College of Fisheries RLBCAU Datia

College of Fisheries RLBCAU Datia Official page of College of Fisheries (CoF), Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University (RLBCAU), Datia

सचिव (आईसीएआर) ने आरएलबीसीएयू, दतिया परिसर का दौरा किया, शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाओं का लिया जायजा।  रानी लक्ष्मीबाई ...
06/06/2026

सचिव (आईसीएआर) ने आरएलबीसीएयू, दतिया परिसर का दौरा किया, शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाओं का लिया जायजा।

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरएलबीसीएयू), दतिया परिसर को 06 जून 2026 को श्री ज्ञानेन्द्र डी. त्रिपाठी, आईएएस, अतिरिक्त सचिव (डीएआरई) एवं सचिव (आईसीएआर) के आगमन का गौरव प्राप्त हुआ। अपने दौरे के दौरान ज्ञानेन्द्र डी. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों का अवलोकन किया। माननीय कुलपति, आरएलबीसीएयू के साथ उन्होंने क्रमशः वेटरिनरी क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स, वेटरिनरी फार्म कॉम्प्लेक्स, मत्स्य फार्म कॉम्प्लेक्स तथा मुख्य प्रशासनिक भवन का भ्रमण किया।

इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया तथा विश्वविद्यालय में संचालित शिक्षण, अनुसंधान एवं विकास कार्यों में गहरी रुचि दिखाई। माननीय कुलपति ने ज्ञानेन्द्र डी. त्रिपाठी को विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, वर्तमान परियोजनाओं तथा भावी विकास योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना एवं विकास में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा प्रदान किए गए सतत मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आईसीएआर के सहयोग से आरएलबीसीएयू बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं ग्रामीण विकास का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

इस अवसर पर डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय, अधिष्ठाता, मत्स्य महाविद्यालय, ने भी सचिव (आईसीएआर) का स्वागत करते हुए मत्स्य शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने हेतु आईसीएआर द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरएलबीसीएयू अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए उत्कृष्ट शिक्षण, नवाचार आधारित अनुसंधान तथा प्रभावी विस्तार कार्यक्रमों के माध्यम से अपना सर्वोत्तम योगदान देता रहेगा। यह दौरा विश्वविद्यालय के लिए अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हुआ। संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने भी इस अवसर पर प्राप्त मार्गदर्शन एवं प्रेरणा के लिए अपना आभार व्यक्त किया। इस पूरे कार्यक्रम का सुचारू मंच संचालन डॉ. गिरिजा सौरभ बेहेरे द्वारा किया गया।

मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का आयोजनमात्स्यिकी महाविद्यालय, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि...
05/06/2026

मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का आयोजन

मात्स्यिकी महाविद्यालय, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दतिया परिसर में आज "विश्व पर्यावरण दिवस 2026" के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए।” की प्रेरणादायक थीम पर आधारित यह कार्यक्रम दतिया परिसर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम माननीय कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह के संरक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन और आयोजन श्री गणेश कुमार द्वारा किया गया, जिसमें उपस्थित प्रमुख अकादमिक दिग्गजों ने पर्यावरण की चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार साझा किए।

इस वर्ष की थीम को ध्यान में रखते हुए, छात्रों में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने के लिए कई आकर्षक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने जलवायु परिवर्तन के समाधान के लिए मौखिक प्रस्तुति किए। छात्रों ने प्रकृति से प्रेरित संरक्षण रणनीतियों पर केंद्रित अपनी रचनात्मक अवधारणाओं को पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया। वैश्विक पर्यावरणीय मुद्दों और जैव विविधता पर छात्रों के ज्ञान को परखने और बढ़ाने के लिए एक सामूहिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद,डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव (विभागाध्यक्ष) ने औपचारिक स्वागत भाषण दिया और कार्यक्रम की रूपरेखा सामने रखी।

