28/06/2016
एंबुलेंस में हो रही थी मादक पदार्थों की तस्करी
नशे के काले कारोबार में लिप्त तस्कर अब एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवा का उपयोग करने से नहीं चूक रहे। तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही ऐसी ही एक एंबुलेंस सहित तीन तस्करों को पुलिस ने चेकिंग के दौरान दबोच लिया। पकड़े गये तीनों तस्कर हल्द्वानी के हैं। उनके कब्जे से 5.8 स्मैक ग्राम बरामद की गई है।
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सोमवार को यूपी बार्डर पर कोतवाली पुलिस के चेकिंग अभियान के दौरान एक सनसनीखेज मामला सामने आया। आपात कालीन परिस्थितियों में प्रयोग की जाने वाली एंबुलेंस में तस्करों के पकड़े जाने से पुलिस भी हैरत में पड़ गयी। दरअसल हूटर बजाते हुए रामपुर की ओर से आ रही एंबुलेंस (यूके0जी-पीए0812) के भीतर बैठे लोगों की हरकतों पर संदेह हुआ तो पुलिस ने एंबुलेंस चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक एंबुलेंस को तेजी से भगा ले जाने की कोशिश करने लगा। कुछ ही दूरी पर पुलिस ने वाहन को रोक लिया। एंबुलेंस की चेकिंग की गई तो उसमें मरीज और तीमारदारों की जगह 3 स्मैक तस्कर निकले। जिनमें से एक तस्कर बीमार बनकर लेटा हुआ था एक उसके साथ बैठा था और तीसरा एंबुलेंस चला रहा था। तीनों ही स्मैक के नशे में थे। पूछताछ में तस्करों ने अपना नाम पता पटेल चौक हल्द्वानी निवासी विशाल जोशी पुत्र प्रमोद जोशी, भोटियापड़ाव हल्द्वानी निवासी विक्की वाल्मीकि पुत्र छब्बू लाल और वारसी कालोनी हल्द्वानी निवासी मो. इश्तियाक पुत्र एमए हुसैन बताया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 5.8 ग्राम स्मैक बरामद हुई। जिसकी कीमत 60 हजार से अधिक बताई गई है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गये स्मैक तस्कर लंबे समय से एम्बुलेंस के जरिये मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे थे। वे बिलासपुर के शादाब नामक व्यापारी से स्मैक लेकर आ रहे थे।
पकड़ने वाली पुलिस टीम में एसआई वीरेंद्र रमोला, एसआई विनोद फर्त्याल, कमलेश भट्ट, सिपाही मोहन रावत, जगदीश सिंह, दीवान सिंह, विजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि थे।
एंबुलेंस के प्रयोग का जिले में पहला मामला
नशे के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस कितने भी जाल फैलाए, लेकिन तस्कर हमेशा पुलिस से एक कदम आगे निकलने की होड़ में लगे रहते हैं। नशे के कारोबार में वीआईपी वाहनों के प्रयोग के जिले में कई मामले पूर्व में सामने आ चुके हैं, लेकिन एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवा को नशे के कारोबार के लिए प्रयोग में लाने का जिले में पहला मामला सामने आया है। इससे पुलिस भी हैरान है। एंबुलेंस पर तस्करी के बारे में पुलिस को भी कोई आभास नहीं था। बार्डर पर वाहन चेकिंग के दौरान तस्करों की हरकतें सामान्य रहती तो शायद पुलिस तस्करों को नहीं पकड़ पाती।
यूपी के इलाकों से आ रही है नशे की बड़ी खेप
उत्तराखंड में नशे का सामान यूपी से बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जा रहा है। इसका खुलासा कई बार पुलिस कर चुकी है। हाल ही के दिनों में जो भी तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं उनके तार कहीं न कही यूपी के रामपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत आदि इलाकों से जुड़े हैं। पुलिस भी मानती है कि इन क्षेत्रों से बड़ी खेप उत्तराखंड को सप्लाई की जा रही है। रुद्रपुर और सितारगंज मे सिडकुल की स्थापना के बाद यहां बाहरी लोगों की आमद बढ़ने से नशे के सामान की खपत भी बढ़ी है, जिसका फायद मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले लोग उठा रहे हैं। बताया जाता है कि मोटी कमाई के लिए स्मैक, हेराईन और नशे की दवाईयां यूपी के उत्तराखंड भेजते हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से चरस की बड़ी खेप यूपी के इलाकों में सप्लाई की जाती है।
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नशे के खिलाफ चलाएगी बड़ा अभियान
अवैध कारोबार को रोकने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। एसएसपी के आदेश पर जिले की पुलिस ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। एसएसपी का कहना है कि जिले में अवैध शराब, स्मैक, चरस गांजा, अफीम, नशे के इंजेक्शन व दवाइयों आदि का कारोबार करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जाएगा। कहा नशे के सामान की तस्करी करने वाले कितने ही प्रभावशाली क्यों न हो पुलिस उन्हें बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि नशे की लत के कारण जिले में क्राइम का ग्राफ भी बढ़ रहा है, लिहाजा पुलिस अब इस पर विशेष फोकस करेगी। उन्होंने कहा जिले भर में इसके लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये हैं।