KEC Dwarahat, Almora

KEC Dwarahat, Almora The Kumaon engineering College Dwarahat, established by the then Govt. of Uttar Pradesh in 1986 for The nearest rail head, Kathgodam, is 110 km from Dwarahat.

Kumaon Engineering College is affiliated to Uttarakhand Technical University Dehradun. College offers excellent academic environment. And has the status of an autonomous institutional society which is fully financed and controlled by the Uttarakhand State Government.

संसार में दो प्रकार के पेड़ पौधे होते हैं।प्रथम - अपना फल स्वयं दे देते हैं,जैसे - आम, अमरुद, केला इत्यादि ।द्वितीय - अपन...
05/07/2023

संसार में दो प्रकार के पेड़ पौधे होते हैं।

प्रथम - अपना फल स्वयं दे देते हैं,जैसे - आम, अमरुद, केला इत्यादि ।
द्वितीय - अपना फल छिपाकर रखते हैंजैसे - आलू, अदरक, प्याज इत्यादि ।

जो फल अपने आप दे देते हैं, उन वृक्षों को सभी खाद-पानी देकर सुरक्षित रखते हैं, और ऐसे वृक्ष फिर से फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं ।

किन्तु जो अपना फल छिपाकर रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते हैं, उनका वजूद ही खत्म हो जाता हैं।

ठीक इसी प्रकार...
जो व्यक्ति अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वयं ही समाज सेवा में समाज के उत्थान में लगा देते हैं, उनका सभी ध्यान रखते हैं और वे मान-सम्मान पाते है।

वही दूसरी ओर,

जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वार्थवश छिपाकर रखते हैं, किसी की सहायता से मुख मोड़े रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते है, अर्थात् समय रहते ही भुला दिये जाते है।

प्रकृति कितना महत्वपूर्ण संदेश देती है, बस समझने, सोचने और कार्य में परिणित करने की बात है !!!

The students and alumni of BTKIT (erstwhile KEC Dwarahat, Almora) have been the stars at the Cross Country Race event. K...
23/05/2023

The students and alumni of BTKIT (erstwhile KEC Dwarahat, Almora) have been the stars at the Cross Country Race event.
KEC alumnus Amit Saini, DySP CO, Karnaprayag (ECE, 2010) was the chief guest at this occasion.

👆🏽IBM ad 50 years ago (1973).  When the whole world was misled into believing that Algebra came from Arab civilization (...
06/03/2023

👆🏽IBM ad 50 years ago (1973). When the whole world was misled into believing that Algebra came from Arab civilization (Al-Jabr), this was how IBM came up with such fantastic print ads in international newspapers, acknowledging that Algebra had actually originated in India thousands of years ago.
Significantly it's addressed to a woman. In all other cultures education especially mathematics was a male preserve
Fascinating and beautiful

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥देवाधिदेव महादेव भगवान भोलेनाथ ...
18/02/2023

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

देवाधिदेव महादेव भगवान भोलेनाथ की आराधना के पवित्र पर्व 'महाशिवरात्रि' की आपको और आपके समस्त परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

भगवान शिव जी से प्रार्थना है कि आप सभी के जीवन में ज्ञान, समृद्धि एवं धन-वैभव की वर्षा करें।

Shastri जी on 10 Jan and Dr. Homi Bhabha on 24th Jan, just 15 days later in Air crash.Pioneers for India's nuclear power...
24/01/2023

Shastri जी on 10 Jan and Dr. Homi Bhabha on 24th Jan, just 15 days later in Air crash.

Pioneers for India's nuclear power, Thorium reactors removed. People should not forget their contribution and how they were eliminated by Foreign forces.

Remembering Homi J. Bhabha - 'The Father of India's Nuclear Program', on his 57th death anniversary. 🙏

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुन्य तिथि पर शत शत नमन 🙏
19/01/2023

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुन्य तिथि पर शत शत नमन 🙏

भास्करस्य यथा तेजो मकरस्थस्य वर्धते।तथैव भवतां तेजो वर्धतामिति कामये।।मकरसङ्क्रान्तिपर्वणः सर्वेभ्यः शुभाशयाः।‪नवीन ऊर्ज...
14/01/2023

