Shri Lal Bahadur Shastri National Sanskrit University

  • Home
  • India
  • Delhi
  • Shri Lal Bahadur Shastri National Sanskrit University

Shri Lal Bahadur Shastri National Sanskrit University Traditional Sanskrit University A Central University established by an act of parliament

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो मुरलीमनोहर पाठक जी ने आज माननीया राष्ट्रप...
11/05/2026

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो मुरलीमनोहर पाठक जी ने आज माननीया राष्ट्रपति महोदया एवं विश्वविद्यालय की विज़िटर श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी से राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर माननीय कुलपति महोदय ने माननीया राष्ट्रपति जी को विश्वविद्यालय से प्रकाशित शोध पत्रिका ‘शोध प्रभा’ का विशेषांक तथा विश्वविद्यालय पंचांग सादर भेंट किया। महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने तीनों केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के वार्षिक महोत्सव ‘उत्कर्ष’ के चित्रों का अत्यन्त रुचिपूर्वक अवलोकन किया तथा ‘उत्कर्ष’ महोत्सव की इस सांस्कृतिक एवं शैक्षिक यात्रा को राष्ट्र और संस्कृत-जगत् के लिए अत्यन्त बहुमूल्य एवं प्रेरणादायी बताया।

माननीया राष्ट्रपति महोदया ने NAAC द्वारा विश्वविद्यालय को A++ ग्रेड प्राप्त होने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की तथा विश्वविद्यालय परिवार के समस्त सदस्यों के लिए मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।

इस अवसर पर माननीय कुलपति महोदय ने विश्वविद्यालय में संचालित विविध शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं भारतीय ज्ञान-परम्परा आधारित पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही संस्कृत, भारतीय ज्ञान प्रणाली, पाण्डुलिपि संरक्षण, वैदिक अध्ययन तथा वैश्विक स्तर पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार से सम्बन्धित विश्वविद्यालय की भावी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं से भी महामहिम को अवगत कराया।


President of India
Rashtrapati Bhavan
PMO India
Dharmendra Pradhan
Ministry of Education
University Grants Commission
Press Information Bureau - PIB, Government of India

आप सभी को यह जानकर हर्ष होगा कि Ministry of Ayush द्वारा “Yoga 365” अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य...
10/05/2026

आप सभी को यह जानकर हर्ष होगा कि Ministry of Ayush द्वारा “Yoga 365” अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर उसे वर्षभर की स्वस्थ जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाना है।
https://moa.habit.yoga/
यह पहल हम सभी को शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित एवं सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करती है। योग न केवल हमारी कार्यक्षमता एवं एकाग्रता को बढ़ाता है, बल्कि जीवन में अनुशासन, ऊर्जा और आत्मविश्वास का भी संचार करता है।
अतः आप सभी से सादर अनुरोध है कि इस महत्वपूर्ण अभियान में उत्साहपूर्वक सहभागिता करें तथा शीघ्र अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। आपकी सक्रिय भागीदारी न केवल आपके व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगी, बल्कि हमारे विश्वविद्यालय को एक स्वस्थ, ऊर्जावान एवं प्रेरणादायी परिसर के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
आइए, हम सभी मिलकर “Yoga 365” अभियान को जन-जन तक पहुँचाएँ और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
“स्वस्थ तन, शांत मन — योगमय जीवन का आधार”



Ministry of Ayush, Government of India

Ministry of Education
University Grants Commission
Dharmendra Pradhan
PMO India
Press Information Bureau - PIB, Government of India
Ministry of Culture, Government of India
MyGovIndia

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में पांडुलिपि अध्ययन एवं अनुसंधान पर कार्यशाला आयोजितदिनांक 30 ...
03/05/2026

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में पांडुलिपि अध्ययन एवं अनुसंधान पर कार्यशाला आयोजित

