Vaidya IAS.

Vaidya IAS. We are lightning the path of those people who want to serv the nation as a civil servant.

11/03/2018

**इच्छामृत्यु* के लिए* *सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, जानें इच्छामृत्यु से जुड़े फैक्ट्स* ......

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सुप्रीम कोर्ट ने 9 मार्च 2018 को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मरणासन्न व्यक्ति द्वारा इच्छामृत्यु के लिए लिखी गई वसीयत (लिविंग विल) को मंजूरी दे दी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब कोई मरीज़ सम्मान के साथ मर सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु के लिए एक गाइडलाइन जारी की है, जो कि कानून बनने तक प्रभावी रहेगी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में पांच जजों की संवैधनिक पीठ ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया. चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस ए के सिकरी, जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण भी शामिल थे.
*सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश:*

• सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे लोगों को लिविंग विल (इच्छामृत्यु का वसीयत) ड्राफ्ट करने की भी अनुमति दे दी है जो मेडिकल कॉमा में रहने या लाइलाज बीमारी से ग्रसित होने की वजह से मौत चाहते हैं.

• सुप्रीम कोर्ट के अनुसार इच्छामृत्यु की मांग करने वाले शख्स के परिवार की अर्जी पर लिविंग विल को मंजूर किया जा सकता है लेकिन इसके लिए एक्सपर्ट डॉक्टर्स की टीम को भी यह लिखकर देना होगा कि बीमारी से ग्रस्त शख्स का स्वस्थ होना असंभव है. ये सारी प्रक्रिया जिला मजिस्ट्रेट की देखरेख में होनी चाहिए.

• सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति मरणासन्न हालात में, लिविंग विल देने की स्थिति में नही है, तो ऐसी सूरत में उसके घरवाले हाइकोर्ट जा सकते है, उसके बाद कोर्ट मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा. मेडिकल बोर्ड की राय और अथॉरिटी परमिशन की के बाद लिविंग विल को बनाया जा सकता है.

• सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 में अपने अधिकार का इस्तेमाल कर फैसला लिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जीने के अधिकार में गरिमा से मरने का अधिकार भी शामिल है.

*भारतीय क़ानून में इच्छामृत्यु:*

भारत में इच्छामृत्यु अवैधानिक कृत्य हैं ये भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 309 के अंतर्गत आत्महत्या का अपराध है. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने निष्क्रिय इच्छामृत्यु को अनुमति प्रदान की है.

इसी तरह से दयामृत्यु, जो भले ही मानवीय भावना से प्रेरित हो एवं पीड़ित व्यक्ति की असहनीय पीड़ा को कम करने के लिए की जाना हो, वह भी भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 304 के अंतर्गत सदोष हत्या का अपराध माना जाता है.

*लिविंग विल* :

'लिविंग विल' एक लिखित रुप दस्तावेज होता है जिसमें कोई भी व्यक्ति जीवित रहते वसीयत कर सकता है कि लाइलाज बीमारी से ग्रस्त होकर मृत्यु शैय्या पर पहुंचने पर शरीर को जीवन रक्षक उपकरणों पर न रखा जाए.

*इच्छामृत्यु क्या है:*

इच्छामृत्यु का मतलब किसी गंभीर और लाइलाज बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को दर्द से मुक्ति दिलाने के लिए डॉक्टर की सहायता से उसके जीवन का अंत करना है. इसे ही इच्छामृत्यु कहते हैं.

इच्छामृत्यु को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है. पहला सक्रिय इच्छामृत्यु (ऐक्टिव यूथेनेजिया) और दूसरा निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेजिया).

सक्रिय इच्छामृत्यु में लाइलाज बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के जीवन का अंत डॉक्टर की सहायता से जानबूझकर ऐसी दवाइयां देना जिससे मरीज़ की मौत हो जाए. निष्क्रिय इच्छामृत्यु में लाइलाज बीमारी से पीड़ित व्यक्ति लंबे समय से कोमा में हो. तब रिश्तेदारों की सहमति से डॉक्टर उसके जीवनरक्षक उपकरण बंद कर देते हैं. उसके जीवन का अंत हो जाता है.