भास्करस्य यथा तेजो मकरस्थस्य वर्धते।
तथैव भवतां तेजो वर्धतामिति कामये।।
मकरसङ्क्रान्तिपर्वणः सर्वेभ्यः शुभाशयाः।

‪नवीन ऊर्जा के स्वागत में मनाये जाने वाले समरसता के प्रतीक मकर सक्रांति, लोहरी, बीहू, पोंगल, उत्तरायण इत्यादि समस्त त्यौहारों की आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ. 🙏🙏

🙏 *हमारी सुबह की पहली कामना है कि आप स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें।* 💐*धन्यवाद।।*एक कहानी है, एक बहुत बड़ा अमीर आदमी था। उसने अ...
10/01/2023

🙏 *हमारी सुबह की पहली कामना है कि आप स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें।* 💐

*धन्यवाद।।*

एक कहानी है, एक बहुत बड़ा अमीर आदमी था। उसने अपने गांव के सब गरीब लोगों के लिए, भीख मांगने वालों के लिए माहवारी दान बांध दिया था। किसी को दस रुपये मिलते महीने में, किसी को बीस रुपये मिलते। वे हर एक तारीख को आकर अपने पैसे ले जाते थे। वर्षों से ऐसा ही चल रहा था। एक भीख मांगने वाले, जिसका कि बड़ा परिवार था। उसे पचास रुपये महीने मिलते थे। वह हर एक तारीख को आकर अपने रुपये लेकर जाता था।

एक तारीख आई। वह रुपये लेने आया, बूढ़ा भिखारी। लेकिन धनी के मैनेजर ने कहा कि भई, थोड़ा हेर-फेर हुआ है। पचास रुपये की जगह सिर्फ पच्चीस रुपये अब से तुम्हें मिलेंगे। वह भिखारी बहुत नाराज हो गया। उसने कहा, क्या मतलब? सदा से मुझे पचास मिलते रहे हैं। और बिना पचास लिए मैं यहां से न हटूंगा। क्या कारण है पच्चीस देने का? मैनेजर ने कहा कि जिनकी तरफ से तुम्हें रुपये मिलते हैं उनकी लड़की का विवाह है और उस विवाह में बहुत खर्च होगा। और यह कोई साधारण विवाह नहीं है। उनकी एक ही लड़की है, करोड़ों का खर्च है। इसलिए अभी संपत्ति की थोड़ी असुविधा है। पच्चीस ही मिलेंगे। उस भिखारी ने जोर से टेबल पीटी और उसने कहा, इसका क्या मतलब? तुमने मुझे क्या समझा है? मैं कोई सेठ साहूकार हूं? मेरे पैसे काट कर और अपनी लड़की की शादी? अगर अपनी लड़की की शादी में लुटाना है तो अपने पैसे लुटाओ मेरे पैसे क्यों।

कई सालों से उसे पचास रुपये मिल रहे हैं; वह आदी हो गया है, अधिकारी हो गया है; वह उनको अपने मान रहा है। उसमें से पच्चीस काटने पर उसको विरोध है।

अब यहां ईश्वरीय विधान देखें -....
जो मिला है जीवन में, उसे हम अपना मान रहे है। उसमें से कटेगा तो हम विरोध तो करेंगे, लेकिन उसके लिए हमने धन्यवाद कभी नहीं दिया है। उस भिखारी ने कभी धन्यवाद नहीं दिया उस अमीर को आकर कि तू पचास रुपये महीने हमें देता है, इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद। लेकिन जब कटा तो विरोध।

जीवन के लिए जो प्राप्त है, तुम्हारे मन में कोई धन्यवाद नहीं है, मृत्यु के लिए बड़ी शिकायत। सुख के लिए कोई धन्यवाद नहीं है, दुख के लिए बड़ी शिकायत। तुम सुख के लिए कभी धन्यवाद देने मंदिर गए हो? दुख की शिकायत लेकर ही गए हो जब भी गए हो। जब भी तुमने परमात्मा को पुकारा है तो कोई दुख, कोई पीड़ा, कोई शिकायत। तुमने कभी उसे धन्यवाद देने के लिए भी पुकारा है? जो तुम्हें मिला है उसकी तरफ भी तुम पीठ किए खड़े हो। और इस कारण ही तुम्हें जो और मिल सकता था, उसका भी दरवाजा बंद है।।

