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Guru Virjanand Gurukul Mahavidyalya,Kartarpur Jalandhar वेदिक एवं संस्कृत विद्या का अध्ययन के?

हम कक्षा छठी से बी.ए. पर्यन्त अध्ययन कराते हैं और वैदिक विद्या संस्कृत भाषा का विशेष अध्ययन ।
गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त
पठन,पाठन,आवास, निवास पूर्णतया निःशुल्क
आर्य समाज तथा महर्षि दयानन्द के कार्यो का प्रचार प्रसार ।

वेद ग्रंथ हमारे हर भारतीयता के धर्म ग्रंथों के मूल हैं : आचार्य अंकित प्रभाकरयह विचार आज गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्य...
28/09/2026

वेद ग्रंथ हमारे हर भारतीयता के धर्म ग्रंथों के मूल हैं : आचार्य अंकित प्रभाकर

यह विचार आज गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर के 56वें वार्षिकोत्सव के प्रथम दिवस पर यज्ञ के उपरांत अजमेर से पधारे वैदिक प्रवक्ता आचार्य अंकित प्रभाकर ने कहे। उन्होंने कहा, "कई बार हमारे दिमाग में यह प्रश्न पैदा होता है कि वेद की आवश्यकता क्या है?" तो उन्होंने कहा, "समाज में संतुलन बनाए रखने के लिए वेदों की उपयोगिता है। आज समाज में संतुलन नहीं है और संतुलन ना होने की वजह है कि हम वेद से जुड़े हुए नहीं हैं। तो जब वेद से जुड़ते हैं तो समाज में सब चीजों का संतुलन बना रहता है।" गुरुकुल करतारपुर का यह वार्षिकोत्सव आज प्रातःकाल यज्ञ के साथ प्रारंभ हुआ, जिसमें यजमान के रूप में श्री राकेश भगत और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संगीता भगत उपस्थित रहे। यज्ञ उपरांत कार्यक्रम के प्रारंभ में आज गुरुकुल करतारपुर के यशस्वी प्रधान श्री ध्रुव कुमार मित्तल जी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा, "यह उत्सव सभी के लिए है, पूरे करतारपुर के लोगों के लिए है। अतः अधिक से अधिक लोगों को आकर के इस उत्सव का लाभ उठाएं।" इस उत्सव के प्रातःकाल के सत्र पर गुरुकुल करतारपुर के महामंत्री प्रोफ. नरेश कुमार धीमान जी, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल जी, उपप्रधान कैलाश चंद्र अग्रवाल जी, गुरुकुल के अधिष्ठाता सुखदेव राज जी एवं माताओं के रूप में शिव मित्तल जी, आचार्य माता ज्योत्सना जी(अजमेर), आर्य मित्र गुप्ता (जालंधर), और श्याम जी (फगवाड़ा) आदि अनेक गणमान्य महानुभावों ने भाग लिया।

वैदिक प्रतियोगिताओं में आज वैदिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें करतारपुर, कपूरथला और जालंधर के जलंधर मॉडल सी. सै.स्कूल, शिव ज्योति पब्लिक स्कूल, हिन्दू कन्या कॉलेजिएट स्कूल, कुलवंत राय डीएवी स्कूल, डीएवी मॉडल हाई स्कूल, मंडी हार्डिंग गंज हाई स्कूल, हिन्दू पुत्री पाठशाला, एम.डी.एस.डी सी. सै. स्कूल, डीएवी मॉडल स्कूल आदि विद्यालयों के बालक-बालिकाओं ने भाग लिया।