*दुनियाभर में इच्छामृत्यु से संबंधित कानून* :

इच्छामृत्यु को वैध बनाने का प्रयास कई देशों में हुआ है, लेकिन अभी तक कई देश इसे लेकर संशय की स्थिति में हैं और जहां भी इच्छामृत्यु को वैध माना गया है, वहां काफी सख्त गाइडलाइन जारी किये गये हैं, ताकि इसका गलत इस्तेमाल ना हो सके. जिन देशों में इच्छामृत्यु वैध है वे - नीदरलैंड, बेल्जियम, स्विटरलैंड और अमेरिका के कुछ राज्य हैं.

नीदरलैंड ने सबसे पहले वर्ष 2002 में इच्छामृत्यु को वैध करार दिया और कई दिशा निर्देश भी जारी किये गये.

*पृष्ठभूमि* :

फरवरी 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु की एक याचिका को संविधान पीठ में भेज दिया था जिसमें ऐसे व्यक्ति की बात की गई थी जो बीमार है और मेडिकल ऑपनियन के मुताबिक उसके बचने की संभावना नहीं है |

09/03/2018

प्रश्न. कार्बन कर (Carbon tax) क्या होता है? जलवायु परिवर्तन पर शमन नीति (Mitigation policy) के रूप में यह एक अच्छा विचार है किंतु इसके समक्ष अनेक चुनौतियाँ भी हैं। चर्चा करें।

उत्तर.
कार्बन कर प्रदूषण पर कर का एक रूप है जिसमें कार्बन के उत्सर्जन की मात्रा के आधार पर जीवाश्म ईंधनों के उत्पादन, वितरण एवं उपयोग पर शुल्क लगाया जाता है। सरकार कार्बन के उत्सर्जन पर प्रति टन मूल्य निर्धारित करती है एवं फिर इसे बिजली, प्राकृतिक गैस या तेल पर कर (Tax) में परिवर्तित कर देती है। क्योंकि यह टैक्स अधिक कार्बन उत्सर्जक ईंधन के उपयोग को महँगा कर देता है अतः यह ऐसे ईंधनों के प्रयोग को हतोत्साहित करता है एवं ऊर्जा दक्षता को बढ़ाता है।
कार्बन टैक्स लागू करना अच्छा क्यों है?
यह लोगों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग के लिये प्रोत्साहित करता है। कार्बन टैक्स के कारण जीवाश्म ईंधनों का प्रयोग महँगा पड़ने लगता है जिससे व्यापारिक कंपनियाँ एवं उद्योग पर्यावरण अनुकूल एवं कम कार्बन उत्सर्जन करने वाले वैकल्पिक स्रोतों का प्रयोग करने के लिये प्रोत्साहित होते हैं।
कार्बन टैक्स के कारण बड़ी मात्रा में CO2 का उत्सर्जन करने वाले संगठन एवं कंपनियाँ कम हो जाते हैं जिससे पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर घटता है एवं यह ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को कम करता है।
कार्बन टैक्स सरकार का राजस्व बढ़ाने में सहायता करता है। चूँकि कार्बन टैक्स हरित ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करता है अतः प्राकृतिक आपदाओं की संख्या एवं प्रदूषण के स्तर में कमी आती है। इससे इन आपदाओं एवं प्रदूषण से निपटने में कम राजस्व खर्च करना पड़ेगा।
कार्बन टैक्स लागू करने के समक्ष चुनौतियाँ
कार्बन टैक्स को पूर्णतः लागू करने के पक्ष में राजनीतिक सहमति बना पाना आसान नहीं लग रहा है।
इसे लागू करने में कई प्रशासनिक चुनौतियाँ भी है। इसका कार्यान्वयन एवं टैक्स का एकत्रण काफी महँगा हो सकता है तथा टैक्स की राशि निर्धारित करना काफी मुश्किल हो सकता है।
इसे लागू करने पर यह भी संभव है कि व्यापारिक प्रतिष्ठान अपने उद्योगों को उन क्षेत्रों/देशों में ले जाएँ जहाँ कम कार्बन टैक्स हो अथवा कार्बन टैक्स न हो। इससे अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा, विकास अवरूद्ध हो जाएगा और बड़ी संख्या में श्रमिक अपना रोजगार खो देंगे।
इसे लागू करने से ऊर्जा महँगी हो जाएगी जिससे उद्योगों की विनिर्माण लागत में बढ़ोत्तरी होगी एवं अंततः मुद्रास्फीति में बढ़ोत्तरी होगी।
इस संदर्भ में विभिन्न देशों को अपने नीतिगत अनुभवों एवं अनुसंधानों को साझा करना चाहिये ताकि शमन नीति पर पर्याप्त चर्चा की जा सके। यहाँ उद्योगों पर एक कार्बन सीमा (Carbon Cap) लागू की जा सकती है जिससे अधिक उत्सर्जन की स्थिति में उन पर कार्बन टैक्स लगाया जाए।

