैक्षणिक दौरे का सफल समन्वय डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव के द्वारा किया गया तथा साथ मे श्री शिवम वर्मा, श्री चरण सिंह कुशवाहा और श्री मोहित अहिरवार भी उपस्थित रहे।

सीएसए इटावा के छात्रों ने दतिया मात्स्यिकी महाविद्यालय का किया शैक्षणिक भ्रमण |चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी वि...
31/01/2026

सीएसए इटावा के छात्रों ने दतिया मात्स्यिकी महाविद्यालय का किया शैक्षणिक भ्रमण |

चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA), कानपुर के कैंपस मात्स्यिकी महाविद्यालय, इटावा के स्नातक चतुर्थ वर्ष (4th Year) के छात्र-छात्राओं ने अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया के मात्स्यिकी महाविद्यालय का भ्रमण किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मात्स्यिकी क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों और प्रयोगात्मक कार्यों से रूबरू कराना था।

अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और फार्म का अवलोकन के दौरान छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय के हाई-टेक क्लास रूम, उन्नत प्रयोगशालाओं (Labs) और मत्स्य फार्मों का बारीकी से अवलोकन किया।

विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने छात्रों को लैब में मौजूद विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों की कार्यप्रणाली और उनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया के अधिष्ठाता (Dean) डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय जी ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने भ्रमण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:"किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव (Practical Exposure) ही भविष्य के वैज्ञानिकों और मत्स्य विशेषज्ञों को तैयार करता है। इस तरह के अंतर-विश्वविद्यालय भ्रमण से छात्रों को नई तकनीकों को समझने और विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद करने का अवसर मिलता है, जो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित होगा।"

छात्रों ने इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक बताया और महाविद्यालय की सुविधाओं की सराहना की। इस दौरान विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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दतिया परिसर में कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह का मार्गदर्शक एवं प्रेरणादायी भ्रमण|रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्य...
28/01/2026

दतिया परिसर में कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह का मार्गदर्शक एवं प्रेरणादायी भ्रमण|

रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह जी ने आज दतिया परिसर का भ्रमण किया, और शैक्षणिक गतिविधियों का लिया जायजा। भ्रमण के दौरान दतिया परिसर स्थित दोनों महाविद्यालयों के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय (अधिष्ठाता, मात्स्यिकी महाविद्यालय) और डॉ. वी. पी. सिंह (अधिष्ठाता, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय) एवं वरिष्ठ अधिकारीगण कुलाधिपति महोदय के साथ उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय, अधिष्ठाता, मात्स्यिकी महाविद्यालय ने कुलाधिपति महोदय के भ्रमण को अत्यंत प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उनका सतत प्रयास है कि मात्स्यिकी महाविद्यालय को शैक्षणिक, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में देश के सर्वश्रेष्ठ मत्स्यिकी महाविद्यालयों में स्थापित किया जाए। उन्होंने बताया कि इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, व्यावहारिक प्रशिक्षण, किसान-केन्द्रित तथा अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कुलाधिपति द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन को इस लक्ष्य की प्राप्ति में अत्यंत सहायक बताया। वहीं डॉ. वी. पी. सिंह ने दतिया परिसर की स्थापना एवं विकास के लिए कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कुलाधिपति के दूरदर्शी नेतृत्व, निरंतर मार्गदर्शन और सक्रिय पहल के कारण दतिया परिसर अल्प समय में शैक्षणिक एवं प्रायोगिक गतिविधियों का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कुलाधिपति के मार्गदर्शन में दतिया परिसर भविष्य में कृषि, पशुपालन और मत्स्यिकी शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। कुलाधिपति ने परिसर की आधुनिक एवं कार्यशील प्रयोगशालाओं का गहन निरीक्षण किया, जहाँ चल रहे अनुसंधान, प्रायोगिक परीक्षणों तथा नवाचार आधारित गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने शोध कार्यों की सराहना करते हुए संसाधनों के प्रभावी उपयोग, अंतर-विषयक शोध और परिणामोन्मुखी नवाचार पर विशेष बल दिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। कुलाधिपति महोदय ने विद्यार्थियों से भी आत्मीय संवाद किया। छात्र-छात्राओं से बातचीत के दौरान उन्होंने अध्ययन, अनुसंधान और कौशल-विकास के महत्व को रेखांकित किया तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार, उद्यमिता और तकनीक-आधारित समाधान अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समकालीन कृषि चुनौतियों के समाधान हेतु युवाओं की रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर कुलाधिपति ने दतिया परिसर में संचालित शैक्षणिक एवं प्रायोगिक गतिविधियों की समग्र प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और भविष्य में बुनियादी ढाँचे, शोध सहयोग तथा किसान-केन्द्रित विस्तार गतिविधियों को और सशक्त करने की अपेक्षा व्यक्त की। यह दौरा न केवल विद्यार्थियों और संकाय के लिए प्रेरणास्रोत रहा, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान दिशा को और सुदृढ़ करने वाला भी सिद्ध हुआ।

