Guru Virjanand Gurukul Mahavidyalya,Kartarpur Jalandhar

Guru Virjanand Gurukul Mahavidyalya,Kartarpur Jalandhar वेदिक एवं संस्कृत विद्या का अध्ययन के?

हम कक्षा छठी से बी.ए. पर्यन्त अध्ययन कराते हैं और वैदिक विद्या संस्कृत भाषा का विशेष अध्ययन ।
गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त
पठन,पाठन,आवास, निवास पूर्णतया निःशुल्क
आर्य समाज तथा महर्षि दयानन्द के कार्यो का प्रचार प्रसार ।

संस्कृत सप्ताह का भव्य शुभारम्भ केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, संस्कृत भारती, पंजाब प्रान्त तथा गुरु विरजानन...
25/08/2026

संस्कृत सप्ताह का भव्य शुभारम्भ
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, संस्कृत भारती, पंजाब प्रान्त तथा गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर के संयुक्त तत्त्वावधान में 25 अगस्त से 31 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। संस्कृत सप्ताह का शुभारम्भ आज गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर के सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. रितु तलवार जी, संस्कृत विभागाध्यक्ष, डी.ए.वी. कॉलेज उपस्थित रही, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुकुल के प्राचार्य डॉ. उदयन आर्य जी ने की।
मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में संस्कृत भाषा के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत विश्व की अत्यन्त वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित भाषाओं में से एक है। संस्कृत भाषा में ज्ञान-विज्ञान, साहित्य, दर्शन, संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों का विशाल भण्डार विद्यमान है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गुरुकुल के प्राचार्य डॉ. उदयन आर्य जी ने कहा कि संस्कृत सीखने के लिए निरन्तर अभ्यास आवश्यक है। हमें प्रतिदिन छोटे-छोटे संस्कृत वाक्यों के माध्यम से संस्कृत बोलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत के प्रति रुचि विकसित करने तथा दैनिक जीवन में संस्कृत का प्रयोग करने का आह्वान किया तथा विद्यार्थियों को संस्कृत सीखने तथा इसे अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर, मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल जालंधर, पुष्पा मेहता मेमोरियल आर्या मॉडल हाई स्कूल करतारपुर, एम.डी.एस.डी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कपूरथला, मंडी हार्डिंग गंज स्कूल कपूरथला, एच.पी.पी. हाई स्कूल केमपुरा मोहल्ला, हिंदू पुत्री पाठशाला कपूरथला, गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर आदि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के अध्यापकगण, गुरुकुल के आचार्यगण, अधिष्ठाता सुखदेव जी, श्री वीरेंद्र जी (गणक), व्यवस्था प्रमुख पंकज जी तथा बी.ए कक्षा के विद्यार्थी तथा संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागी उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र के पश्चात सूक्ति-लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने संस्कृत की प्रेरणादायक सूक्तियों को सुंदर एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक टेकचन्द जी द्वारा किया गया तथा इस अवसर पर संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। संस्कृत सप्ताह के दौरान प्रतिदिन विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें अनेक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी प्रतिभागिता करेंगे।
31 अगस्त को संस्कृत सप्ताह का भव्य समापन समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही संस्कृत के प्रति जन-जागरूकता एवं संस्कृत-प्रेम का संदेश देने के उद्देश्य से भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।
इस प्रकार संस्कृत सप्ताह के प्रथम दिवस पर आयोजित उद्घाटन समारोह एवं सूक्ति-लेखन प्रतियोगिता सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कल संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत द्वितीय दिवस में संस्कृत गीत गान प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि जागृत करने की दिशा में यह आयोजन एक महत्त्वपूर्ण पहल है।

गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट — 60 गौरवमयी वर्ष23 अगस्त 2026 को गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट अपने 60 गौरवमयी ...
22/08/2026

गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट — 60 गौरवमयी वर्ष

23 अगस्त 2026 को गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट अपने 60 गौरवमयी वर्ष पूर्ण कर रहा है। यह अवसर हम सभी के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है।