संस्थान के प्रमुख नीति-निर्धारकों ने पर्यावरण स्थिरता पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। डॉ. एस. के. सिंह (निदेशक-प्रसार शिक्षा) और डॉ. एस. के. चतुर्वेदी (निदेशक अनुसंधान) ने अपने संबोधन में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए छात्रों के महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य सत्र का समापन डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय, अधिष्ठाता, मात्स्यिकी महाविद्यालय के अध्यक्षीय भाषण के साथ हुआ, जिन्होंने एक सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति से प्रेरित व्यावहारिक समाधान अपनाने का आह्वान किया। इस पूरे कार्यक्रम का सुचारू मंच संचालन डॉ. गिरिजा सौरभ बेहेरे द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया, जिसके बाद आयोजक श्री गणेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

बुंदेलखंड के मत्स्य पालकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन: आधुनिक तकनीकों से बढ़ेगी आयबुंदेलखंड क्षेत्र म...
07/05/2026

बुंदेलखंड के मत्स्य पालकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन: आधुनिक तकनीकों से बढ़ेगी आय

बुंदेलखंड क्षेत्र में नील क्रांति को सुदृढ़ करने तथा मत्स्य पालन को एक लाभकारी एवं टिकाऊ आजीविका के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया (रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय) में “बुंदेलखंड क्षेत्र में कार्प मछली पालन” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। यह कार्यक्रम भा.कृ.अनु.प.–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो द्वारा अनुसूचित जाति योजना के अंतर्गत वित्तपोषित था। कार्यक्रम में बुंदेलखंड क्षेत्र के विभिन्न जिलों से आए मत्स्य पालकों, प्रगतिशील किसानों एवं युवा उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह कार्यक्रम डॉ. अशोक कुमार सिंह (कुलपति, रा.ल.बा.के.कृ.वि., झांसी) एवं डॉ. काजल चक्रवर्ती (निदेशक, भा.कृ.अनु.प. – राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रशिक्षण सलाहकार डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय (अधिष्ठाता, मात्स्यिकी महाविद्यालय) तथा डॉ. पूनम जयंत सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी, एस.सी.एस.पी.) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। यदि वैज्ञानिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीज, संतुलित आहार तथा उचित प्रबंधन पद्धतियों को अपनाया जाए तो किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को परंपरागत तरीकों के साथ-साथ आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण पुस्तिका का भी विमोचन किया गया l इस कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण पुस्तिका का भी विमोचन किया गया l

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कार्प मछली पालन की वैज्ञानिक विधियों, तालाब प्रबंधन, जल गुणवत्ता प्रबंधन, बीज चयन, पोषण एवं आहार प्रबंधन, रोग नियंत्रण तथा विपणन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गयी। साथ ही व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव भी कराया गया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीलेश कुमार, डॉ. विकास साहू एवं श्री रवि कुमार रहे, जिन्होंने प्रशिक्षण के सफलतापूर्वक संपन्न होने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा उन्होंने विभिन्न तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने में सहायक होता है, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सटीक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, माननीय कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह के कुश...
02/04/2026

किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सटीक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, माननीय कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दतिया परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मात्स्यिकी तथा पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने अपने सम्बोधन में विश्वविद्यालय और वाधवानी एआई की उन्नत तकनीक के इस संगम को किसानों के लिए एक मील का पत्थर बताया। इस बैठक के दौरान वाधवानी एआई और आर.एल.बी.सी.एयू. के बीच पशुपालन, मात्स्यिकी और पशुधन के लिए एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एडवाइजरी सिस्टम विकसित करने की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई।

इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर पशु चिकित्सा सेवाओं, बीमारियों से बचाव, उचित पोषण और उन्नत कृषि पद्धतियों से जुड़ी सटीक और व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। इस परियोजना के तहत वाधवानी एआई अपने भारतीय कृषि-विशिष्ट लैंग्वेज मॉडल 'गरुड़' और बहुभाषी एआई प्लेटफॉर्म 'एग्रीवाणी' का विस्तार पशुधन और मत्स्य पालन क्षेत्रों में करेगा, जिससे किसान मोबाइल-आधारित संवादात्मक इंटरफेस (टेक्स्ट और वॉयस) के माध्यम से अपनी समस्याओं का आसान भाषा में समाधान प्राप्त कर सकेंगे।

