07/04/2026
सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक चयन प्रक्रिया का आयोजन
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना सेल द्वारा आज सत्र 2024-25 के लिए जिला एवं विश्वविद्यालय स्तर पर "सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक" चयन प्रक्रिया का सफल आयोजन किया गया। इस प्रक्रिया का संचालन एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सविता राठी की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें विभिन्न जिलों के समन्वयकों डॉ. अभिमन्यु मलिक (सोनीपत), डॉ. मनीषा (रोहतक), डॉ. विनिता सप्रा (पलवल), डॉ. रेनू (झज्जर) एवं डॉ. जितेंद्र ढुल (फरीदाबाद) ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराते हुए चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं प्रभावी बनाया।
चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पाँच जिलों के कुल 22 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इन प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनके सामाजिक सरोकारों, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, नवाचार तथा एन एस एस गतिविधियों में योगदान के आधार पर अत्यंत सूक्ष्म एवं गहन रूप से किया गया।
इस प्रक्रिया में रोहतक से सुजीत (गणित विभाग), मोनू (शिक्षा विभाग) एवं राघव ( यू आई ई टी म द वि ), सोनीपत से अलंकृता त्यागी( जीवीएम महिला महाविद्यालय) , फरीदाबाद से जतिन ( अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़), झज्जर से अस्तुति ( वी ए एस एम एम बहादुरगढ़) तथा पलवल से विष्णु ( एन जी एफ डिग्री महाविद्यालय) को "जिला स्तरीय सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक" पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वहीं विश्वविद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पुरुष वर्ग में सुजीत (गणित विभाग, एमडीयू), मोनू (शिक्षा विभाग, एमडीयू) एवं राघव (यूआईईटी, एमडीयू) को "सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक" के रूप में चयनित किया गया। महिला वर्ग में अलंकृता त्यागी (जीवीएम गर्ल्स महाविद्यालय, सोनीपत), भूमिका (हिंदू गर्ल्स महाविद्यालय, सोनीपत) एवं तनिषा (अग्रवाल महाविद्यालय, बल्लभगढ़) को विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक के रूप में सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रो. सविता राठी ने चयनित स्वयंसेवकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ये युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के सशक्त संवाहक हैं, जो अपने निस्वार्थ सेवा भाव, अनुशासन एवं समर्पण से राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन स्वयंसेवकों ने अपने कार्यों से सेवा, समर्पण और सामाजिक चेतना का परचम लहराते हुए अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अंत में उन्होंने सभी चयनित स्वयंसेवकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी इसी उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ समाज सेवा के पथ पर अग्रसर रहेंगे।