29/04/2026
टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, औद्योगिक क्षेत्र, गया, बिहार में दिनांक 27-28 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बहुविषयक सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय था – “Empowering Teachers for Quality Education in Emerging Trends”।
यह कार्यक्रम मुख्य संरक्षक माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) शशि प्रताप शाही (मगध विश्वविद्यालय, बोधगया) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सह-संरक्षक प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार मंगलम (कुलसचिव, मगध विश्वविद्यालय) एवं संरक्षक प्रो. (डॉ.) सुशील कुमार सिंह (निदेशक, शिक्षा विभाग, मगध विश्वविद्यालय) का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) कामेश्वर नाथ सिंह (माननीय कुलपति, साउथ बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी, गया), विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार मंगलम, प्रो. (डॉ.) रवि कांत (माननीय विभागाध्यक्ष शिक्षा विभाग, साउथ बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी, गया), प्रो. (डॉ.) धनंजय धीरज (माननीय विभागाध्यक्ष, शिक्षा विभाग गया कॉलेज, गया), प्राचार्य डॉ रविंद्र कुमार, बी.आई.ई एवं बी.एम.एच&एम. के प्राचार्य महोदय डॉ. सुरेंद्र कुमार शर्मा, डॉ.शेर सिंह, प्राध्यापक डॉ. हरेंद्र कुमार, महाविद्यालय के सचिव एवं बी.आई.टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रबंध निदेशक महोदय माननीय ई. अवधेश कुमार एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
महाविद्यालय के सचिव एवं बी.आई.टी. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रबंध निदेशक ई. अवधेश कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक, तकनीक-समर्थ एवं मूल्य आधारित बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का समावेश शिक्षकों को भविष्य की शैक्षणिक चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार शिक्षकों एवं शोधार्थियों को नवीन दृष्टिकोण प्रदान करते हैं तथा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार ने सेमिनार को शिक्षकों एवं शोधार्थियों के लिए एक सशक्त शैक्षणिक मंच बताया और समापन एवं पुरस्कार वितरण सत्र (Valedictory Session) में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया इसके साथ ही प्रस्तुत किए गए विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की|
अंतर्राष्ट्रीय विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. ओसामा रवाशदेह (Qassim university, Qassim kindom of Soudi Arabia) एवं सेमिनार निदेशक डॉ. एन. कुमार (ICSRD, Head , Bengaluru, Karnataka) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार , बी.एम.एच&एम. के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार शर्मा और प्राध्यापक डॉ. अवनीश कुमार सिंह, डॉ. पीयूष कुमार शुक्ला के द्वारा लिखित B.Ed. कक्षा की पुस्तक "समकालीन भारत और शिक्षा"(Contemporary India and Education.) का विमोचन भी किया गया और सेमिनार निदेशक डॉ. एन. कुमार (ICSRD, Head , Bengaluru, Karnataka) के द्वारा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के (Award for Excellence) उत्कृष्ट सम्मान से सम्मानित भी किया गया|
दोनों दिनों में भारत के विभिन्न राज्यों जैसे बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि के साथ-साथ नेपाल के 200+ से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा कुल 85 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। प्रमुख विषयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक सशक्तिकरण, कौशल आधारित अधिगम एवं समावेशी शिक्षा शामिल रहे।
आयोजन सचिव डॉ. पीयूष कुमार शुक्ल ने समापन अवसर पर कहा कि इस सेमिनार में प्राप्त शोध निष्कर्ष एवं विचार-विमर्श शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देंगे तथा शिक्षकों को आधुनिक शैक्षणिक चुनौतियों के प्रति अधिक सक्षम बनाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. सुशील कुमार मिश्रा द्वारा कुशलतापूर्वक एवं प्रभावी ढंग से किया गया। उन्होंने अपने सधे हुए संचालन से कार्यक्रम को व्यवस्थित, रोचक एवं समयबद्ध बनाए रखा, जिससे सभी सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
सेमिनार समन्वयक डॉ. अवनीश कुमार सिंह ने सभी आगंतुकगण,प्रतिभागी, मीडिया, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी सम्मानित जन का आभार प्रकट किया और कहा की आप के सहयोग से ही "उभरते रुझानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को सशक्त बनाना" प्रकरण पर यह विमर्श सार्थक हुआ।