Dev Sanskriti Vishwavidyalaya (DSVV)

Dev Sanskriti Vishwavidyalaya (DSVV) Specialization in Yog and Psychology. Popular for yog, culture, and spirituality. in technical field popular for Animation
A real man Making University.
(243)

Born out of a unique vision of the Chief Patron Vedmoorti Taponishtha Pt. Sriram Sharma Acharya, the University is an educational institution, which could mold its students into noble and enlightened human beings: selfless, warm-hearted, compassionate and kind individuals. Under the flagship of the mother institution Shantikunj as a part of Shri Ved Mata Gayatri Trust activities, a man-making spir

itual academy & Head Quarter of All World Gayatri Pariwar, the foundation of the University was laid down in 1999. The vision became a reality in the month of April 2002, when the University was duly recognized by the University Grants Commission. Unlike most, it caters to all aspects of its students’ lives—academic as well as cultural, spiritual, and social. Along with an excellent domain focused approach, sectoral excellence and a widely knitted outreach connect, we try to build individuals with Spirituality as their locus of control and help them excel as holistic people through our meticulously designed curriculums and dedicated faculty. The lush green 84 acres campus located at the lap of Great Himalayas and the bank of river Ganga, offers a truly world class spiritual ambience for developing talent of very highest caliber. Within a short span of time since its inception in 2002, the University has taken rapid strides towards achieving its goals and has become a leader in imparting Contemporary Education (Shiksha) with Spiritual Wisdom (Vidya).

Vilnius, Lithuaniaअखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय...
25/04/2026

Vilnius, Lithuania

अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी अपने यूके एवं यूरोप प्रवास के क्रम में Vilnius पहुँचे। इस दौरान उन्होंने भारत के राजदूत श्री देवेश उत्तम जी एवं Vilnius University (VU) के Vice Rector Prof. Valdas Jaskunas के साथ सौहार्दपूर्ण भेंट की।

इस अवसर पर भारतीय संस्कृति, शिक्षा एवं वैश्विक सहयोग के विभिन्न आयामों पर सार्थक चर्चा हुई। विशेष रूप से भारत-लिथुआनिया के मध्य शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने भारतीय जीवन मूल्यों, योग एवं समग्र शिक्षा पद्धति को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं, उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने इस प्रकार के संवाद को भविष्य में और आगे बढ़ाने की सहमति व्यक्त की।
यह भेंट भारत और लिथुआनिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।

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कौनस,लिथुआनियादेव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति *आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी अपने यूके एवं यूरोप प्रवास* के क्रम...
25/04/2026

कौनस,लिथुआनिया

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति *आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी अपने यूके एवं यूरोप प्रवास* के क्रम में Kaunas पहुँचे, जहाँ उन्होंने Vytautas Magnus University (VMU) के Vice Chancellor Prof. Rytis Parkosnis एवं विभिन्न संकायों (Schools) के डीन के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

इस बैठक में शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, तथा शोध के क्षेत्र में संभावित संयुक्त परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान-विज्ञान के आदान-प्रदान को सशक्त बनाने तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति एवं जीवन-दर्शन को स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।

डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उद्देश्यों, विशेषकर मानवीय मूल्यों, योग, भारतीय संस्कृति एवं समग्र शिक्षा पद्धति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रसारित करने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं VMU के वाइस चांसलर एवं डीनगणों ने इस सहयोग को भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसे और आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

* कौनस, लिथुआनियायूके एवं यूरोप प्रवास के क्रम में देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय...
22/04/2026

* कौनस, लिथुआनिया

यूके एवं यूरोप प्रवास के क्रम में देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी Vytautas Magnus University, कौनस (Kaunas) पहुँचे, जहाँ उन्होंने शैक्षणिक सहयोग (Academic Collaboration) के विभिन्न आयामों पर महत्वपूर्ण चर्चा की।
इस अवसर पर उनकी भेंट विश्वविद्यालय के डीन ऑफ फैकल्टीज़ प्रो. गिडेमिनिस तथा वाइस डीन प्रो. जुगिता से हुई। बैठक के दौरान दोनों संस्थानों के मध्य शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध कार्यक्रमों तथा विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के लिए सहयोग के नए अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

डॉ. पंड्या जी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय की मूल्य-आधारित एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित शिक्षा प्रणाली की विशेषताओं को साझा किया, जिसे वहाँ के शिक्षाविदों ने अत्यंत सराहनीय बताया।
यह संवाद भविष्य में दोनों संस्थानों के बीच सुदृढ़ शैक्षणिक साझेदारी स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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कौनस, लिथुआनियादेव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी अपने यूके एवं यूरोप प्रवा...
21/04/2026