💓 *हृदय पर आधारित ध्यान करें।* 💓
🙏 *आपका दिन उन्नति कारक हो।* 💐

🙏 *हमारी सुबह की पहली कामना है कि आप स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें।* 💐*मै तो तुझ में समा सकता हूँ ना।।*यूनान का प्रसिद्ध दार्श...
29/12/2022

🙏 *हमारी सुबह की पहली कामना है कि आप स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें।* 💐

*मै तो तुझ में समा सकता हूँ ना।।*

यूनान का प्रसिद्ध दार्शनिक ''सुकरात '' समुद्र तट पर टहल रहे थे।
समुद्र के तट पर एक बच्चे को रोते हुए देख पास आकर प्यार से बच्चे के सिर पर हाथ फेरकर पूछने लगे 'बालक तू क्यूँ रो रहा है ?'
तब बालक कहने लगा 'ये जो मेरे हाथ में प्याला है मैं उसमे समुद्र को भरना चाहता हूँ, पर ये मेरे प्याले में समाता ही नहीं!!

ये बात सुन के सुकरात स्वयं विषाद में चले गये और रोने लगे।
बच्चा कहने लगा ''आप भी मेरी तरह रोने लगे, पर आपका प्याला कहाँ है ?''
सुकरात ने जवाब दिया, 'बालक तुम छोटे से प्याले में समुद्र भरना चाहते हो और मैं अपनी छोटी सी बुद्धि में सारे संसार की जानकारी भरना चाहता हूँ ..
आज तुमको देखकर पता चला की समुद्र प्याले में नहीं समा सकता ..
ये बोल सुन कर बच्चे ने प्याले को जोर से समुद्र में फेंक दिया और बोला, सागर अगर तुम मेरे प्याले में नहीं समा सकता तो मेरा प्याला तो तुम्हारे में समा सकता है ना??

यह सुन सुकरात बच्चे के पैरों में गिर पड़े और कहने लगे, बहुत कीमती सूत्र हाथ में लगा है ,,,!
हे परमात्मा!!
आप तो सारा का सारा मुझ में नहीं समा सकते, पर मैं तो सारा का सारा तुझ में लीन हो सकता हूँ ना।
मेरा मुझ में कुछ ना रहे,
सारा का सारा तेरा,
तेरा तुझ को ही अर्पण,
यही है समर्पण।।

♥️ *हृदय पर आधारित ध्यान करें।* ♥️
🙏 *आपका दिन उन्नति कारक हो।* 💐

07/11/2022

सम्राट शांतनु ने विवाह किया एक मछुवारे की पुत्री सत्यवती से, उनका बेटा ही राजा बने इसलिए भीष्म ने विवाह न करके आजीवन संतानहीन रहने की भीष्म प्रतिज्ञा की.* सत्यवती के बेटे बाद में क्षत्रिय बन गए, जिनके लिए भीष्म आजीवन अविवाहित रहे, क्या उनका शोषण होता होगा?*

_महाभारत लिखने वाले वेद व्यास भी मछुवारे थे, पर महर्षि बन गए, गुरुकुल चलाते थे वो._

_विदुर जिन्हें महापंडित कहा जाता है वो एक दासी के पुत्र थे, हस्तिनापुर के महामंत्री बने, उनकी लिखी हुई विदुर नीति राजनीति का एक महाग्रन्थ है._

_भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया._

_श्रीकृष्ण दूध का व्यवसाय करने वालों के परिवार से थे, उनके भाई बलराम खेती करते थे, हमेशा हल साथ रखते थे. यादव क्षत्रिय रहे हैं कई प्रान्तों पर शासन किया और श्रीकृष्ण सबके पूजनीय हैं, गीता जैसा ग्रन्थ विश्व को दिया._

_राम के साथ वनवासी निषादराज गुरुकुल में पढ़ते थे‌. उनके पुत्र लव-कुश महर्षि वाल्मीकि के गुरुकुल में पढ़े जो वनवासी थे और पहले डाकू थे._
तो ये हो गयी वैदिक काल की बात, स्पष्ट है कोई किसी का शोषण नहीं करता था, सबको शिक्षा का अधिकार था, कोई भी बड़े से बड़े पद तक पहुंच सकता था अपनी योग्यता के अनुसार._*
वर्ण केवल काम के आधार पर थे, वो बदले जा सकते थे. जिसको आज इकोनॉमिक्स में डिवीज़न ऑफ़ लेबर कहते हैं वो ही._*

