31/08/2026
हल्द्वानी में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना भाजपा की बौखलाहट और राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति का एक और उदाहरण है। जब भाजपा राहुल गांधी जी का मुकाबला विचारों, तथ्यों और जनहित के मुद्दों पर नहीं कर पाती, जब महंगाई, बेरोजगारी, किसानों, युवाओं, महिलाओं, संविधान और सामाजिक न्याय जैसे सवालों पर जनता के सामने जवाब देना मुश्किल हो जाता है, तब विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए मुकदमों और एफआईआर का सहारा लिया जाता है। हल्द्वानी में हुई यह कार्रवाई भी उसी राजनीतिक मानसिकता का हिस्सा दिखाई देती है। भाजपा चाहे जितने मुकदमे दर्ज करा ले, कितनी भी शिकायतें करवा ले, लेकिन राहुल गांधी जी को डराना उसके बस की बात नहीं है। राहुल गांधी जी वह नेता हैं जो सत्ता के सामने झुकने के बजाय देश के करोड़ों वंचितों, गरीबों, युवाओं और शोषितों की आवाज़ बनकर खड़े हैं।
सबसे बड़ा सवाल भाजपा की कथित संवेदनशीलता और उसके दोहरे चरित्र पर है। आज भाजपा र