इस पूरी प्रक्रिया में आर.एल.बी.सी.एयू. एक 'नॉलेज पार्टनर' के रूप में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा, जो मत्स्य पालन में तालाब की तैयारी से लेकर पशुओं के प्रजनन और बीमारियों के प्रबंधन तक में वैज्ञानिक रूप से सहायक होगा। इसके अतिरिक्त, इस अहम साझेदारी से विश्वविद्यालय के मास्टर्स और डॉक्टोरल छात्रों को कृषि में एआई सिस्टम के विकास को सीखने के साथ-साथ सवेतन इंटर्नशिप के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे, तथा शोध पत्रों और श्वेत पत्रों के संयुक्त प्रकाशन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे विशेषज्ञ ज्ञान और अंतिम छोर पर बैठे किसानों के बीच की खाई को सफलतापूर्वक पाटा जा सकेगा।
Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying
Department of Fisheries India
Indian Council of Agricultural Research
Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University
Pramod Kumar Pandey

रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दतिया परिसर में 25 से 29 मार्च 2026 तक आयोजित खेल सप्ताह का प्रमाणपत्र व...
02/04/2026

रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दतिया परिसर में 25 से 29 मार्च 2026 तक आयोजित खेल सप्ताह का प्रमाणपत्र वितरण समारोह का समापन हुआ। इस आयोजन में छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने भी पूरे उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया।
​कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन डॉ. गिरिजा सौरभ बेहेरे और डॉ. अंकिता रौतेला द्वारा किया गया, जबकि संपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन सहायक छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव तथा स्पोर्ट्स इंचार्ज डॉ. सुधांशु रमन व डॉ. पशुपति एम. की देखरेख में संपन्न हुआ। यह संपूर्ण खेल सप्ताह विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
​इस विशेष अवसर पर मात्स्यिकी एवं पशु चिकित्सा तथा पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना का विकास करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की और आयोजन समिति के प्रयासों को सराहते हुए विजेताओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Department of Fisheries IndiaMinistry of Fisheries, Animal Husbandry and DairyingIndian Council of Agricultural ResearchIndian Council of Agricultural Research
Pramod Kumar Pandey

बुन्देलखंड क्षेत्र में जलजीव पालन को प्रोत्साहित करने एवं मत्स्य पालकों की उत्पादन क्षमता तथा आय में वृद्धि के उद्देश्य ...
31/03/2026

बुन्देलखंड क्षेत्र में जलजीव पालन को प्रोत्साहित करने एवं मत्स्य पालकों की उत्पादन क्षमता तथा आय में वृद्धि के उद्देश्य से मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया परिसर द्वारा किसानों को मत्स्य पालन से संबंधित आवश्यक एवं महत्वपूर्ण इनपुट्स जैसे कि मत्स्य आहार (फिश फीड), ऑक्सीजन टैबलेट, जल कीटाणुनाशक (वॉटर डिसइन्फेक्टेंट) तथा अन्य आवश्यक सामग्रियाँ उपलब्ध कराई गईं, ताकि वे अपने तालाबों में बेहतर प्रबंधन कर सकें और उत्पादन में वृद्धि कर सकें। यह कार्यक्रम विशेष रूप से अनुसूचित जाति के मत्स्य पालकों के लिए आयोजित किया गया, जिसे भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ द्वारा वित्तपोषित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मत्स्य कृषकों को इन इनपुट्स के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस अवसर पर मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में महाविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं कार्मिकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। यह कार्यक्रम निदेशक प्रसार के मार्गदर्शन एवं रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के माननीय कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह के कुशल निर्देशन एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में मत्स्य कृषकों ने इस उपयोगी पहल के लिए महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University
Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying
Department of Fisheries India
Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University
Pramod Kumar Pandey