09/03/2018

समसमायिक परिद्रस्य.....

1. हाल ही में किस देश में समलैंगिक विवाह मान्यता को समाप्त किया गया है?

बरमूडा में समलैंगिक विवाह मान्यता को समाप्त किया गया है| बरमूडा समलैंगिक विवाह मान्यता को समाप्त करने वाला विश्व का प्रथम देश है| बरमूडा के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मई 2017 में समलैंगिक विवाह को मान्यता प्रदान की गई थी| बरमूडा उत्तरी अंटलांटिक महासागर में एक ब्रिटिश द्वीप क्षेत्र है, जिसे गुलाबी रेत के समुद्र तटों के लिए जाना जाता है|

2. हाल ही में न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष के रूप में किसे नियुक्त किया गया है?

न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष के रूप में दिनेश श्रीवास्त को नियुक्त किया गया है| दिनेश भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में तीन दशकों से कार्यरत थे| वर्तमान में दिनेश होभी भाभा नेशनल इंस्टिट्यूट में वरिष्ठ प्रोफ़ेसर पद पर कार्यरत है|

3. खालिदा जिया कौन है?

खालिदा जिया बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख है| हाल ही में जिया को भ्रष्टाचार के मामलें में पांच साल की सजा सुनाई गई है| जिया को जिया अनाथलय ट्रस्ट को मिले दो लाख 52 हजार डॉलर के गबन के संबंध में यह सजा सुनाई गई है|

4. “मिनमाटा कन्वेंशन” क्या है?

“मिनमाटा कन्वेंशन” एक वैश्विक संधि है, जिसका उद्देश्य मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पारा यौगिकों के दुष्प्रभावों से बचाव करना है| यह कन्वेंशन जापानी शहर मिनमाटा के नाम पर रखा गया है, जहाँ सबसे पहले पारा यौगिकों की विनाशकारी घटना का सामना किया गया था|

5. हाल ही में ज्ञानपीठ पुरस्कार से किसे सम्मानित किया गया है?

ज्ञानपीठ पुरस्कार से वरिष्ठ लेखिका कृष्णा सोबती को सम्मानित किया गया है| इन्हें अपनी संयमित अभिव्यक्ति और सुथरी रचनात्मक के लिए जाना जाता है| इन्हें 1980 में ‘जिन्दी नामा’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था| कृष्णा सोबती को 1996 में साहित्य अकादमी का फेलो बनाया गया जो अकादमी का सर्वोच्च सम्मान है। कृष्णा सोबती फिक्शन की लेखक हैं।

6. मोहम्म्द अली का संबंध किस खेल से है?