छः दशकों में इस संस्था ने हजारों ब्रह्मचारियों एवं विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार और जीवन की सही दिशा प्रदान की। आज हमारे अनेक पूर्व विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में सेवा करते हुए संस्था की गौरवमयी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

इस ऐतिहासिक अवसर पर हम ट्रस्ट के सभी सदस्यों, विद्यार्थियों, ब्रह्मचारियों, शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों एवं शुभचिंतकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हैं।

आइए, हम सभी मिलकर संकल्प लें कि इस महान विरासत को और मजबूत करते हुए एक कदम आगे बढ़ें और संस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।

60 वर्ष की गौरवमयी यात्रा — और अब उज्ज्वल भविष्य की ओर एक नई शुरुआत।

सादर,

ध्रुव कुमार मित्तल — प्रधान
प्रो. नरेश कुमार धीमान — महामंत्री
डॉ. उदयन आर्य — प्नाचार्य

गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट,करतारपुर, जिला जालंधर, पंजाब

हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ!

अयि संस्कृतप्रेमिण: । सादरं नमस्कार: 🙏 भवत: सर्वान् सूचयन्तो वयम् अत्यन्तमानन्दमनुभवाम: यत् गुरु- विरजानन्द- गुरुकुल- मह...
21/08/2026

अयि संस्कृतप्रेमिण: । सादरं नमस्कार: 🙏
भवत: सर्वान् सूचयन्तो वयम् अत्यन्तमानन्दमनुभवाम: यत् गुरु- विरजानन्द- गुरुकुल- महाविद्यालय:, करतारपुरम् एवं संस्कृतभारतीपञ्जाबप्रान्त:,इत्यनयो: संयुक्ततत्त्वावधाने अगस्तमासस्य २५ दिनाङ्कत: अगस्तमासस्य ३१ दिनाङ्कपर्यन्तम् संस्कृतसप्ताहस्य आयोजनं हर्षोल्लासेन क्रियमाणम् अस्ति।
संस्कृतभाषायाः प्रचार-प्रसारं, विद्यार्थिषु संस्कृतभाषां प्रति अनुरागस्य संवर्धनं, तेषां प्रतिभानां प्रोत्साहनं तथाच्च भारतीयसंस्कृतेः संरक्षणं संवर्धनं च उद्दिश्य संस्कृतसप्ताहस्य अन्तर्गतं विविधा: प्रतियोगिताः अपि आयोजयिष्यन्ते।अस्य कार्यक्रमस्य समापनसमारोह: अगस्तमासस्य ३१ दिनांके आयोजयिष्यते । अतो भवन्तस्सर्वेऽपि कार्यक्रमे उपस्थाय कार्यक्रमस्य शोभामभिवर्धयन्त्विति ।
डा.उदयन-आर्य:
प्राचार्य:,गुरुकुल-करतारपुरम्।

गुरुकुल करतारपुर महाविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोहगुरुकुल करतारपुर महाविद्यालय में 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के पाव...
17/08/2026