दिनांक 30 अप्रैल 2026 को श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वं ज्ञानभारतम् के संयुक्त तत्वावधान में पांडुलिपि अध्ययन, अनुसंधान तथा रोजगार उन्मुखता विषयक एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारतीय परंपरा में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों के अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करना तथा संस्कृत के छात्रों को इसके माध्यम से नए रोजगार के अवसरों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक जी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने पांडुलिपि विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में पांडुलिपियों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्रों को इस क्षेत्र में शोध, पाठ-संपादन एवं डिजिटलीकरण जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. मनोज कुमार झा, डॉ. राजकुमार एवं डॉ. लक्ष्मीधर पाणिग्राही जी भी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पांडुलिपि अध्ययन न केवल ज्ञान-विस्तार का माध्यम है, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलता है। यह भी बताया कि किस प्रकार प्राचीन ग्रंथों के पाठ-संपादन, अनुवाद एवं शोध कार्यों के माध्यम से संस्कृत के विद्यार्थियों के लिए अकादमिक, शोध एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजकों ने सभी अतिथियों, विद्वानों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन शोधविभागाअध्यक्ष प्रो. बिष्णुपद महापात्र द्वारा किया गया।



Ministry of Education
University Grants Commission
Dharmendra Pradhan
PMO India
Press Information Bureau - PIB, Government of India

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आपके जीवन में शांति, प्रेम और करुणा का प्रकाश बना रहे।भगवान गौतम बुद्ध के आदर्श आपके जीवन...
01/05/2026

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आपके जीवन में शांति, प्रेम और करुणा का प्रकाश बना रहे।
भगवान गौतम बुद्ध के आदर्श आपके जीवन को सदा प्रेरित करें।
बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। 🙏


Ministry of Education
University Grants Commission
Dharmendra Pradhan
PMO India
Press Information Bureau - PIB, Government of India
Ministry of Culture, Government of India

30/04/2026

Glimpses of One Week Online National Faculty Development Programme on Integration of AI in Teaching, Assessment & Research organised by MMTTC of SLBSN Sanskrit University (Central University), N. Delhi from 22nd to 29th April, 2026

भगवान बुद्ध के सिद्धांतों से ही विश्व में शांति संभव – भन्ते महेन्द्रश्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद...
22/04/2026

भगवान बुद्ध के सिद्धांतों से ही विश्व में शांति संभव – भन्ते महेन्द्र

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के सांख्ययोग एवं योग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित NET/JRF (कनिष्ठ अध्येतावृत्ति) परीक्षा हेतु निःशुल्क कक्षाओं के उद्घाटन अवसर पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी भन्ते महेन्द्र जी तथा भन्ते भदन्त ज्ञानेश्वर (बुद्ध विहार, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में भन्ते महेन्द्र जी ने कहा कि भगवान बुद्ध के सिद्धांतों से ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने बुद्ध के अष्टांगिक मार्ग का उल्लेख करते हुए सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाणी, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक व्यायाम, सम्यक स्मृति एवं सम्यक समाधि को जीवन में अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अहिंसा, करुणा, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलकर ही मानव समाज में स्थायी शांति स्थापित हो सकती है।

माननीय कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक जी ने अपनी शुभकामनाएं एवं आशीर्वचन प्रेषित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता दर्शन पीठ प्रमुख प्रो. अनेकांत जैन ने की। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि भगवान महावीर और भगवान बुद्ध दोनों ने विश्व को शांति, अहिंसा और सद्भाव का संदेश दिया है, जो आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है।

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मारकण्डेय नाथ तिवारी, विभागाध्यक्ष (सांख्ययोग एवं योग विज्ञान) ने “आप्प दीपो भवः” के संदेश को उद्धृत करते हुए आत्मनिर्भरता, आत्मज्ञान एवं सत्य की खोज के लिए स्वयं पर विश्वास रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. रमेश कुमार, सहायक आचार्य (योग विज्ञान विभाग) रहे। इस अवसर पर प्रो. के. अनंता, डॉ. विजय गुसाई, आचार्य लेखराज सिंह, आचार्य रोहित कुमार, डॉ. विनय गोपाल सहित अनेक विद्वान एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का वाचिक स्वागत डॉ. नवदीप जोशी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हरि राम मीणा, सहायक आचार्य द्वारा प्रस्तुत किया गया।

University Grants Commission

Ministry of Education
Dharmendra Pradhan
PMO India
Press Information Bureau - PIB, Government of India

नए उत्साह, नई ऊर्जा और नई फसल की खुशियों के साथबैसाखी का यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आए।बैसाखी...
14/04/2026

नए उत्साह, नई ऊर्जा और नई फसल की खुशियों के साथ
बैसाखी का यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आए।
बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएँ!


