02/04/2022
2 अप्रैल 2022 Third day
डीबीएस महाविद्यालय में चल रहे सात दिवसीय शिविर का तृतीय दिवस : डीबीएस महाविद्यालय में चल रहे सात दिवसीय शिविर का आज तृतीय दिवस था बीते 2 दिवसों की तुलना में आज की गतिविधियों के लिए समस्त सम सेवकों में बहुत ज्यादा उमंग और उत्साह था |
सर्वप्रथम हमने अपने आज के कार्यक्रम की भी शुरुआत
सरस्वती वंदना और गायत्री मंत्र के साथ की| तत्पश्चात योग की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज यूनिट 20 की कमांडर देवांशी ने
सभी स्वयंसेवकों को योगा के विभिन्न आसन बताएं और सब ने साथ मिलकर योगा किया |
राष्ट्रीय सेवा योजना वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ शिवानी पटनायक ने सभी स्वयंसेवकों को योगा से संबंधित विभिन्न आसनों के महत्व के बारे में बताया, किस प्रकार से हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में हमारी मदद करते हैं, इसके बारे में समझाया | योगा करने के पश्चात हमारे सभी स्वयंसेवकों ने थोड़ी देर के लिए ध्यान किया | जिससे हमारे मन और दिमाग को शांति प्राप्त हो सके | राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डॉ आराधना शर्मा ने ध्यान से संबंधित लाभ को बताते हुए स्वयं सेवकों को ध्यान करने के लिए प्रेरित किया |
कार्यक्रम की इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज हमारे राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी स्वयंसेवकों ने घर घर जाकर लोगों से नशा मुक्त अभियान के ऊपर बात की, तथा नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाई |
जोया, अंजलि ,नीलम ,सोनम साक्षी ,आरती, जिज्ञासा ,मेघा ,प्रिया ,तनु ,शिवानी करिश्मा कृतिका ,वर्तिका ,दिया ,आरजू, मुस्कान ,महक, रवीना ऋषिका, आकांक्षा आदि बहुत से स्वयंसेवकों ने इस गतिविधि में सक्रिय रूप से भाग लिया | और मंच संचालन का कार्य यूनिट 19 की कमांडर सिमरन दिवाकर ने किया |
नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान को ध्यान में रखते हुए हमारे स्वयं सेवकों ने एक समूह गान किया |
सात दिवसीय विशेष शिविर में निरंतर एक व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित होता है जिसमें हम अत्यंत सम्मानीय और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के अनुभव को सुनते हैं, तथा अलग-अलग विषयों पर
उनके प्रेरणादायक शब्दों को हम सुनते हैं|
इसी श्रृंखला में हमारी आज की वक्ता रेनू सकलानी रही | जोकि अमर उजाला में अत्यंत सम्मानीय पत्रकारों में से एक हैं |
बहुत छोटी सी उम्र में उन्होंने अपने संघर्ष मेहनत और कड़ी लगन से अपने जीवन को बनाया है, रेनू जी ने अपनी जीवनशैली और अपने अनुभव हमारे स्वयं सेवकों के साथ साझा किया | रेनू जी की कहानी ने सभी स्वयंसेवकों को बहुत ज्यादा प्रेरित किया |
उनके द्वारा कहे गए विशेष शब्द इस प्रकार हैं
उन्होंने कहा कि" मैं किसी की जिम्मेदारी नहीं बनना चाहती बल्कि मैं खुद जिम्मेदार बनना चाहती हूं |
हमारी आज की वक्ता ने हमारे स्वयं सेवकों को बहुत ज्यादा जोश और उत्साह से भर दिया | उन्होंने यह साबित किया कि परिस्थिति चाहे कैसी भी हो अगर हम कुछ करने की ठानी तो हम उसको आसानी से कर सकते हैं, इसके लिए सिर्फ हमें अपना इरादा और हौसला पक्का रखना चाहिए |
और अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ शिवानी पटनायक ने हमारी आज की वक्ता रेनू सकलानी को
सम्मान चिन्ह देकर उन्हें अपना अमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद कहा |
तथा अंत में कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन जन गण मन के साथ हुआ |