गुरुकुल करतारपुर महाविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह

गुरुकुल करतारपुर महाविद्यालय में 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हर्षोल्लास एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुरुकुल के महामंत्री श्री नरेश धीमान जी ने राष्ट्रध्वज का ध्वजारोहण किया। उपस्थित सभी आचार्यों, विद्यार्थियों एवं गुरुकुल परिवार ने राष्ट्रध्वज को सम्मानपूर्वक नमन किया तथा राष्ट्रगान का गायन किया।
ध्वजारोहण के अवसर पर महामंत्री श्री नरेश धीमान जी ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता और स्वच्छंदता के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ मनमानी करना नहीं है। बच्चा जब छोटा होता है, तब उसकी सुरक्षा, संस्कार और उचित मार्गदर्शन के लिए उस पर अधिक अनुशासन और अंकुश रखा जाता है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है, उसकी समझ, विवेक और जिम्मेदारी बढ़ती जाती है और उसी के अनुसार उसे अधिक स्वतंत्रता प्रदान की जाती है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति जितना-जितना जिम्मेदार होता जाता है, उसे उतनी ही अधिक स्वतंत्रता दी जाती है। इसलिए स्वतंत्र रहने के लिए अपनी जिम्मेदारियों को भी उतनी ही गंभीरता और ईमानदारी से निभाना आवश्यक है। स्वतंत्रता और स्वच्छंदता में यही मूल अंतर है—स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी जुड़ी होती है, जबकि स्वच्छंदता में व्यक्ति केवल अपनी इच्छा को महत्व देता है और अपने कर्तव्यों की उपेक्षा करने लगता है।
इसके पश्चात् प्राचार्य डॉ. उदयन जी ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक है, जब वह जागरूकता, विचारशीलता और कर्मशीलता के साथ जीवन जीए। उन्होंने प्रेरक भाव से कहा कि “जिंदा हो तो जिंदादिली के साथ जीना और समाज व राष्ट्र के लिए उपयोगी बनना आवश्यक है; मृत व्यक्ति न बोल सकता है, न कुछ कर सकता है।”
उन्होंने कहा कि हमें केवल जीवन जीने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमारे विचार अच्छे हों, हमारी वाणी अच्छी हो और हमारे कर्म भी अच्छे हों। हमें राष्ट्र के हित में सोचना चाहिए और राष्ट्र की उन्नति के लिए अपने सामर्थ्य के अनुसार कार्य करना चाहिए। हमारी वाणी से किसी का उत्साह बढ़े, हमारे विचारों से समाज को सकारात्मक दिशा मिले और हमारे कर्मों से राष्ट्र को लाभ पहुँचे—यही जीवन की वास्तविक सार्थकता है।
इसके पश्चात् वाग्वर्धिनी सभा का आयोजन किया गया, जिसमें गुरुकुल के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह और उमंग के साथ विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियाँ, प्रेरणादायक प्रवचन एवं मधुर भजन प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी आचार्यों, अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। उपस्थित जनों ने तालियों के माध्यम से बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
इस अवसर पर संरक्षक विक्रम जी, अधिष्ठाता सुखदेव जी, वरिष्ठ गणक वीरेंद्र जी, आचार्य हंसराज जी, आचार्य सूरज जी, आचार्य सुधीर जी, आचार्य मोतीराम जी, ज्ञानेश्वर जी आदि आचार्य एवं गुरुकुल के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर को उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया।
समस्त कार्यक्रम ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध, अनुशासन और सकारात्मक जीवन-दृष्टि का संदेश दिया। अच्छा बोलें, अच्छा सोचें और अच्छे कार्य करें—यही स्वतंत्रता का सच्चा सदुपयोग और राष्ट्र के प्रति हमारी वास्तविक जिम्मेदारी है।

14 अगस्त 2026, करतारपुर "भारत भूमि पर रहने वाले हर व्यक्ति का सम्मान ही तिरंगे का सम्मान है।"यह बात आज तिरंगा यात्रा के ...
14/08/2026

14 अगस्त 2026, करतारपुर

"भारत भूमि पर रहने वाले हर व्यक्ति का सम्मान ही तिरंगे का सम्मान है।"

यह बात आज तिरंगा यात्रा के अवसर पर गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर के प्राचार्य डॉ उदयन आर्य ने कहीं । उन्होंने कहा कि पूरे भारतवर्ष में तिरंगा यात्रा का आयोजन निरंतर किया जाता रहा है और आने वाले समय में और बड़े उत्साह से किया जाएगा ।

कई बार यह विचार पैदा होता है कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य क्या है ? तिरंगा क्या है ? इस विषय पर आचार्य आर्य ने कहा कि तिरंगा का केवल एक वस्त्र या रंग नहीं है, तिरंगे का अर्थ यह है कि जो भी व्यक्ति इस मातृभूमि की सीमाओं के अंतर्गत रहता हुआ इस मातृभूमि से स्नेह करता है वह सब तिरंगे के अंतर्गत आते हैं । उन सब का सम्मान ही तिरंगे का सम्मान है । इसलिए हमें अपने भारतवर्ष को जातिवाद मुक्त बनाना पड़ेगा ; भ्रष्टाचार मुक्त बनाना पड़ेगा । इसी प्रकार हर व्यक्ति के प्रति स्नेह बनेगा एवं बढ़ेगा।