ग्वालियर के किसानों ने किया रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय,दतिया परिसर का भ्रमणरानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय क...
18/03/2026

ग्वालियर के किसानों ने किया रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय,दतिया परिसर का भ्रमण

रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दतिया स्थित मात्स्यिकी महाविद्यालय तथा पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में आज ग्वालियर जिले के डबरा ब्लॉक से आए किसानों के एक दल ने भ्रमण किया। मध्यप्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के माध्यम से आए इन किसानों ने परिसर में मौजूद आधुनिक सुविधाओं और वैज्ञानिक नवाचारों का अवलोकन किया।

भ्रमण के दौरान ग्राम सर्वा और बारोल (ब्लॉक डबरा) के 15 किसानों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं और अनुसंधान फार्मों का निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने किसानों को मछली पालन के आधुनिक टैंकों और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया।

इस अवसर पर मात्स्यिकी महाविद्यालय तथा पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने कहा "आज के समय में केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय किसानों को मात्स्यिकी (मछली पालन) और पशुपालन जैसे क्षेत्रों को अपनाना चाहिए। ये क्षेत्र न केवल कम लागत में बेहतर लाभ देते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती भी प्रदान करते हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य इन नई तकनीकों को लैब से निकालकर सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है।"

किसानों ने महाविद्यालय के फार्म पर विकसित की गई नई पद्धतियों को देखा और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। किसानों का मानना था कि इस तरह के भ्रमण से उन्हें वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन और पशुपालन करने की नई प्रेरणा मिली है।
Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying
Department of Fisheries India
Indian Council of Agricultural Research
Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University
Pramod Kumar Pandey

रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया में 'आधुनिक जीनोमिक्स' पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन। ...
13/03/2026

रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया में 'आधुनिक जीनोमिक्स' पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन।

​रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया में आज आधुनिक जीनोमिक्स और मल्टी-ओमिक्स विश्लेषण में कार्यप्रवाह विषय पर आयोजित पांच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।

​आई.सी.ए.आर. -राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो द्वारा वित्त पोषित इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आधुनिक विज्ञान की बारीकियों से रूबरू कराना था।​इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें भारत के 15 विभिन्न राज्यों और अलग-अलग 16 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के 25 छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पांच दिनों तक चले इस सत्र में प्रतिभागियों को जीनोमिक्स के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोधों और डेटा विश्लेषण की जटिल प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।

मात्स्यिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित किया। अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा:​"आज का युग 'डेटा' और 'सटीक विज्ञान' का है। जीनोमिक्स और मल्टी-ओमिक्स जैसी तकनीकें न केवल मत्स्य पालन, बल्कि कृषि के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आपको उन कौशलों से लैस करना है जो आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर शोध की दिशा तय करेंगे। मुझे खुशी है कि देशभर के छात्रों ने यहाँ से जो ज्ञान अर्जित किया है, वे उसे अपने संबंधित संस्थानों में नवाचार के लिए उपयोग करेंगे।"

​प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।विभिन्न राज्यों से आए छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे इस कार्यशाला ने उन्हें अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और विश्लेषण टूल को समझने में मदद की।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में प्रशिक्षण समन्वयक श्री पार्थ सारथी त्रिपाठी तथा ​सह-समन्वयक डॉ. अनुज त्यागी और डॉ. नीलेश कुमार की भूमिका सराहनीय रही।

​इस अवसर पर मंच का संचालन श्री गणेश कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, वैज्ञानिक और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि दतिया स्थित यह महाविद्यालय मत्स्य विज्ञान और आधुनिक शोध के क्षेत्र में एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying
Department of Fisheries India
Indian Council of Agricultural Research
National Bureau of Fish Genetic Resources, Lucknow
Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University
Pramod Kumar Pandey

