02/10/2021
शास्त्री जी कहते थे कि "हम सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि समस्त विश्व के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं".
उन्होंने "जय जवान जय किसान" का नारा दिया जिसका अर्थ है "सैनिक की जय हो, किसान की जय हो".
महात्मा गांधी जिन्हें आज़ाद भारत का निर्माणकर्ता अर्थात राष्ट्रपिता माना जाता है । राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने भारत की स्वत्रंता के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी । उन्होंने सत्य और अहिंसा के आदर्शों पर चलकर भारत को ब्रिटिश शासन की बेड़ियों से मुक्त कराया था ।
यह भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वह सत्याग्रह के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे। उनकी इस अवधारणा की नींव संपूर्ण अहिंसा के सिद्धांत पर रखी गयी थी जिसमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम कर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता के प्रति आंदोलन के लिए प्रेरित किया।
उनका यह कथन अपने आप में ही पूर्णतः सार्थक है -
*"व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है,*
*वह जो सोचता है वही बन जाता है"।*
2 अक्टूबर के दिन को संपूर्ण भारत इनकी जन्मतिथि को हर्षोल्लास पूर्ण मनाकर इन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करता है।
इस दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है । वस्तुतः गांधी जी विश्व भर में उनके अहिंसात्मक आंदोलनों के लिए जाने जाते है और यह दिवस उनके प्रति वैश्विक स्तर पर सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है ।
आज के विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी बापू के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाये तथा देश हित के लिए अपना योगदान दे ,गाँधी जयंती को मनाने के कारणों में मुख्य उद्देश्यों में से एक है ।
विश्व शांति, परस्पर मैत्रीपूर्ण व्यवहार, और किसी भी संघर्ष के लिए अहिंसात्मक प्रतिरोध करने जैसी भावनाओं का सभी मानव जाति के हृदयो में उत्पन्न करना ही गाँधी जयंती को विशाल स्तर पर मनाये जाने का प्रबल आधार है ।
इस दिन शिक्षा संस्थानों में कई तरह की संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है।
गाँधी जी का जीवन समक्ष मानव जाति के लिए सर्वोत्तम उदहारण है , आदर्शों से परिपूर्ण जीवन जीने का व इसे समझने का ।
*दोनों महान व्यक्तित्व को उनके जन्मोत्सव पर शत शत नमन।*