कौनस, लिथुआनिया

देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी अपने यूके एवं यूरोप प्रवास क्रम में लिथुआनिया के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र कौनस पहुंचे और वहां भारतीय ज्ञान परंपरा एवं जीवन मूल्यों का प्रभावी प्रसार किया।

इस अवसर पर उन्होंने वहाँ अध्ययनरत मास्टर एवं पीएचडी विद्यार्थियों के लिए विशेष व्याख्यान एवं कक्षाओं का संचालन किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने भारतीय संस्कृति, समग्र शिक्षा, नैतिक मूल्यों तथा वैज्ञानिक अध्यात्म के समन्वय पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने उनकी कक्षाओं में गहरी रुचि दिखाई तथा भारतीय जीवन दर्शन को समझने के प्रति उत्साह व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा जगत में देव संस्कृति विश्वविद्यालय की गरिमा को और अधिक सुदृढ़ किया।

यह प्रवास न केवल शैक्षणिक आदान-प्रदान का माध्यम बना, बल्कि भारतीय संस्कृति और वैश्विक समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हुआ।






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विगत दिनों अपने यू.के. एवं यूरोप प्रवास के क्रम में एंटवर्प (बेल्जियम) में गायत्री परिवार प्रतिनिधि आद. डॉ. चिन्मय पंड्य...
20/04/2026

विगत दिनों अपने यू.के. एवं यूरोप प्रवास के क्रम में एंटवर्प (बेल्जियम) में गायत्री परिवार प्रतिनिधि आद. डॉ. चिन्मय पंड्या जी की गरिमामयी उपस्थिति में दीपयज्ञ का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ। इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में बेल्जियम के कौंसुल ने भी श्रद्धा एवं सम्मान के साथ सहभागिता कर भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

इस पावन अवसर पर उपस्थित सभी साधकों एवं गणमान्यजनों ने दीपयज्ञ के माध्यम से विश्वशांति, सद्भाव एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। इस प्रवास के दौरान आद. डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने यूरोप के सबसे बड़े जैन मंदिर का भी दर्शन किया, जो भारतीय आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक प्रतिष्ठा का एक उज्ज्वल प्रतीक है।

परमवंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर विदेश प्रवास के क्रम में गायत्री परिवार प्रतिनिधि आद. डॉ. चिन्मय प...
19/04/2026

परमवंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर विदेश प्रवास के क्रम में गायत्री परिवार प्रतिनिधि आद. डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ लंदन के नॉर्थोल्ट स्थित मैदान के निरीक्षण हेतु पहुँचे।

यह स्थल आगामी समय में प्रस्तावित एक विशाल एवं गरिमामयी कार्यक्रम का केंद्र बनने जा रहा है। इस अवसर पर व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा, संभावनाओं एवं आवश्यक तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया।

परमवंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रतिनिधि ...
18/04/2026

परमवंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रतिनिधि आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी अपने विदेश प्रवास के क्रम में लंदन पहुँचे, जहाँ गायत्री परिवार के नैष्ठिक कार्यकर्ताओं के मध्य गोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ।

इस अवसर पर वंदनीया माताजी के दिव्य जीवन मूल्यों—सेवा, साधना एवं संस्कारों से ओतप्रोत उनके प्रेरक संदेशों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें आत्मसात करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। गोष्ठी में अब तक संपन्न कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए संगठन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया तथा आगामी कार्यक्रमों एवं भावी योजनाओं पर सार्थक एवं दूरदर्शी परिचर्चा संपन्न हुई।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार से आत्म...
17/04/2026

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार से आत्मीय रूप से जुड़े एवं सक्रिय सदस्य, माननीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके जी (जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार) से स्नेहपूर्ण भेंट की।

इस आत्मीय अवसर पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने दिनांक 24 मई 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले “दुर्व्यसन उन्मूलन” विषयक विराट जनजागरण अभियान में माननीय श्री दुर्गादास उइके जी को मुख्य अतिथि के रूप में पधारने हेतु सादर आमंत्रित किया।

संवाद के दौरान आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने इस अभियान की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह पहल समाज को नशामुक्त बनाने, विशेष रूप से युवाओं को संयम, संस्कार एवं मूल्यनिष्ठ जीवन की ओर प्रेरित करने तथा राष्ट्र के नैतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक सशक्त प्रयास है।