मोहम्मद अली का संबंध मुक्केबाजी से है| हाल ही में इन पर डोप टेस्ट में विफल होने के कारण दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है| अली पिछले साल अप्रैल में विश्व सीरीज मुक्केबाजी में मोरक्को एटलस लायंस और ब्रिटिश लायंस हर्ट्स के बीच हुए के दौरान डोप टेस्ट में फेल पाए गए थे। इसके बाद इन्हें निलंबित कर दिया गया था। अली ब्रिटेन के पहले मुक्केबाज हैं जिन्हें डोप टेस्ट में विफल रहने पर प्रतिबंधित किया गया है।

7. जर्मनी को हराने के लिए ब्रिटेन, सोवियत संघ और अमेरिका ने योजना कब बनाई थी?

जर्मनी को हराने के लिए ब्रिटेन, सोवियत संघ और अमेरिका ने योजना 7 फरवरी 1945 में बनाई थी| इसके लिए चर्चिल, रूज वेल्ट और स्टालिन की बैठक हुई थी| उसे क्रीमिया सम्मेलन का नाम दिया गया था| तीनों देशों के नेताओं ने नाजीवाद खत्म करने की घोषणा की और कहा कि वो जर्मनी की सेना को बर्बाद कर देंगे। साथ ही लड़ाई के लिए जिम्मेदार लोगों के साथ न्याय करेंगे।

8. द्वितीय विश्वयुद्ध का जिम्मेदार किसे माना जाता है?

द्वितीय विश्वयुद्ध का जिम्मेदार हिटलर को माना जाता है| यह युद्ध तब हुआ, जब हिटलर के आदेश पर नाजी सेना ने पोलैंड पर आक्रमण किया था|

9. ब्रिटेन में महिलाओं को मतदान करने का अधिकार कब दिया गया था?

ब्रिटेन में महिलाओं को मतदान करने का अधिकार 8 फरवरी 1918 में दिया गया था| ब्रिटेन में जब यह कानून बना तब 30 या इससे अधिक उम्र की महिलाओं को मतदान करने का अधिकार दिया गया था| न्यूजीलैंड महिलाओं को मतदान करने का अधिकार देने वाला पहला देश है| न्यूजीलैंड ने महिलाओं को मतदान करने का अधिकार 1893 में दिया गया था|

10. विश्व का पहला इलेक्ट्रॉनिक शेयर बाजार नैसडैक कब शुरू हुआ था?

विश्व का पहला इलेक्ट्रॉनिक शेयर बाजार नैसडैक 8 फरवरी 1971 में शुरू हुआ था| नैसडैक विश्व का दूसरा सबसे बड़ा स्टॉक इंडेक्स है। इसके आगे अमेरिका का न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज है। नैसडैक शुरू होने से पहले शेयर बाजार में निवेश के लिए ‘ओवर द काउंटर’ तरीका चलता था। नैसडैक का मकसद ऐसे बाजार का निर्माण करना था, जहां निवेशक शेयरों को तेज और पारदर्शी तरीके सेकंप्यूटर की मदद से खरीद एवं बेच सकें!

08/03/2018

भारत के राष्ट्रपति और उनका निर्वाचन -

 वह भारत का नागरिक हो
 उसकी आयु 35 वर्ष से कम न हो
 वह लोकसभा का सदस्य निर्वाच किये जाने योग्य हो
 चुनाव के समय किसी भी लाभ पद पर नियुक्त न हो

भारत के राष्ट्रपति और उनका निर्वाचन - President of India and His Election

1. भारत के राष्ट्रपति के लिए निर्वाचन गण संसद के दोंनों सदनों के सदस्य और राज्य की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य होते हैं
2. भारत में राष्ट्रपति की नियुक्ति पॉच वर्ष के लिए होती है
3. अपने पद की समाप्ति के बाद वह तब तक आपने पद पर रह सकता है जब तक उसका उत्तराधिकारी पद ग्रहण न कर ले
4. राष्ट्रपति का पद छ: माह से ज्यादा रिक्त नहीं रह सकता है
5. भारत के राष्ट्रपति अपने पद की शपथ भारत के मुख्य न्यायधीश के समझ ग्रहण करते हैं
6. भारत के राष्ट्रपति अपना त्याग पत्र भारत के उपराष्ट्रपति के प्रदान करते हैं
7. एक ही व्यक्ति जितनी बार चाहे राष्ट्रपति पर के लिए निर्वाचित हो सकता है
8. राष्ट्रपति के निर्वाचन पर आपत्ति करने वाली काई भी याचिका केवल उस चुनाव के पूर्ण होने के बाद ही स्वीकार की जाती है
9. अगर निर्वाचन अवैध घोषित किया जाता है तो उसके द्वारा किये गये कार्य अवैध नहीं होते हैं
10. भारत के राष्ट्रपति को केवल संविधान के अनुच्छेद 61 के तहत महाभियोग द्वारा ही अपने पद हटाया जा सकता है

