17/08/2026
15 अगस्त 2026 को सहकारी इंटर कॉलेज मिहरावां जौनपुर एवं सहकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय मिहंरावा जौनपुर के संयुक्त तत्वाधान में आजादी के "80 वे " वर्षगांठ को "राष्ट्रीय पर्व" के रूप में महाविद्यालय के "डॉ० समर बहादुर सिंह सभागार" में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय मिहरावां जौनपुर एवं सहकारी इन्टर कालेज मिहरावां जौनपुर के प्रबन्धक श्री राजीव कुमार सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ० प्रमोद कुमार सिंह, अध्यक्ष प्रबंध समिति सहकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय मिहरावां जौनपुर ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, धूप तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
सहकारी इंटर कॉलेज मिहंरावा जौनपुर के प्रधानाचार्य डॉ० राम दत्त सिंह ने अपने सम्बोधन में स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए बताया कि आजादी के बाद से, हमारा देश निरंतर उन्नति कर रहा है। हमारा परम धर्म है कि हम देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे। हमें महापुरुषों के बलिदान को नहीं भूलना चाहिए और उनके बलिदान का स्मरण करते हुए कर्तव्य पथ पर चलते रहना चाहिए ।
इस अवसर पर अपने संबोधन में "मुख्य अतिथि" विद्यालय एवं महाविद्यालय के प्रबन्धक श्री राजीव कुमार सिंह ने कहा कि आजादी हमें "सात लाख बत्तीस हजार" हिन्दुस्तानीयो की कुर्बानियों के बाद मिली है। हम सभी भारतीयों का दायित्व है कि इसे सुरक्षित रखें। अपने काम को ईमानदारी से करें। बेहतर समाज और एक बेहतर राष्ट्र के निर्माण में एक सच्चे नागरिक की तरह कार्य करेंगे, तब जाकर हमारा देश विश्व में एक सशक्त देश के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कर पाएगा। गांधीजी ने कहा था कि देश का बटवारा मेरी लाश पर होगा किन्तु नेहरू के कारण उन्होंने बटवारे की सहमति अंग्रेजो को दे दी। लगभग 4 करोड़ मुसलमानों में से सिर्फ 96 लाख पाकिस्तान गए! यानी भारत के विभाजन का असली मकसद कभी पूरा ही नहीं हुआ।
बाबा साहेब अंबेडकर लगातार कम्प्लीट पॉपुलेशन ट्रांसफर की वकालत करते रहे, लेकिन नेहरू की सत्ता-लालसा ने देश का ही नहीं, हिंदुओं का भी अनहित किया। उन्हें दशकों तक असुरक्षा और अन्याय के बीच जीने पर मजबूर किया।
अंग्रेजों द्वारा दी गयी स्वतंत्रता के साथ साथ ब्रिटिश भारत को धार्मिक आधार पर विभाजित कर गये, जिसमें भारत और पाकिस्तान का उदय हुआ। विभाजन के बाद दोनों देशों में हिंसक दंगे भड़क गए और सांप्रदायिक हिंसा की अनेक घटनाएं हुईं। जिसमें लगभग "दस लाख" हिन्दूओ की हत्या कट्टरपंथी और क्रुर मुसलमानों द्वारा कर दी गयी। विभाजन के कारण मनुष्य जाति के इतिहास में इतनी ज्यादा संख्या में लोगों का विस्थापन कभी नहीं हुआ। यह संख्या तकरीबन 1.45 करोड़ थी। भारत की जनगणना 1951 के अनुसार विभाजन के बाद 72,26,000 मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान गये और 72,49,000 हिन्दू और सिख पाकिस्तान छोड़ कर भारत आए। उन्होंने देश की आज़ादी के बाद फैलाये गये झूठ "दे दि हमे आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल" के बारे में बताते हुए कहा कि चरखा चलाने से अगर आजादी मिल जाती तो आज विश्व में हथियार की जगह चरखे की फैक्ट्रियां होती... चरखें से केवल खादी आई थी आजादी नही !! "आजादी" तो देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो सुभाष चंद्र बोस, चन्द्र शेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, रामप्रसाद बिस्मिल अशफाक उल्ला खां, विपिन सिंह, खुदीराम बोस जैसे लाखों देशभक्त वीरों और बलिदानीयो अपनी जान देकर दिलाई थी।
