इग्नू के मानविकी विद्यापीठ का प्रारम्भ वर्ष 1988 से हुआ है, जिसके अंतर्गत संस्कृत अनुशासन के विविध कार्यक्रम सञ्चालित हैं। संस्कृत भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। यह भाषा के रूप में अत्यन्त वैज्ञानिक होने के साथ-साथ सर्व प्रामाणिक भी है। प्राचीन भारत का समग्र ज्ञान इसी भाषा में निबद्ध है। वेद से लेकर आधुनिक संस्कृत साहित्य की परंपरा में आज भी संस्कृत अपने उसी रूप में संगठित और सुव्यवस्थित है।
प्राचीन ज्ञान, विज्ञान, तकनीकी, प्रौद्योगिकी से आरंभ करते हुए हमारे ऋषि एवं आचार्यों ने मानव मात्र के साथ प्राणी मात्र के हित चिंतन में ज्ञान की खोज करके इसी भाषा में निबद्ध किया है।
संस्कृत अनुशासन के कार्यक्रमों का उद्देश्य भारतीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार शिक्षार्थियों को उच्च गुणवत्ता शिक्षा के साथ-साथ उनके समग्र विकास तथा बहुआयामी प्रतिभा का विकास करना है। इन कार्यक्रमों से संस्कृत के छात्र को मुख्य धारा से जोड़कर आधुनिक समय की आवश्यकता के अनुसार रोजगार के नवीन अवसर उपलब्ध कराना है। अतः संस्कृत भाषा, व्याकरण, वेद, दर्शन, ज्योतिष आदि प्राचीन ज्ञान परंपरा के साथ-साथ वर्तमान समय की आवश्यकता अनुसार वैदिक गणित, भारतीय कालगणना, वास्तु शास्त्र, प्राचीन विज्ञान जैसे कार्यक्रमों तथा मीडिया, इ-कॉमर्स जैसे कौशल के पाठ्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास पर भी अधिक बल दिया गया है।