इसके अंदर वेद से संबंधित, वैदिक दर्शन से संबंधित सैकड़ों प्रश्नों को पूछ कर इस प्रतियोगिता का समापन किया गया, जिसमें बच्चों ने बड़े उत्साहपूर्वक साहित्य, वेदांग, धर्मशास्र, वैदिक दर्शन, आर्य समाज आदि के विषयों को बड़े आत्मविश्वास से रखा। यह प्रतियोगिता वैदिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग और वरिष्ठ वर्ग में आयोजित की गई। । कनिष्ठ वर्ग में प्रथम पुरस्कार गुरुकुल करतारपुर , द्वितीय पुरस्कार हिन्दू पुत्री पाठशाला कपूरथला एवं तृतीय पुरस्कार दयानन्द मॉडल स्कूल करतारपुर को प्राप्त हुआ और वरिष्ठ वर्ग में प्रथम पुरस्कार मंडी हार्डिंग गंज हाई स्कूल कपूरथला , द्वितीय पुरस्कार डीएवी कपूरथला एवं तृतीय पुरस्कार गुरुकुल करतारपुर को प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के समापन के अवसर पर गुरुकुल करतारपुर के आचार्य डॉ उदयन आर्य जी ने कहा, "जिस युवा के जीवन में संघर्ष नहीं रहता है, वह युवा युवा नहीं है। इसलिए हर युवा को संघर्ष का सामना करना चाहिए। संघर्ष के लिए आगे बढ़ना ही बढ़ना चाहिए। इसमें किसी प्रकार कोई भय या लज्जा नहीं होना चाहिए। संघर्ष युक्त समाज ही आगे बढ़ता है। जिसके जीवन में संघर्ष नहीं है, वह निश्चित ही कायर और आलस्य से युक्त समाज का निर्माण करता है।" आज गुरुकुल के वार्षिकोत्सव पर प्रतियोगिता के यज्ञों के साथ-साथ में आज सत्यार्थ प्रकाश स्वाध्याय शिविर का भी आयोजन किया गया है और जो कि वार्षिकोत्सव के साथ-साथ में चलता रहेगा, जिसमें गुरुकुल के विद्यार्थी एवं बाहर से आए हुए महानुभावों ने लाभ लेना शुरू किया है। इस शिविर में अंकित प्रभाकर जी द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा और सत्यार्थ प्रकाश से संबंधित अनेकों जिज्ञासाओं का समाधान भी इसमें किया जाएगा। सत्यार्थ प्रकाश स्वाध्याय शिविर के साथ-साथ में सांयकालीन आज यज्ञ 5:30 से प्रारंभ हुआ, जिसमें करतारपुर के स्थानीय लोगों ने यज्ञ में आहुतियां प्रदान करी । इस अवसर पर इस अवसर पर हमारे बीच में आज सांयकालीन सत्र में प्रवचन के समय डॉ शिवदत्त पांडे जी उपस्थित रहे। उन्होंने भी अपने इस अवसर पर एक विशेष कर्मफल व्यवस्था पर विशेष व्याख्यान दिया।

इस कार्यक्रम में संयोजक वैदिक प्रतियोगिता प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में संयोजक के रूप में गुरुकुल करतारपुर के अध्यापक सुधीर कुमार अमोली जी ने इसका पूरा विधिवत संचालन किया। इस अवसर पर हंसराज जी , सूरज जी एवं गुरुकुल के सभी अध्यापकगण उपस्थित रहे।

विशिष्ट वाग्वर्धनी सभा का आयोजनगुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर (जालन्धर)करतारपुर, 25 सितम्बर 2026:गुरु विरज...
28/09/2026

विशिष्ट वाग्वर्धनी सभा का आयोजन
गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर (जालन्धर)
करतारपुर, 25 सितम्बर 2026:

गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर के छात्रावास परिसर में आज दिनांक 25 सितम्बर 2026 को एक विशिष्ट वाग्वर्धनी सभा का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। इस सभा का उद्देश्य विद्यार्थियों में वाणी-कौशल, अभिव्यक्ति-कौशल, आत्मविश्वास तथा मंचीय प्रस्तुति की क्षमता का विकास करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य *डॉ. उदयन आर्य जी* एवं गुरुकुल के महामंत्री *प्रो. नरेश धीमान जी* ने की। वहीं वाग्वर्धनी सभा के अध्यक्ष *श्री सूरज जी* ने सभा का कुशल संचालन करते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रभावी एवं स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
सभा में गुरुकुल के चार प्रमुख दलों—रामप्रसाद बिस्मिल दल, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम दल, गुरु विरजानन्द दल तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन दल—के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने विभिन्न समसामयिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए अपनी वाक्-कुशलता, तर्कशक्ति, अभिव्यक्ति-क्षमता एवं मंचीय आत्मविश्वास का परिचय दिया।
सभा में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित आचार्यों एवं सहपाठियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। विद्यार्थियों ने विषयानुकूल भाषा, स्पष्ट उच्चारण, प्रभावशाली वक्तव्य तथा आत्मविश्वास के साथ अपने विचारों को अभिव्यक्त किया। इस प्रकार सभा विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व-विकास तथा नेतृत्व एवं संवाद-कौशल के संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनी।

इस अवसर पर गुरुकुल के समस्त अध्यापकगण एवं आचार्यगण भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को ध्यानपूर्वक सुना तथा उनका उत्साहवर्धन किया। समस्त अध्यापकगण की गरिमामयी उपस्थिति से सभा का वातावरण और अधिक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बना।
*आचार्य डॉ. उदयन आर्य जी* ने विद्यार्थियों को निरन्तर अध्ययन, स्वाध्याय एवं नियमित वक्तृत्व-अभ्यास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली वाणी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व को समाज तक पहुँचाने का सशक्त साधन है।

*प्रो. नरेश धीमान जी* ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए ऐसी गतिविधियों को गुरुकुलीय शिक्षा-परम्परा का महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रत्येक अवसर का उपयोग अपने ज्ञान एवं प्रतिभा को निखारने के लिए करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं आयोजकों का उत्साहवर्धन करते हुए सभा का समापन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन एवं ज्ञानवर्धक वातावरण में सम्पन्न हुआ।

दिनांक: 23 सितम्बर 2026 स्थान: करतारपुर गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर में छात्रों को सड़क सुरक्षा और याताय...
28/09/2026

दिनांक: 23 सितम्बर 2026
स्थान: करतारपुर

गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर में छात्रों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष 'यातायात जागरूकता व्याख्यान' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में जिम्मेदारी की भावना पैदा करना और उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग व सड़क शिष्टाचार के महत्व से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि करतारपुर डिवीजन के डीएसपी (DSP) श्री नरिंदर सिंह रहे जिन्होंने अपने व्यावहारिक और प्रेरणादायक संबोधन में छात्रों को यातायात सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
डीएसपी साहब ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, गति सीमा का पालन करने और ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करने जैसे बुनियादी नियमों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
सड़क सुरक्षा के साथ-साथ उन्होंने छात्रों को एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लें, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
इस व्याख्यान का एक मुख्य आकर्षण मुख्य अतिथि और विद्यालय के आदरणीय प्राचार्य डा. उदयन आर्य के बीच आयोजित एक छोटा पॉडकास्ट सत्र था। इस अनूठे संवाद में विभिन्न जटिल ट्रैफिक स्थितियों पर चर्चा की गई:
सड़क पर अचानक उत्पन्न होने वाली आपातकालीन स्थितियों और दुर्घटनाओं के समय शांत रहकर सही कदम कैसे उठाया जाए, इस पर विस्तार से बातचीत हुई।
डीएसपी साहब ने प्रधानाचार्य जी के सवालों का जवाब देते हुए छात्रों को व्यावहारिक उपाय बताए कि कैसे वे खुद सुरक्षित रहकर दूसरों की भी मदद कर सकते हैं।
व्याख्यान और पॉडकास्ट सत्र की समाप्ति के बाद प्राचार्य द्वारा मुख्य अतिथि (डीएसपी करतारपुर डिवीजन) को उनकी बहुमूल्य उपस्थिति और मार्गदर्शन के लिए स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन अत्यंत गरिमापूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल में हुआ। सभी उपस्थित शिक्षकों और छात्रों ने एक साथ मिलकर 'शांति पाठ' किया, जिसके माध्यम से विश्व शांति और सभी के कल्याण की कामना की गई।

