वैशाली विश्वविद्यालय... यह एक सपना है जिसे मैंने देखा है, बिहार के वैशाली जिले के सभी लोगों की आंखो से। और इसे मैं एक मुहिम में तब्दील करना चाहता हूं। और मुझे उम्मीद है कि इसमें आप सभी का साथ मुझे जरूर मिलेगा क्योंकि इसमें मेरा कोई निजी स्वीर्थ नहीं है, न ही यह मेरी कोई मेरी निजी कंपनी होगी।........ क्या आप नहीं चाहते कि बिहार में एक ऐसा विश्वविद्यालय हो जहां अलग-अलग डिपार्टमेंट्स में दुनिय की सभी
चीजों की पढाई होती हो(इसका सबसे जीता जागता उदाहरण है इंदौर का इकलौता विश्वविद्यालय, 'देवी अहिल्या विश्वविद्यालय), ताकि बिहार के बच्चों को अपनी पढ़ाई के लिए बाहर न जाना पड़े और हमारी-आपकी तरह छोटी-छोटी पढ़ाई के लिए कोर्स फीस के दोगुना सिर्फ रहने और खाने पर खर्च न करना पड़े। ........ क्या अबतक बिहार में है ऐसा कोई विश्वविद्यालय? मुझे लगता है कि आप सबका जवाब होगा नहीं........ क्योंकि आजादी के इतने दिनों बाद भी बिहार की ऐतिहासिक धरती पर ऐसा कोई विश्वविद्यालय अबतक स्थापित नहीं हो पाया। जिस पटना विश्वविद्यालय से एक उम्मीद थी वह भी अबतक रातनीति की चक्की में पिसता रहा है और दो कदम आगे बढ़ने की जगह चार कदम पीछे ही खिंचता रहा है। और मुझे लगता है कि बिहार में इसके लिए सबसे मुफीद जगह वैशाली या हाजीपुर की ऐतिहासिक धरती है। ........ क्योंकि पटना में अब कई विश्वविद्यालय हो गए हैं। मुजफ्फरपुर में भी एक विश्वविद्यालय है। और अब मोतीहारी को भी एक केंद्रीय विश्वविद्यालय मिल गया है। नालंदा में भी नालंदा विश्वविद्यालय शुरु हो चुका है। ऐसे में वैशाली की ऐतिहासिक धरती के लिए एक ऐसी मुहिम क्यों न शुरु की जाए, जिससे एक नई पहचान के साथ यह धऱती हमेशा-हमेशा के लिए फिर से अमर हो जाए। .........तो आईये जुड़िए इस मुहिम में और हमसब मिलकर बिहार में एक ऐसे एक विश्वविद्यालय का सपना देखते हैं। वादा रहा अगर आपका साथ मिला एक दिन ये सपना जरूर साकार हो जायेगा।