12/09/2026
--"विनोबा जयंती समारोह पूर्वक सम्पन्न"--
बीते कल आचार्य विनोबा भावे पी जी कॉलेज छीड़ा मे विनोबा जयंती वैदिक यज्ञ एवं संगोष्ठी के साथ समारोह पूर्वक मनायी गई। शुभारंभ दीप प्रज्वलन और विनोबा जी तथा संस्थापक कर्मयोगी पंडित राम किशोर त्रिपाठी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। बतौर प्रबंधकमैने अपने उद्बोधन में कहा कि आध्यात्मिक व्यक्तित्व विनोबा जी ने कर्मयोग और श्रम को जीवन का आधार माना। राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी के आध्यात्मिक शिष्य विनोबा जी को गांधी जी ने आजादी के आंदोलन में व्यक्तिगत सत्याग्रह के समय 17 अक्टूबर 1940 को प्रथम व्यक्तिगत सत्याग्रही के रूप मे चुना । इसमें उन्हें तीन साल की जेल हुई। विनोबा जी को भूदान आंदोलन के प्रणेता के रूप में जाना जाता है, जिसमें 80000 किमी पैदल चलकर उन्होंने सैकड़ों एकड़ जमीन भूस्वामियों से ली और भूमिहीनों मे बांट दी।भूदान आंदोलन को रक्त हीन क्रांति की संज्ञा दी जाती है।विनोबा जी ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के सर्वोदय, अहिंसा और प्रेम को सार्वजनिक जीवन में उतारा ।
विदित हो कि महाविद्यालय में विनोबा जी की मूर्ति का अनावरण तत्कालीन सांसद वर्तमान मे नेता प्रतिपक्ष जननायक श्री राहुल गांधी जी ने किया था।