_प्राचीन भारत की बात करें तो भारत के सबसे बड़े जनपद मगध पर जिस नन्द वंश का राज रहा वो जाति से नाई थे. नन्द वंश की शुरुवात महापद्मनंद ने की थी जो कि राज-नाई थे. बाद में वो राजा बन गए फिर उनके बेटे भी बाद में सभी क्षत्रिय ही कहलाये._

_उसके बाद मौर्य वंश का पूरे देश पर राज हुआ, जिसकी शुरुआत चन्द्रगुप्त से हुई जो कि एक मोर पालने वाले परिवार से थे और एक ब्राह्मण चाणक्य ने उन्हें पूरे देश का सम्राट बनाया, 506 साल देश पर मौर्यों का राज रहा._

_फिर गुप्त वंश का राज हुआ जो कि घोड़े का अस्तबल चलाते थे और घोड़ों का व्यापार करते थे, 140 साल देश पर गुप्ताओं का राज रहा._
केवल पुष्यमित्र शुंग के 36 साल के राज को छोड़कर 92% समय प्राचीन काल में देश में शासन उन्हीं का रहा, जिन्हें आज दलित पिछड़ा कहते हैं तो शोषण कहाँ से हो गया? यहां भी कोई शोषण वाली बात नहीं है._*

_फिर शुरू होता है मध्यकालीन भारत का समय जो सन 1100- 1750 तक है, इस दौरान अधिकतर समय, अधिकतर जगह मुस्लिम शासन रहा. अंत में मराठों का उदय हुआ, बाजीराव पेशवा जो कि ब्राह्मण थे, ने गाय चराने वाले गायकवाड़ को गुजरात का राजा बनाया._ _चरवाहा जाति के होलकर को मालवा का राजा बनाया._ _अहिल्या बाई होलकर स्वयं बहुत बड़ी शिवभक्त थीं. ढेरों मंदिर, गुरुकुल उन्होंने बनवाये._
_मीराबाई जो कि राजपूत थीं उनके गुरु एक चर्मकार रविदास थे और रविदास के गुरु ब्राह्मण रामानंद थे, यहां भी शोषण वाली बात कहीं नहीं है._

मुग़ल काल से देश में गंदगी शुरू हो गई और यहां से पर्दा प्रथा, ग़ुलाम प्रथा, बाल-विवाह जैसी चीज़ें शुरू होती हैं
_1947 तक अंग्रेज़ों का शासन रहा और यहीं से जातिवाद शुरू हुआ, जो उन्होंने फूट डालो और राज करो की नीति के तहत किया. अंग्रेज़ अधिकारी निकोलस डार्क की किताब *"कास्ट ऑफ़ माइंड"* में मिल जाएगा कि कैसे अंग्रेजों ने जातिवाद, छुआछूत को बढ़ाया और कैसे स्वार्थी भारतीय नेताओं ने अपने स्वार्थ में इसका राजनीतिकरण किया._

_इन हज़ारों सालों के इतिहास में देश में कई विदेशी आये जिन्होंने भारत की सामाजिक स्थिति पर किताबें लिखी हैं, जैसे कि *मेगास्थनीज़* ने *इंडिका* लिखी, फ़ाह्यान, ह्वेन सांग और ‌अलबरूनी जैसे कई हैं, किसी ने भी नहीं लिखा कि यहाँ किसी का शोषण होता था._

योगी आदित्यनाथ जो ब्राह्मण नहीं हैं, गोरखपुर मंदिर के महंत हैं, पिछड़ी जाति की उमा भारती महामंडलेश्वर रही हैं. जन्म आधारित जातीय व्यवस्था हिन्दुओं को कमज़ोर करने के लिए लाई गई थी इसलिए भारतीय होने पर गर्व करें और घृणा, द्वेष और भेदभाव के षड्यंत्र से स्वयं भी बचें, औरों को भी बचाएँ....!!_

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Team BTKIT won Inter College Volleyball tournament organised by UTU in Rishikesh OIMT College (Omkarananda Institute of ...
13/10/2022

Team BTKIT won Inter College Volleyball tournament organised by UTU in Rishikesh OIMT College (Omkarananda Institute of Management & Technology, Rishikesh)

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Dwarahat
263653

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