सादर नमस्ते जी आप सभी को सूचित करते हुए हर्ष हो रहा हैँ कि गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय,  करतारपुर जिला जालंधर पंज...
07/09/2026

सादर नमस्ते जी
आप सभी को सूचित करते हुए हर्ष हो रहा हैँ कि गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर जिला जालंधर पंजाब का वार्षिक उत्सव 28 सितम्बर से 4 अक्टूबर 2026 तक मनाया जा रहा हैँ! !!
इस अवसर पर सत्यार्थ प्रकाश शिविर भी 28 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजन हो रहा हैँ! !!
जो महानुभाव इस शिविर में भाग लेना चाहते हैँ वे कृपया शीघ्र ही पंजीकरण कर लें! ! शिविर में AC कमरों की व्यवस्था के साथ साथ भोजन आदि की उत्तम व्यवस्था गुरुकुल द्वारा रहेगी
धन्यवाद सहित
आचार्य डॉ उदयन आर्य
गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय
जी टी रोड करतारपुर
जिला जालंधर ( पंजाब ) 144801
9803043271
9876953271

https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdiGJUpYvGHrh-nEQoOy2EqWoHVejZGbRoSaicRpyf9CG5_aQ/viewform?usp=header

गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर में संस्कृत सप्ताह का भव्य समापन समारोह करतारपुर, 31 अगस्त। गुरु विरजानन्द ग...
31/08/2026

गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर में संस्कृत सप्ताह का भव्य समापन समारोह
करतारपुर, 31 अगस्त।
गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर में आचार्य डॉ. उदयन आर्य जी की अध्यक्षता में 25 से 31 अगस्त तक आयोजित संस्कृत सप्ताह का भव्य समापन समारोह उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। सप्ताहभर विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि और भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना जागृत करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संस्कृत सप्ताह के दौरान सूक्ति लेखन, संस्कृत गीत, वाग्वर्धिनी सभा, उपनयन संस्कार, निबंध लेखन, संस्कृत प्रश्नोत्तरी, शोभायात्रा एवं भाषण प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में बाहर से पधारे विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इनमें डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर, डी.ए.वी. आयुर्वेदिक कॉलेज, जालंधर, एच.पी.पी. हाई स्कूल, कैम्पुरा (कपूरथला), दयानन्द मॉडल स्कूल, करतारपुर, माता गुजरी पब्लिक स्कूल, करतारपुर, पुष्पा मेहता आर्य मॉडल हाई स्कूल, करतारपुर, मण्डी हार्डिंग गंज हाई स्कूल, कपूरथला तथा हिंदू पुत्री पाठशाला, कपूरथला के विद्यार्थी शामिल रहे।
प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपने-अपने विद्यालय एवं महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए बेहतर प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। वहीं प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति-चिह्न एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि श्री राकेश शर्मा जी ( प्राचार्य साईं दास स्कूल जालंधर) ने संस्कृत को ज्ञान, संस्कार और श्रेष्ठ जीवन-मूल्यों की आधारशिला बताते हुए कहा कि संस्कृत ने सदैव समाज को सही दिशा देने का कार्य किया है। विशिष्ट अतिथि श्री सर्वेश चड्ढा जी (विभाग संयोजक संस्कृत भारती जालंधर )ने विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं उत्साह की सराहना करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। सारस्वत अतिथि डॉ. नरेश धीमान जी(पूर्व प्राचार्य दोआबा कॉलेज जालंधर एवं महामंत्री गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट)ने कहा संस्कृत भाषा की व्याकरण की तुलना अन्य किसी भाषा के व्याकरण से नहीं हो सकती इसकी व्याकरण अपने में एक अर्थ पूर्ण एवं नए रहस्यों को प्रकट करने वाली है। उन्होंने पंजाबी, उर्दू, जर्मन आदि भाषाओं की तुलना करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा में उन भाषाओं की पहले से ही कोडिंग हो रही है ।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए आचार्य डॉ. उदयन आर्य जी ( प्राचार्य गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर)ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि अब पंजाब में भी संस्कृत का उदय होना चाहिए। उन्होंने उपस्थित विद्यालय , महाविद्यालयों के अध्यापकों एवं विद्यार्थियों से कहा कि संस्कृत भाषा जीवन के रहस्यों को बताने वाली है इसके पढ़ने पढ़ाने से हम स्वयं के जीवन जीवन अर्थ को हम समझ सकते हैं। संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिये यह संस्थान निरन्तर संकल्पित है और भविष्य में भी कार्य करता रहेगा ।
कार्यक्रम के संयोजक श्री टेक चंद जी रहे। उनके मार्गदर्शन में संस्कृत सप्ताह के सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। सप्ताहभर आयोजित गतिविधियों ने विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति नई रुचि और उत्साह का संचार किया।
समारोह में श्री ध्रुव कुमार मित्तल जी( प्रधान गुरुविजानंद समिति ट्रस्ट)तथा अधिष्ठाता वाचस्पति श्री सुखदेव राज जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर शिक्षक वर्ग से देवदत्त शास्त्री जी, हंस राज जी, सूरज राणा जी, मोती राम जी, हरबीर जी, जीतेंद्र कुमार जी, कमलदीप जी, अभिषेक आर्य जी, गुरप्रीत जी, टेक चंद जी, संजीव शर्मा जी एवं बौद्ध राज जी उपस्थित रहे। वहीं सहायक कर्मचारी वर्ग से श्री वीरेन्द्र सिंह , श्री जीवन ज्योत, श्री गगन शर्मा, श्री विक्रम कुमार, श्री प्रिंस एवं श्री पंकज शर्मा भी उपस्थित रहे।