05/03/2018
Samvida Shikshak Exam 2018
03/03/2018

Samvida Shikshak Exam 2018

03/03/2018

SAVIDA PAPER
http://vaidyaias.com/front_files/img/home/team/sanvida_%20bio_paper.pdf

We are lightning the path of those people who want to serv the nation as a civil servant.

नोबेल शांति पुरस्कार से आईकैन को सम्मानित किया गया है| आईकैन को यह पुरस्कार पिछले एक दशक से विश्व को परमाणु हथियारों से ...
29/12/2017

नोबेल शांति पुरस्कार से आईकैन को सम्मानित किया गया है| आईकैन को यह पुरस्कार पिछले एक दशक से विश्व को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने के लिए चलाये जा रहे अभियान के लिए दिया गया है| आईकैन का पूरा नाम “द इंटरनेशनल कैम्पेन टू एबोलिश न्यूक्लियर वेपन” है| इस संस्था में 100 से अधिक संगठन जुड़े हुए है, जो मिलकर वैश्विक स्तर पर कार्य करते है| इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड स्थित जिनेवा में स्थित है|

MPPSC 2018 PRE NEW BATCH START FROM 18 DEC 50 DAYS TARGETED BATCH Contact:- 9752146094
16/12/2017

MPPSC 2018 PRE NEW BATCH START FROM 18 DEC
50 DAYS TARGETED BATCH
Contact:- 9752146094

29/11/2017

=>IMF की रिपोर्ट:भारत में प्रति व्यक्ति औसत आय बढ़ी,पर BRICS देशों से काफ़ी पीछे

- निजी संपत्ति के साथ भारतीयों की औसत प्रति व्यक्ति आय में भी इजाफा हो रहा है और वह दुनिया में एक पायदान चढ़कर 126वें स्थान पर पहुंच गया है।
- हालांकि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के मुताबिक भले ही भारत एक पायदान ऊपर चढ़ा हो, लेकिन रकम के मामले में यह 600 डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्शाता है।
- मुद्राकोष की सूची में खनिज तेल सम्पन्न कतर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। यह रैंकिंग अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की अक्टूबर 2017 की क्रय शक्ति समानता पर आधारित आंकड़ों पर की गई है।
- सूची में ज्यादातर तेल संपन्न और मजबूत बैंकिंग सिस्टम वाले देश शीर्ष में शामिल हैं।

=>दस फीसदी बढ़ी प्रति व्यक्ति औसत आय
- भारत में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी पिछले साल 6,690 डॉलर के मुकाबले बढ़कर इस साल 7,170 डॉलर हो गया और यह दस फीसदी से ज्यादा का इजाफा है। दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में क्रेडिट सुइस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2.45 लाख करोड़पति हैं और देश की कुल घरेलू संपदा 5000 अरब डॉलर है।

=>ब्रिक्स देशों में काफी पीछे
- ब्रिक्स देशों (चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और भारत) की तुलना में भारत काफी निचली पायदान पर है। भारत में औसत प्रति व्यक्ति आय करीब 7.170 डॉलर है, ब्राजील में यह 15,500 डॉलर, चीन में 16,620 डॉलर, दक्षिण अफ्रीका में 13,600 डॉलर और रूस में 27,900 डॉलर है।

