02/03/2017
उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय,जलगाँव तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयाेग, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दि. 30 और 31 मार्च 2017 काे " "संत साहित्य :आधुनातन आयाम" इस विषय पर राष्ट्रीय संगाेष्ठी का आयाेजन किया गया है l
संगाेष्ठी में विचार मंथन एवं अनुसंधान हेतू हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाआें के संत साहित्य में अभिव्यक्त निम्न आधुनातन आयाम विचारार्थ रखे जा रहे हैं :
संताें का वैग्यानिक दृष्टिकाेन, संत साहित्य में अभिव्यक्त पर्यावरण चेतना, प्रगतिशील चेतना, संताें का संवाद काैशल, व्यवस्थापन काैशल, समुह व्यवस्थापन, इव्हेंट मँनेजमेंट, संत साहित्य में अभिव्यक्त सामाजिक समरसता बाेध, संताें के अर्थनीति विषयक विचार, संताें के विचाराें में स्थित आधुनिकता, प्रासंगिकता, कालजयी संत परंपरा, संताें का स्री विषयक प्रगतिशील दृष्टिकाेन आदि l
दि. 20 मार्च तक अनुसंधाता अपना शाेध आलेख प्रेषित कर अनुगृहीत करें l अधिक जानकारी हेतू विश्वविद्यालय के संकेत स्थल www.nmu.ac.in काे देख सकतें है l
डॉ. सुनील कुलकर्णी
विभागाध्यक्ष हिंदी
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