संस्कृत सप्ताह के चतुर्थ दिवस एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर गुरुकुल में  नवप्रविष्ट छात्रों का उपनयन संस्कार  हुआ संपन्न...
29/08/2026

संस्कृत सप्ताह के चतुर्थ दिवस एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर गुरुकुल में नवप्रविष्ट छात्रों का उपनयन संस्कार हुआ संपन्न।

गुरु-विरजानन्द-गुरुकुल-महाविद्यालय, करतारपुर में एक विशेष संस्कारप्रधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरुकुल में नवप्रविष्ट छात्रों का उपनयन संस्कार वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत् संपन्न किया गया।
यह कार्यक्रम आचार्य डॉ. उदयन आर्य जी की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उपनयन संस्कार की सभी विधियाँ भारतीय वैदिक परंपरा के अनुरूप आचार्यों तथा ब्रह्मचारियों द्वारा मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधानपूर्वक पूर्ण करवाई गईं।
इस अवसर पर गुरुकुल के प्रधान ध्रुव कुमार मित्तल जी तथा महामंत्री प्रो.नरेश धीमान जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त गुरुकुल के अधिष्ठाता श्री सुखदेव जी,गणक श्री विरेन्द्र जी, समस्त शिक्षकगण एवं आचार्यगण तथा अभिभावक गण भी उपस्थित रहे ।उन्होंने नवप्रविष्ट छात्रों को शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद प्रदान किया।
उपनयन संस्कार के माध्यम से आचार्य महोदय ने नवप्रविष्ट छात्रों को गुरुकुलीय जीवन, अनुशासन, स्वाध्याय, सदाचार एवं भारतीय संस्कार-परंपरा से जुड़े रहने का संदेश दिया । वैदिक मंत्रों के पवित्र उच्चारण और पारंपरिक विधि-विधान के कारण कार्यक्रम का वातावरण पूर्णतः संस्कारमय एवं आध्यात्मिक बना रहा।
संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के साथ-साथ भारतीय वैदिक संस्कृति एवं गुरुकुल परंपरा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर में संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत वाग्वर्धिनी सभा का विशेष आयोजन27 अगस्त 2026; ...
27/08/2026

गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर में संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत वाग्वर्धिनी सभा का विशेष आयोजन
27 अगस्त 2026; करतारपुर।
गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय में 'संस्कृत सप्ताह' के अंतर्गत वाग्वर्धिनी सभा का विशेष आयोजन किया गया। इस सभा का मुख्य उद्देश्य देववाणी संस्कृत के महत्व, उसकी वैज्ञानिकता और वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डालना रहा। कार्यक्रम में गुरुकुल के विभिन्न दलों के ब्रह्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी वाक्-कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
सभा का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुसार मंगलाचरण के साथ हुआ। मंच का संचालन द्वारा किया गया। विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अत्यंत ओजस्वी और प्रभावशाली प्रस्तुतियां प्रस्तुत की ।
गुरुकुल के अलग-अलग दलों के छात्रों ने अपने भाषणों में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर विशेष प्रकाश डाला:
• संस्कृत और आधुनिक विज्ञान: छात्रों ने तर्कसंगत ढंग से प्रस्तुत किया कि किस प्रकार संस्कृत केवल पूजा-पद्धति की भाषा नहीं, बल्कि कंप्यूटर विज्ञान, खगोल विज्ञान और गणित के लिए सबसे उपयुक्त एवं वैज्ञानिक भाषा है।
• नैतिक मूल्य और उपनिषद: कुछ छात्रों ने वेदों और उपनिषदों के श्लोकों का उद्धरण देते हुए समाज में नैतिक मूल्यों और वैश्विक बंधुत्व (वसुधैव कुटुम्बकम्) की भावना पर बल दिया।
• संस्कृत का गौरवशाली इतिहास: छात्रों ने अत्यंत आत्मविश्वास के साथ संस्कृत के ऐतिहासिक महत्व और इसके संरक्षण की आवश्यकता पर अपनी बात रखी।
सभी दलों के ब्रह्मचारियों की भाषा-शैली, शुद्ध उच्चारण और गंभीर विचारों ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के अंत में वाग्वर्धिनी सभा अध्यक्ष श्री सूरज कुमार जी ने सभी प्रतिभागियों के प्रयास और उनकी वैचारिक परिपक्वता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों में न केवल मंच का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि अपनी प्राचीन संस्कृति और भाषा के प्रति गौरव का भाव भी सुदृढ़ होता है। इस अवसर पर गुरुकुल के समस्त शिक्षण समूह ने दल संचालन एवं अनुशासन में अपना अभिन्न सहयोग दिया। शांति पाठ के साथ इस गरिमामय वक्तृत्व सभा का समापन हुआ।

सादर नमस्कार संस्कृत सप्ताह संपूर्ण देशभर में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है उसी क्रम में गुरु विरजानंद गुरुकु...
26/08/2026

सादर नमस्कार
संस्कृत सप्ताह संपूर्ण देशभर में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है उसी क्रम में गुरु विरजानंद गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर में भी संस्कृत सप्ताह मनाया जा रहा है। आज दिनांक 26.8.2026 को इस संस्कृत सप्ताह महोत्सव के द्वितीय दिवस में संस्कृत गीत गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बहुत से विद्यालयों तथा महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया तथा उत्तमोत्तम प्रस्तुतियां प्रस्तुत की। इसी क्रम में कल 27. 8. 2026 वीरवार को संस्कृत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

संस्कृत सप्ताह का भव्य शुभारम्भ केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, संस्कृत भारती, पंजाब प्रान्त तथा गुरु विरजानन...
25/08/2026

