28/09/2026
वेद ग्रंथ हमारे हर भारतीयता के धर्म ग्रंथों के मूल हैं : आचार्य अंकित प्रभाकर
यह विचार आज गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर के 56वें वार्षिकोत्सव के प्रथम दिवस पर यज्ञ के उपरांत अजमेर से पधारे वैदिक प्रवक्ता आचार्य अंकित प्रभाकर ने कहे। उन्होंने कहा, "कई बार हमारे दिमाग में यह प्रश्न पैदा होता है कि वेद की आवश्यकता क्या है?" तो उन्होंने कहा, "समाज में संतुलन बनाए रखने के लिए वेदों की उपयोगिता है। आज समाज में संतुलन नहीं है और संतुलन ना होने की वजह है कि हम वेद से जुड़े हुए नहीं हैं। तो जब वेद से जुड़ते हैं तो समाज में सब चीजों का संतुलन बना रहता है।" गुरुकुल करतारपुर का यह वार्षिकोत्सव आज प्रातःकाल यज्ञ के साथ प्रारंभ हुआ, जिसमें यजमान के रूप में श्री राकेश भगत और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संगीता भगत उपस्थित रहे। यज्ञ उपरांत कार्यक्रम के प्रारंभ में आज गुरुकुल करतारपुर के यशस्वी प्रधान श्री ध्रुव कुमार मित्तल जी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा, "यह उत्सव सभी के लिए है, पूरे करतारपुर के लोगों के लिए है। अतः अधिक से अधिक लोगों को आकर के इस उत्सव का लाभ उठाएं।" इस उत्सव के प्रातःकाल के सत्र पर गुरुकुल करतारपुर के महामंत्री प्रोफ. नरेश कुमार धीमान जी, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल जी, उपप्रधान कैलाश चंद्र अग्रवाल जी, गुरुकुल के अधिष्ठाता सुखदेव राज जी एवं माताओं के रूप में शिव मित्तल जी, आचार्य माता ज्योत्सना जी(अजमेर), आर्य मित्र गुप्ता (जालंधर), और श्याम जी (फगवाड़ा) आदि अनेक गणमान्य महानुभावों ने भाग लिया।
वैदिक प्रतियोगिताओं में आज वैदिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें करतारपुर, कपूरथला और जालंधर के जलंधर मॉडल सी. सै.स्कूल, शिव ज्योति पब्लिक स्कूल, हिन्दू कन्या कॉलेजिएट स्कूल, कुलवंत राय डीएवी स्कूल, डीएवी मॉडल हाई स्कूल, मंडी हार्डिंग गंज हाई स्कूल, हिन्दू पुत्री पाठशाला, एम.डी.एस.डी सी. सै. स्कूल, डीएवी मॉडल स्कूल आदि विद्यालयों के बालक-बालिकाओं ने भाग लिया।
इसके अंदर वेद से संबंधित, वैदिक दर्शन से संबंधित सैकड़ों प्रश्नों को पूछ कर इस प्रतियोगिता का समापन किया गया, जिसमें बच्चों ने बड़े उत्साहपूर्वक साहित्य, वेदांग, धर्मशास्र, वैदिक दर्शन, आर्य समाज आदि के विषयों को बड़े आत्मविश्वास से रखा। यह प्रतियोगिता वैदिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग और वरिष्ठ वर्ग में आयोजित की गई। । कनिष्ठ वर्ग में प्रथम पुरस्कार गुरुकुल करतारपुर , द्वितीय पुरस्कार हिन्दू पुत्री पाठशाला कपूरथला एवं तृतीय पुरस्कार दयानन्द मॉडल स्कूल करतारपुर को प्राप्त हुआ और वरिष्ठ वर्ग में प्रथम पुरस्कार मंडी हार्डिंग गंज हाई स्कूल कपूरथला , द्वितीय पुरस्कार डीएवी कपूरथला एवं तृतीय पुरस्कार गुरुकुल करतारपुर को प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के समापन के अवसर पर गुरुकुल करतारपुर के आचार्य डॉ उदयन आर्य जी ने कहा, "जिस युवा के जीवन में संघर्ष नहीं रहता है, वह युवा युवा नहीं है। इसलिए हर युवा को संघर्ष का सामना करना चाहिए। संघर्ष के लिए आगे बढ़ना ही बढ़ना चाहिए। इसमें किसी प्रकार कोई भय या लज्जा नहीं होना चाहिए। संघर्ष युक्त समाज ही आगे बढ़ता है। जिसके जीवन में संघर्ष नहीं है, वह निश्चित ही कायर और आलस्य से युक्त समाज का निर्माण करता है।" आज गुरुकुल के वार्षिकोत्सव पर प्रतियोगिता के यज्ञों के साथ-साथ में आज सत्यार्थ प्रकाश स्वाध्याय शिविर का भी आयोजन किया गया है और जो कि वार्षिकोत्सव के साथ-साथ में चलता रहेगा, जिसमें गुरुकुल के विद्यार्थी एवं बाहर से आए हुए महानुभावों ने लाभ लेना शुरू किया है। इस शिविर में अंकित प्रभाकर जी द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा और सत्यार्थ प्रकाश से संबंधित अनेकों जिज्ञासाओं का समाधान भी इसमें किया जाएगा। सत्यार्थ प्रकाश स्वाध्याय शिविर के साथ-साथ में सांयकालीन आज यज्ञ 5:30 से प्रारंभ हुआ, जिसमें करतारपुर के स्थानीय लोगों ने यज्ञ में आहुतियां प्रदान करी । इस अवसर पर इस अवसर पर हमारे बीच में आज सांयकालीन सत्र में प्रवचन के समय डॉ शिवदत्त पांडे जी उपस्थित रहे। उन्होंने भी अपने इस अवसर पर एक विशेष कर्मफल व्यवस्था पर विशेष व्याख्यान दिया।
इस कार्यक्रम में संयोजक वैदिक प्रतियोगिता प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में संयोजक के रूप में गुरुकुल करतारपुर के अध्यापक सुधीर कुमार अमोली जी ने इसका पूरा विधिवत संचालन किया। इस अवसर पर हंसराज जी , सूरज जी एवं गुरुकुल के सभी अध्यापकगण उपस्थित रहे।