माननीय दुर्गादास उइके जी ने गायत्री परिवार की लोकमंगलकारी गतिविधियों के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए इस अभियान को समय की महती आवश्यकता बताया। उन्होंने इस प्रकार के जनजागरण अभियानों को समाज के उत्थान के लिए अत्यंत प्रभावी बताते हुए अपनी सहभागिता एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

यह भेंट आत्मीयता, सेवा एवं संस्कारों के समन्वय का जीवंत उदाहरण बनी, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में सतत प्रेरणा प्रदान करती है।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख...
17/04/2026

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया जी से सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार भेंट कर उन्हें “ दुर्व्यसन उन्मूलन” विषयक विशाल जनजागरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारने हेतु सादर आमंत्रित किया।

इस अवसर पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने दिनांक 24 मई 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाने, विशेष रूप से युवाओं को संयमित, संस्कारित एवं मूल्यनिष्ठ जीवन के प्रति प्रेरित करना तथा नैतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार करना है।

आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने यह भी अवगत कराया कि गायत्री परिवार “नशामुक्त भारत” के संकल्प के साथ देशभर में जनजागरण रैलियों, युवा चेतना शिविरों, व्यक्तित्व निर्माण कार्यशालाओं एवं विविध रचनात्मक अभियानों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु सतत सक्रिय है।

माननीय मनसुख मांडविया जी ने इस लोककल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए इसे समय की महती आवश्यकता बताया तथा अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई द...
17/04/2026

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री माननीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी से सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार भेंट कर उन्हें विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले “ ज्ञान दीक्षा ” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारने हेतु सादर आमंत्रित किया।

इस अवसर पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने दिनांक 27 जुलाई 2026 को देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में आयोजित होने वाले “ज्ञान दीक्षा” समारोह की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों एवं समग्र शिक्षा के समन्वय का प्रतीक है, जो विद्यार्थियों के जीवन में शैक्षणिक उन्नति के साथ-साथ संस्कारमय जीवन दृष्टि के औपचारिक प्रारंभ का भी द्योतक है।

आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने यह भी अवगत कराया कि विश्वविद्यालय पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के आदर्शों पर आधारित शिक्षा प्रणाली के माध्यम से नैतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक मूल्यों से युक्त युवाओं के निर्माण हेतु निरंतर प्रयत्नशील है।



माननीय नितिन गडकरी जी ने इस महत्त्वपूर्ण एवं मूल्यपरक शैक्षणिक पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया तथा अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

यह भेंट शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण के समन्वित दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुई।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई दिल्ली में आदरणीया डॉ. अमिता बिरला जी से सौह...
17/04/2026

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई दिल्ली में आदरणीया डॉ. अमिता बिरला जी से सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने विगत दिनों डॉ अमिता बिरला जी के परिवार सहित देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज में आगमन एवं संस्कार की स्मृतियों को साझा किया, साथ ही उन्हें पूज्य गुरुदेव का दिव्य प्रेरणाप्रद साहित्य प्रदान किया।

आदरणीया डॉ. अमिता बिरला जी ने पूज्य गुरुदेव के विचारों को समाज एवं भावी पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रेरणादायी बताते हुए उनके व्यापक प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई दिल्ली स्थित डायनामाइट न्यूज़ के कार्यालय मे...
17/04/2026

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने नई दिल्ली स्थित डायनामाइट न्यूज़ के कार्यालय में संस्थापक श्री मनोज टिबरेवाल आकाश जी से सौहार्दपूर्ण भेंट की।

इस अवसर पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने श्री मनोज टिबरेवाल आकाश जी के साथ एक विशेष पॉडकास्ट संवाद में सहभागिता की, जिसमें आध्यात्मिकता, सामाजिक जागरण, युवा चेतना एवं वर्तमान समय में मूल्यों की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सारगर्भित चर्चा हुई। संवाद के दौरान आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने वैज्ञानिक अध्यात्म के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करते हुए जीवन में सकारात्मक परिवर्तन एवं राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पर प्रकाश डाला।

श्री टिबरेवाल जी ने इस सार्थक एवं प्रेरणादायी संवाद के लिए आभार व्यक्त किया तथा इसे समाज के लिए उपयोगी एवं दिशा प्रदान करने वाला बताया।

यह भेंट एवं संवाद आधुनिक मीडिया माध्यमों के द्वारा सकारात्मक विचारों के प्रसार तथा समाज में नैतिक एवं आध्यात्मिक चेतना के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

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Haridwar
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