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रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया परिसर का विशिष्ट अतिथियों ने किया भ्रमणदतिया, 19 जनवरी 2026: रानी लक्...
20/01/2026

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया परिसर का विशिष्ट अतिथियों ने किया भ्रमण

दतिया, 19 जनवरी 2026: रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RLBCAU) के दतिया परिसर में आज विशिष्ट अतिथियों का भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. ए.पी. सिंह (पूर्व अतिरिक्त आयुक्त, कृषि मंत्रालय) तथा डॉ. एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त मुख्य संपादक, दैनिक जागरण) ने विश्वविद्यालय के दतिया परिसर का दौरा किया।

भ्रमण के दौरान अतिथियों ने परिसर स्थित दोनों महाविद्यालयों के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय फार्म, उपलब्ध सुविधाओं (फैसिलिटीज) तथा वेटरनरी क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स सहित अन्य प्रमुख इकाइयों का निरीक्षण किया और विश्वविद्यालय में संचालित गतिविधियों व संसाधनों की जानकारी प्राप्त की।

विश्वविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा अतिथियों को विभिन्न सुविधाओं, कार्य-प्रणाली और प्रशिक्षण/अनुसंधान गतिविधियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया।
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मात्स्यिकी महाविद्यालय, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत हेतु भ...
31/12/2025

मात्स्यिकी महाविद्यालय, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत हेतु भव्य नवागंतुक स्वागत समारोह आयोजित
मात्स्यिकी महाविद्यालय, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा नवप्रवेशित प्रथम वर्ष के यूजी, पीजी एवं पीएच.डी. विद्यार्थियों के स्वागत हेतु 31 दिसंबर 2025 को दतिया परिसर में भव्य नवागंतुक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करना, उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराना तथा वरिष्ठ–कनिष्ठ छात्रों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण विकसित करना था।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. ए. के. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने नवप्रवेशित प्रथम वर्ष के यूजी, पीजी एवं पीएच.डी. विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिवार में हार्दिक स्वागत करते हुए शुभकामनाएँ दीं। कुलपति महोदय ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उनमें नेतृत्व क्षमता, नवाचार, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक दायित्व की भावना का विकास करना है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने शैक्षणिक जीवन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि नवप्रवेशित विद्यार्थी विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस गरिमामयी अवसर पर डॉ. एस. के. चतुर्वेदी (निदेशक, अनुसंधान), डॉ. अनिल कुमार (निदेशक, शिक्षा), डॉ. आर. के. सिंह (अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय), डॉ. मनीष श्रीवास्तव (अधिष्ठाता, बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय), डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय (अधिष्ठाता, मात्स्यिकी महाविद्यालय) तथा डॉ. वी. पी. सिंह (अधिष्ठाता, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय) की भी विशिष्ट उपस्थिति रही। सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं अधिष्ठातागण ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा नववर्ष के अवसर पर उनके शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जीवन में सफलता की कामना की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे आयोजनों की सराहना की और विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, परिचय सत्र एवं सौहार्दपूर्ण गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिससे नवप्रवेशित विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार हुआ और वे परिसर के शैक्षणिक जीवन से सहज रूप से जुड़ सके। अतिथियों ने विद्यार्थियों को अनुशासन, नवाचार और समर्पण के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, अनुसंधान एवं सह-पाठ्य अवसरों का सदुपयोग करने का संदेश दिया। यह कार्यक्रम डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव (सहायक छात्र कल्याण अधिकारी), डॉ. गिरिजा सौरभ बेहेरे (सहायक प्राध्यापक) तथा श्री गणेश कुमार (सहायक प्राध्यापक) के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन की सफलता में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता एवं समन्वय उल्लेखनीय रहा।
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