संस्कृत सप्ताह का भव्य शुभारम्भ
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, संस्कृत भारती, पंजाब प्रान्त तथा गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर के संयुक्त तत्त्वावधान में 25 अगस्त से 31 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। संस्कृत सप्ताह का शुभारम्भ आज गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर के सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. रितु तलवार जी, संस्कृत विभागाध्यक्ष, डी.ए.वी. कॉलेज उपस्थित रही, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुकुल के प्राचार्य डॉ. उदयन आर्य जी ने की।
मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में संस्कृत भाषा के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत विश्व की अत्यन्त वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित भाषाओं में से एक है। संस्कृत भाषा में ज्ञान-विज्ञान, साहित्य, दर्शन, संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों का विशाल भण्डार विद्यमान है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गुरुकुल के प्राचार्य डॉ. उदयन आर्य जी ने कहा कि संस्कृत सीखने के लिए निरन्तर अभ्यास आवश्यक है। हमें प्रतिदिन छोटे-छोटे संस्कृत वाक्यों के माध्यम से संस्कृत बोलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत के प्रति रुचि विकसित करने तथा दैनिक जीवन में संस्कृत का प्रयोग करने का आह्वान किया तथा विद्यार्थियों को संस्कृत सीखने तथा इसे अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर, मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल जालंधर, पुष्पा मेहता मेमोरियल आर्या मॉडल हाई स्कूल करतारपुर, एम.डी.एस.डी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कपूरथला, मंडी हार्डिंग गंज स्कूल कपूरथला, एच.पी.पी. हाई स्कूल केमपुरा मोहल्ला, हिंदू पुत्री पाठशाला कपूरथला, गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर आदि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के अध्यापकगण, गुरुकुल के आचार्यगण, अधिष्ठाता सुखदेव जी, श्री वीरेंद्र जी (गणक), व्यवस्था प्रमुख पंकज जी तथा बी.ए कक्षा के विद्यार्थी तथा संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागी उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र के पश्चात सूक्ति-लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने संस्कृत की प्रेरणादायक सूक्तियों को सुंदर एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक टेकचन्द जी द्वारा किया गया तथा इस अवसर पर संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। संस्कृत सप्ताह के दौरान प्रतिदिन विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें अनेक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी प्रतिभागिता करेंगे।
31 अगस्त को संस्कृत सप्ताह का भव्य समापन समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही संस्कृत के प्रति जन-जागरूकता एवं संस्कृत-प्रेम का संदेश देने के उद्देश्य से भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।
इस प्रकार संस्कृत सप्ताह के प्रथम दिवस पर आयोजित उद्घाटन समारोह एवं सूक्ति-लेखन प्रतियोगिता सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कल संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत द्वितीय दिवस में संस्कृत गीत गान प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि जागृत करने की दिशा में यह आयोजन एक महत्त्वपूर्ण पहल है।

गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट — 60 गौरवमयी वर्ष23 अगस्त 2026 को गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट अपने 60 गौरवमयी ...
22/08/2026

गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट — 60 गौरवमयी वर्ष

23 अगस्त 2026 को गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट अपने 60 गौरवमयी वर्ष पूर्ण कर रहा है। यह अवसर हम सभी के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है।

छः दशकों में इस संस्था ने हजारों ब्रह्मचारियों एवं विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार और जीवन की सही दिशा प्रदान की। आज हमारे अनेक पूर्व विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में सेवा करते हुए संस्था की गौरवमयी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

इस ऐतिहासिक अवसर पर हम ट्रस्ट के सभी सदस्यों, विद्यार्थियों, ब्रह्मचारियों, शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों एवं शुभचिंतकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हैं।

आइए, हम सभी मिलकर संकल्प लें कि इस महान विरासत को और मजबूत करते हुए एक कदम आगे बढ़ें और संस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।

60 वर्ष की गौरवमयी यात्रा — और अब उज्ज्वल भविष्य की ओर एक नई शुरुआत।

सादर,

ध्रुव कुमार मित्तल — प्रधान
प्रो. नरेश कुमार धीमान — महामंत्री
डॉ. उदयन आर्य — प्नाचार्य

गुरु विरजानन्द स्मारक समिति ट्रस्ट,करतारपुर, जिला जालंधर, पंजाब

हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ!

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Kartarpur
Jalandhar
144801

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