Ministry of Education
University Grants Commission
Dharmendra Pradhan
PMO India
Press Information Bureau - PIB, Government of India
MyGovIndia

ज्ञान, समानता और न्याय के प्रतीक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।आपके विचार हमें हमेशा सही म...
14/04/2026

ज्ञान, समानता और न्याय के प्रतीक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।
आपके विचार हमें हमेशा सही मार्ग दिखाते रहेंगे।

Ministry of Education

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रकल्याण पीठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधा...
14/04/2026

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रकल्याण पीठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर छात्रों ने अपने नाट्य प्रदर्शन के माध्यम से समाज में समानता, शिक्षा के महत्व, सामाजिक न्याय एवं संविधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों एवं आदर्शों से प्रेरित करना तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाना रहा।

नुक्कड़ नाटक में छात्रों ने अपने सशक्त अभिनय एवं संवादों के माध्यम से उपस्थित दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





Ministry of Education
University Grants Commission
Dharmendra Pradhan
PMO India
Press Information Bureau - PIB, Government of India
Om Birla
MyGovIndia

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में छात्र कल्याण पी...
14/04/2026

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में छात्र कल्याण पीठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में एक विशिष्ट व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था “नारी सशक्तिकरण में डॉ. भीमराव अंबेडकर का योगदान”।

कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति महोदय प्रो. मुरलीमनोहर पाठक जी द्वारा की गई। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव प्रो. पवन कुमार शर्मा उपस्थित रहे, जबकि सारस्वत अतिथि के रूप में छात्रकल्याणपीठ प्रमुख, प्रो. मार्कण्डेयनाथ तिवारी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सविता राय (सहाचार्या, शिक्षाशास्त्र विभाग) ने विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया।

अपने संबोधन में मुख्य वक्ता डॉ. सविता राय ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के नारी सशक्तिकरण संबंधी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को समान अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक प्रयास किया। उन्होंने बाबा साहेब द्वारा संचालित सामाजिक आंदोलनों की भी विस्तार से चर्चा की।

प्रो. मारकंडे नाथ तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें बाबा साहेब के कृतित्व और व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। वहीं कुलसचिव प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि ऐसे महापुरुषों की जयंती भव्य रूप से मनाई जानी चाहिए, जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके और वे उनके विचारों से परिचित हो सकें।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति महोदय ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा किए गए सामाजिक परिवर्तन शास्त्रसम्मत थे और वे वंचित, शोषित एवं दलित वर्ग के उत्थान हेतु समर्पित थे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बाबा साहेब संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान थे।

कार्यक्रम में विषय स्थापना प्रो. आदेश कुमार (विभागाध्यक्ष, आधुनिक ज्ञान विभाग एवं नोडल अधिकारी) द्वारा की गई। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संयोजन डॉ. सौरभ दुबे द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्री आदित्य पंचोली ने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




Ministry of Education
University Grants Commission
Dharmendra Pradhan
PMO India
Press Information Bureau - PIB, Government of India
Ministry of Culture, Government of India
MyGovIndia
Mera Yuva Bharat - MY Bharat
Om Birla

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 की पृष्ठभूमि में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर विचार-विमर्श एवं भाषण प्रतियोगिता का सफल आ...
13/04/2026

