15/08/2022
पंजाब-सिंधु-गुजरात-मराठा
द्रविड़-उत्कल-बंगा
विंध्य-हिमाचल-यमुना-गंगा,
उच्छल-जलधि-तरंग
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रीय गान में निहित है भारत की आत्मा। आइए हमारे साथ इस 76वें स्वतंत्रता दिवस देश के प्रत्येक नागरिक को देश की भिन्न-भिन्न सभ्यताओं से जुड़ी भाषाओं में बधाई दें। आज़ादी का अमृत महोत्सव का एक अर्थ भाषाओं से जुड़ी आज़ादी भी है। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत बधाई। जय हिंद 🇮🇳
धन्यवाद
टीम समवेग