02/12/2025
श्री स्वामी परांकुशाचार्य आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में श्री गीता जयंती का सफल आयोजन
श्री स्वामी परांकुशाचार्य आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हुलासगंज में दिनांक 1 दिसम्बर 2025 को श्री गीता जयंती का भव्य एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक जागरण और भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रति आस्था को समर्पित रहा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 11:00 बजे हुआ, जिसमें महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से श्रीमद्भगवद्गीता का सस्वर पाठ किया। सभी के मधुर उच्चारण से पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य डॉ. गिरेंद्र शर्मा, डॉ. श्रीनिवास शर्मा, डॉ. लक्ष्मण शर्मा, डॉ. आलोक कुमार पाण्डेय तथा डॉ. ईश्वरि दयाल सिंह सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवद्गीता के द्वादशम् अध्याय — भक्तियोग के पाठ से हुई। इसके बाद डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने भगवद्गीता के महत्त्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता का ज्ञान मनुष्य को आत्मबल, कर्तव्यनिष्ठा और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में गीता का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे नैतिकता, आत्मानुशासन और मानसिक स्थिरता विकसित होती है।
वहीं प्रभारी प्राचार्य डॉ. गिरेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि गीता मानवता की धरोहर है, जो हर कठिन परिस्थिति में सही मार्ग दिखाती है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि गीता के आचरण-योग, कर्म-योग और ज्ञान-योग के सिद्धांत जीवन को सफल और सार्थक बनाने में मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं।
समारोह के अंत में सभी ने सामूहिक शान्ति-पाठ किया तथा प्रसाद ग्रहण कर कार्यक्रम का समापन किया। पूरे आयोजन में छात्रों और शिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली, जिससे यह आयोजन न केवल सफल रहा, बल्कि सभी के लिए प्रेरणादायी भी बना।
श्री गीता जयंती कार्यक्रम ने महाविद्यालय में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के प्रति नई चेतना का संचार किया।
Central Sanskrit University