आज तिरंगा यात्रा के शुभ अवसर पर नगर कौंसिल करतारपुर के प्रधान श्री वरुण बावा जी द्वारा यात्रा को रवाना किया गया । उन्होंने इस अवसर पर यात्रा में आए हुए सभी विद्यार्थियों एवं महानुभावों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हम सबको मातृभूमि की निरंतर सेवा करते रहने का संकल्प लेना चाहिए। आज इस अवसर पर करतारपुर के गली-मोहल्ले एवं चौराहे वंदे मातरम ! भारत माता की जय ! के जयकारों से गूंज उठे । प्रत्येक विद्यार्थी के हाथ में लहराता हुआ तिरंगा उत्साहवर्धक प्रतीत हो रहा था । ऐसे लग रहा था मानो पूरा करतारपुर देश भक्ति के रंग में रंग गया है । जगह-जगह करतारपुर वासियों एवं दुकानदारों ने यात्रा का स्वागत किया; अभिनंदन किया एवं इसकी भरपूर प्रशंसा भी की ।
समापन से पूर्व यात्रा के अवसर पर बस स्टैंड फ्लाईओवर के पास कई विद्यार्थियों ने मिलकर देश भक्ति पर गीतों का गुणगान किया जिससे विद्यार्थियों एवं शहर वासियों के मन में देश के प्रति प्रेम भाव का उत्सर्जन हुआ ।

गुरुकुल करतारपुर द्वारा तिरंगा यात्रा आयोजित करने के अवसर पर आर्य मॉडल स्कूल करतारपुर एवं डीएवी हाई स्कूल करतारपुर के छात्र-छात्राओं ने अध्यापकों सहित उत्साहपूर्वक भाग लिया । विद्यार्थियों ने भारतवर्ष को आगे बढ़ाने के लिए योजना के साथ साथ नवभारत के निर्माण में अपने योगदान देने हेतु इस यात्रा के अवसर पर संकल्प किया । यात्रा का सफलतापूर्वक संयोजन गुरुकुल के अध्यापक श्री कमलदीप शर्मा एवं श्री जतिंदर कुमार ने किया। वंदे मातरम एवं राष्ट्र गीत के साथ यह यात्रा संपन्न हुई।

दिनांक: 08 अगस्त  2026 🪷🪷🪷 गीता ज्ञानामृतं दिव्यं, जीवनस्य प्रकाशकम्। 🪷🪷🪷🪷🪷🪷 मोहान्धकारनाशाय, तस्याः ज्ञानं नमाम्यहम्॥”🪷...
08/08/2026

दिनांक: 08 अगस्त 2026

🪷🪷🪷 गीता ज्ञानामृतं दिव्यं, जीवनस्य प्रकाशकम्। 🪷🪷🪷
🪷🪷🪷 मोहान्धकारनाशाय, तस्याः ज्ञानं नमाम्यहम्॥”🪷🪷🪷

गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर में गुरुकुल के आचार्य डा. उदयन आर्य जी के मार्गदर्शन में एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डा. विरेन्द्र कुमार सेवानिवृत्त प्राचार्य ( राजकीय शिक्षा महाविद्यालय जालन्धर) रहे। इस व्याख्यान का मुख्य विषय "श्रीमद्भगवतगीता और जीवन मूल्य" था । महोदय ने श्रीगीता में अन्तर्निहित बहुत से उदाहरणों से मनुष्य जीवन के मूल्यों को बहुत ही सूक्ष्मता से विद्यार्थियों को समझाया। उन्होंने ये भी बताया कि,

🪷🪷🪷 “यत्र गीता तत्र ज्ञानं, यत्र ज्ञानं तत्र जयः। 🪷🪷🪷
🪷🪷🪷 यत्र धर्मस्तत्र कृष्णः, तत्र नित्यं शुभोदयः॥”🪷🪷🪷