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 की पृष्ठभूमि में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर विचार-विमर्श एवं भाषण प्रतियोगिता का सफल आयोजन।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के आलोक में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के महिला अध्ययन केन्द्र एवं छात्र कल्याण पीठ द्वारा “विधायिका में महिलाओं की न्यून भागीदारी : चुनौतियाँ एवं समाधान” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद प्रो. राकेश सिन्हा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक जी ने की। कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में साहित्य अकादमी पुरस्कृत श्री प्रेम शंकर शर्मा, दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग की सह-आचार्या डॉ. लक्ष्मी मिश्रा तथा हिन्दू महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. सुनील जोशी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात माननीय कुलपति जी द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। स्वागत भाषण छात्र कल्याण पीठ प्रमुख प्रो. मार्कण्डेय नाथ तिवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया। महिला अध्ययन केन्द्र की निदेशिका प्रो. मीनू कश्यप ने विषय प्रवर्तन करते हुए अतिथियों का वाचिक स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

अपने मुख्य उद्बोधन में प्रो. राकेश सिन्हा ने कहा कि इस प्रकार के विषयों पर विश्वविद्यालय में आयोजन होना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भारत में भाषण मात्र शब्दों तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह सामाजिक अभिव्यक्ति का माध्यम है, जो समाज की दिशा और सोच को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि न्याय सिद्धांत नए विचारों को जन्म देता है तथा सामान्य परिवारों से आने वाले छात्रों ने विश्व स्तर पर परिवर्तन किया है।
उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महाकवि कालिदास के ‘अभिज्ञानशाकुंतलम्’ का उल्लेख किया, जिसने जर्मनी जैसे देशों के साहित्य को नई दिशा दी। साथ ही उन्होंने मणिपुर के महिला बाजार का उदाहरण देते हुए महिला सशक्तिकरण की प्रभावशाली मिसाल प्रस्तुत की।
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय परंपरा में महिलाओं की सशक्त भूमिका रही है, जैसे महाभारत के पश्चात द्रौपदी द्वारा वित्त प्रबंधन तथा स्वतंत्र भारत की प्रथम महिला स्वास्थ्य मंत्री द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य, जिसके परिणामस्वरूप AIIMS जैसे संस्थानों की स्थापना हुई।
अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि के कारण ग्रामीण स्तर तक महिलाएं राजनीति में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “घर की रसोई से लेकर सदन तक महिला की भागीदारी भारत को आगे बढ़ा रही है” तथा विकसित भारत @2047 के निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका है।
उन्होंने सरोजनी नायडू, कमला नेहरू, भगिनी निवेदिता एवं सुषमा स्वराज जैसी प्रेरणादायी महिलाओं के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पद्मश्री प्रो. अभिराज राजेन्द्र मिश्रा ने अपने आशीर्वचन में कहा कि मातृशक्ति के बिना किसी भी समाज का विकास संभव नहीं है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में माननीय कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने कहा कि भारत में मैत्रेयी एवं गार्गी जैसी विदुषी महिलाओं के योगदान के कारण ही आज महिला सशक्तिकरण की सुदृढ़ परंपरा दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रारम्भ से ही महिलाओं की प्रत्येक क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी रही है और जिस क्षेत्र में महिलाएं कार्य करती हैं, वह कार्य सदैव उत्कृष्ट होता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आगामी 16 अप्रैल भारत के लिए एक नया इतिहास रचने वाला दिन सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विषय पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास का माध्यम बना, बल्कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को लेकर सकारात्मक विमर्श को भी प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में शिक्षकों गैर शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं सहित लगभग 400 उपस्थित रहे प्रतियोगिताओं में लगभग 40 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान भी छात्राओं द्वारा ही प्राप्त किया गया। कुलसचिव प्रो. पवन कुमार शर्मा द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




#नारीशक्तिवंदनअधिनियम2023

Address

B4, Qutub Institutional Area
Delhi
110016

Opening Hours

Monday 9am - 5:30pm
Tuesday 9am - 5:30pm
Wednesday 9am - 5:30pm
Thursday 9am - 5:30pm
Friday 9am - 5:30pm
Saturday 9am - 5:30pm

Telephone

+911146060606

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Shri Lal Bahadur Shastri National Sanskrit University posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The University

Send a message to Shri Lal Bahadur Shastri National Sanskrit University:

Share