23/07/2012
साभार AIBSF JNU
बिहार केंद्रीय विश्वविधालय के समाजशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफ़ेसर (ओबीसी) के पद पर १७ उम्मीदवारों में से किसी को भी नियुक्त नहीं किया गया. साक्षात्कार समिति का कहना है कि कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला. यह कैसी विडम्बना है कि जिस देश में हाड तोड़ मेहनत करने वाले लोग एमए, एमफिल तथा पीएचडी के अलावा नेट/जेआरएफ की परीक्षा भी पास कर लेते है फिर भी उनको अयोग्य अर्थात "नॉट फौंड सुटेबल" घोषित कर दिया जाता है. ओबीसी के साथ ऐसा अन्याय आखिर कब तक होता रहेगा ?