अर्थात् जहां गीता है वहीं ज्ञान है, जहां ज्ञान है वहीं जय है।
जहां धर्म है वहीं कृष्ण हैं, वहां सदा शुभ उदय होता है।।

इसी प्रकार महोदय ने "श्रीमद्भगवतगीता और जीवन मूल्य" के अन्तर्गत विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार छात्रों के समक्ष रखे और उन सभी विचारों और गुणों को अपने जीवन में आचरित करने का निर्देश भी प्रदान किया ।
महोदय जी के इस व्याख्यान के दौरान गुरुकुल के सभी अध्यापकगण तथा दशमी कक्षा से लेकर शास्त्री अंतिम वर्ष तक के विद्यार्थी उपस्थित रहे ।

सबको सादर नमस्तेआज दिनांक 1 अगस्त 2026 को वेद प्रचार मंडल लुधियाना के द्वारा आयोजित की गई वैदिक भाषण प्रतियोगिता का आयोज...
04/08/2026

सबको सादर नमस्ते
आज दिनांक 1 अगस्त 2026 को वेद प्रचार मंडल लुधियाना के द्वारा आयोजित की गई वैदिक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन कपूरथला में स्थित हिंदू कन्या कॉलेज में किया गया जिसमें तकरीबन 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया । गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर की तरफ से सागर (कक्षा ग्यारहवीं) के विद्यार्थी ने भाग लिया और मनुष्य के सच्चे मार्गदर्शक वेद पर अपना भाषण बहुत ही उत्कृष्ट के साथ दिया अंत में वेद प्रचार मंडल के द्वारा निर्णायक पांच सदस्यों की सूची में चयनित होकर गुरुकुल का गौरव बढ़ाया इस अवसर पर गुरुकुल के अध्यापक कमलदीप शर्मा भी उपस्थित रहे इन्होंने विद्यार्थी का मार्गदर्शन एवं उत्साह वर्धन किया
विद्यार्थी की यह उपलब्धि उच्च शिक्षण एवं अच्छे संस्कारों का फल है
इस अवसर पर गुरुकुल के आचार्य डॉक्टर उदयन आर्य ने कहा इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास होता है उन्होंने इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने वाले विद्यार्थी सागर को शुभकामनाएं प्रदान की एवं कर्म अध्यापक के रूप में कमलदीप शर्मा का विशेष सहयोग की सराहना की
धन्यवाद

गुरुकुल में सांख्य एवं योग दर्शन के सैद्धांतिक पक्ष पर शिविर संपन्नगुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर में 23 ज...
04/08/2026

गुरुकुल में सांख्य एवं योग दर्शन के सैद्धांतिक पक्ष पर शिविर संपन्न

गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर में 23 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक "सांख्य एवं योग दर्शन के सैद्धांतिक पक्ष" पर आधारित एक विशेष शिविर आयोजन किया गया । इस शिविर में बाहर से लगभग 40 प्रतिभागियों के साथ-साथ गुरुकुल के प्राक् शास्त्री प्रथम वर्ष से शास्त्री अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने भाग लिया । यह शिविर पूर्णतः आवासीय था जिसकी दिनचर्या प्रातः काल 5:00 से लेकर रात्रि 9:00 बजे तक रही । इस शिविर में प्रशिक्षक के रूप में मुख्य रूप से आचार्य सानन्द जी, आचार्य अखिलेश्वर जी तथा गुरुकुल के प्राचार्य डॉ. उदयन आर्य जी ने शिविरार्थियों को सांख्य एवं योग दर्शन के सैद्धांतिक पक्षों के साथ-साथ दोनों दर्शनों का समीक्षात्मक अध्ययन अत्यंत मनोयोग से करवाया तथा विद्यार्थियों ने भी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समुचित समाधान प्राप्त करते हुए इस शिविर का लाभ उठाया । इस प्रकार से शिविर का समापन 28 जुलाई सायं काल को संपन्न हुआ ।

31/07/2026

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Jalandhar
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