इस अवसर पर अपने संबोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० अरविंद कुमार सिंह ने 80 वे "स्वतंत्रता दिवस" की बधाई देते हुए कहा कि हमें आजादी के मतवालों को, शहीदों को याद करने की जरूरत है, साथ ही साथ उनके द्वारा दिखाए गए राह का अनुकरण करने की जरूरत है। शहीदों की शहादत व्यर्थ न जाए हमारे देश की हर एक पीढ़ी को याद रखने की जरूरत है। यह आजादी शहीदों की शहादत का परिणाम है। वह अपना धर्म निभा कर चले गए अब हम अपना धर्म निभाएं। उन्होंने नयी शिक्षा नीति की व्यवहारिक कठिनाईयों के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता श्री अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि देश आजाद हुआ,देश की सरकारों ने हर स्तर पर सशक्तिकरण का प्रयास किया। जिससे आज हम सभी नित नए मुकाम हासिल कर रहे हैं।अभी आने वाले कल में हमें बहुत कुछ करना है।
विद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक श्री राजेश कुमार सिंह ने उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए देश की आज़ादी के लिए शहीद हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानीयो को नमन करते हुए देश प्रेम से ओतप्रोत अपने विचार रखें।
विद्यालय के प्रवक्ता श्री अखिलेश कुमार सिंह ने स्वतंत्रता दिवस पर अपनी शुभकामनायें प्रेषित करते हुए देशभक्ति से परिपूर्ण कज़री सुनाई।
अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० राज बहादुर यादव ने कहा कि देश नए ऊंचाइयों को छू रहा है हमें गर्व है कि हम इस देश की मिट्टी में पैदा हुए हैं। हम सभी को शपथ लेने की जरूरत है कि हम देश हित में रत रहे। उन्होंने कहा कि आज हम सभी को अपने अधिकारो के साथ साथ अपने कर्तव्यो का भी ध्यान रखना चाहिए।
इस अवसर पर इन्टर कालेज की छात्राओ ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय एवं महाविद्यालय प्रबन्ध समित के अध्यक्ष डॉ० प्रमोद कुमार सिंह ने लगभग सभी वक्ताओं के वक्तव्यों की समीक्षा करते हुए अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर हम सभी देशवासियों को यह संकल्प लेना चाहिये कि हम धर्म व जाति के नाम पर अधर्म की राजनीति करने वाले लोगों से देश को आजाद करवा कर, देश में एकता अखंडता का ऐसा माहौल तैयार करेगें कि देश में कोई भी पार्टी धर्म व जाति के नाम पर राजनीति करके माहौल खराब ना कर सकें। देश में राजनीति करने वाला हर राजनीतिक दल और व्यक्ति केवल देश के विकास की राजनीति करें जिससे की हमारा देश विकास के नित नये आयाम स्थापित कर सके। आज़ादी के इस अमृत कालखंड में हम अपने राष्ट्र की एकता, अखंडता की अक्षुण्णता के प्रति सतत सजग रहते हुए ऐसे समृद्ध तथा सामर्थ्यवान भारत के निर्माण का संकल्प लें जो विश्व को सम्यक् दिशा देने का कार्य करे।
विशिष्ट अतिथि प्रबंध समिति के उप प्रबंधक श्री कमलेश राय, सहकारी इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य श्री शिव शंकर सिंह यादव ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता दिवस पर अपना विचार व्यक्त करते हुए, स्वतंत्रता दिवस के बारे में, जानकारी प्रदान करते हुए, उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। पूरा महाविद्यालय "भारत माता की जय" "वंदेमातरम" "जय हिन्द" के नारों से गूंज उठा ।
इस अवसर पर महाविद्यालय एवं इन्टर कॉलेज के समस्त अध्यापक गण, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन इंटर कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापक श्री ओम प्रकाश सिंह ने किया एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० अरविंद कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। सभा के अन्त में राष्ट्रगान के पश्चात मिष्ठान वितरण और जलपान के बाद सभा समाप्त की गई।