=>अमेरिका पहली बार टॉप टेन में नहीं
- अमेरिका प्रति व्यक्ति औसत आय के मामले में टॉप टेन में जगह बनाने में नाकाम रहा है और वह 59 हजार डॉलर प्रति व्यक्ति जीडीपी के मामले में 13वें स्थान पर खिसक गया है।
- ब्रिटेन में भी शीर्ष देशों में नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत, चीन, ब्राजील जैसे विकासशील देशों की औसत जीडीपी वृद्धि दर 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।

=>भारत दक्षेस देशों में आगे
- भारत प्रति व्यक्ति औसत आय के मामले में दक्षेस देशों में सबसे आगे है। वहीं अ‌फगानिस्तान,कांगो गणराज्य, किर्गिस्तान, सूडान सबसे निचले देशों में आते हैं।
तेल संपन्न पांच देश शीर्ष दस में
कतर : 1,24,930
मकाऊ : 1,14,430
लक्जमबर्ग : 1,09,109
सिंगापुर : 90,530
ब्रूनेई : 76,740
आयरलैंड : 72,630
नार्वे : 70,590
कुवैत : 69,670
यूएई : 68,250
स्विट्जरलैंड : 61,360
(पर्ित व्यक्ित औसत आय डॉलर में)

उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा सफाई हेतु नीदरलैंड के साथ समझौता किया.......गंगा सफाई हेतु कानपुर में प्रोजेक्ट का शुभारम्भ 1...
16/11/2017

उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा सफाई हेतु नीदरलैंड के साथ समझौता किया.......

गंगा सफाई हेतु कानपुर में प्रोजेक्ट का शुभारम्भ 13 नवम्बर 2017 को किया गया. इस प्रोजेक्ट पर लगभग 8 मिलियन यूरो खर्च का अनुमान है.

नीदरलैंड के राजदूत अल्फांसस स्टोलिंगा और यूपी पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव पर्यावरण रेणुका कुमार की मौजूदगी में 13 नवम्बर 2017 को लैंडमार्क होटल में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. समझौता के अनुसार गंगा किनारे लगी टेनरियों को अब शिफ्ट करने की जरूरत नहीं होगी

नीदरलैंड की संस्था सोलिडेरिडेड इस परियोजना में वहां के सरकार की माध्यम बनी, जिसका दफ्तर एम्सटर्डम में स्थित है. प्रमुख सचिव रेणुका कुमार के अनुसार नमामि गंगे के तहत नीदरलैंड की टीम कानपुर की टेनरियों और गंगा पर काफी दिनों से शोध कर रही थी.

शोध के दरम्यान वैज्ञानिकों की टीम ने पाया कि टेनरियों को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करके गंगा में क्रोम और किसी भी तरह के केमिकल को जाने से रोका जा सकता है.

टेनरियों में लगेंगे प्लांट-
पूरी तरह शुद्ध जल बनाने के लिए टेनरियों में संयंत्र लगाने का काम भी नीदरलैंड ही करेगा. इसके लिए यहां की केंद्र सरकार या स्थानीय इकाइयों से कोई रकम नहीं ली जाएगी.

पृष्ठभूमि-
नीदरलैंड सरकार ने डेनमार्क की सबसे प्रदूषित नदी राइन को पूरी तरफ साफ किया है. इसी के दृष्टिगत यह समझौता किया गया है. समझौता का प्रमुख तथ्य यह है कि टेनरियों को बंद या शिफ्ट करने की समस्या ही खत्म हो गई है.

राइन नदी-
राइन नदी करीब सात सौ मील में फैली है. राइन नदी यूरोप के स्विटजरलैंड, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, फ्रांस, हालैंड व न्यूजीलैंड आदि देशों में बहती है.

सेमिनार -
नमामि गंगे के सहयोग एक सेमिनार एक भी आयोजन किया गया. सेमिनार में मौजूद लोगों में जाजमऊ के टेनरिस के व्यापारी भी आमंत्रित किये गए. जिन्हे गंगा सफाई के प्रति सजग होने का सन्देश भी संस्था के लोगों ने दिया.

Address

Bhawarkuan
Indore

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