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया में 'आधुनिक जीनोमिक्स और मल्टी-ओमिक्स' पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्य...
09/03/2026

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया में 'आधुनिक जीनोमिक्स और मल्टी-ओमिक्स' पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया के मात्स्यिकी महाविद्यालय में आज से 'आधुनिक जीनोमिक्स और मल्टी-ओमिक्स विश्लेषण के वर्कफ़्लो' विषय पर पाँच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आगाज हुआ।
भा.कृ.अनु.प.-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरों, लखनऊ द्वारा वित्तपोषित यह प्रशिक्षण 9 मार्च से 13 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय डॉ . अशोक कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय, अधिष्ठाता, मात्स्यिकी महाविद्यालय के दिशा-निर्देशों के तहत हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. अनुज त्यागी और डॉ. विवेक कुमार सिंह उपस्थित रहे।मंच का सफल संचालन डॉ. गिरिजा बेहेरे द्वारा किया गया। यह पाँच दिवसीय कार्यक्रम मुख्य रूप से एम.यस.सी. और पी.एच.डी . छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य आधुनिक 'ओमिक्स' प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में छात्रों के बीच: ​प्रायोगिक कौशल को निखारना, ​विश्लेषणात्मक आत्मविश्वास पैदा करना ​और शोध की तैयारी को मजबूती प्रदान करना है।
Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying
Department of Fisheries India
Indian Council of Agricultural Research
National Bureau of Fish Genetic Resources, Lucknow
Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University
Pramod Kumar Pandey

डॉ. राजेन्द्र सिंह परोदा ने आरएलबीसीएयू, दतिया परिसर का किया भ्रमण, विद्यार्थियों व संकाय को किया संबोधितरानी लक्ष्मीबाई...
06/03/2026

डॉ. राजेन्द्र सिंह परोदा ने आरएलबीसीएयू, दतिया परिसर का किया भ्रमण, विद्यार्थियों व संकाय को किया संबोधित

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आर.एल.बी.सी.ए.यू), झाँसी के दतिया परिसर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक तथा भारत सरकार के कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डी.ए.आर.ई) के पूर्व सचिव डॉ. राजेन्द्र सिंह परोदा का आगमन हुआ। उनके आगमन पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. ए. के. सिंह तथा मात्स्यिकी महाविद्यालय और पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय द्वारा उनका स्वागत किया गया।
अपने भ्रमण के दौरान डॉ. परोदा ने दतिया परिसर स्थित पशु चिकित्सालय एवं विभिन्न फार्म सुविधाओं का अवलोकन किया तथा वहाँ संचालित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए मत्स्य क्षेत्र में मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया तथा पशुपालन क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक प्रयासों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने अमूल मॉडल का उदाहरण देते हुए बताया कि इस प्रकार की व्यवस्थाओं से छोटे एवं सीमांत किसानों को काफी लाभ मिल सकता है। डॉ. परोदा ने विविध प्रजातियों के संवर्धन पर बल देते हुए मत्स्य पालन के क्षेत्र में नई संभावनाओं को अपनाने की आवश्यकता बताई। साथ ही पशुपालन में दूध की उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम केवल उत्पादन की मात्रा पर ही नहीं, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने केज कल्चर प्रणाली के माध्यम से तिलापिया पालन की संभावनाओं पर विचार करने का भी सुझाव दिया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने उन्हें अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करने तथा अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दीपक उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. गिरिजा सौरभ बेहेरे द्वारा किया गया।
Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying
Indian Council of Agricultural Research
Department of Fisheries India
Rani Lakshmi Bai Central Agricultural University
Pramod Kumar Pandey

Address

Noner
Datia
475661

Opening Hours

Monday 10am - 5am
Tuesday 10am - 5am
Wednesday 10am - 5am
Thursday 10am - 5am
Friday 10am - 5am
Saturday 10am - 5am

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when College of Fisheries RLBCAU Datia posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The University

Send a message to College of Fisheries RLBCAU Datia:

Share