14/07/2022
# समय पर नहीं लिया प्रवेश, तो हो सकता है साल खराब #
आदरणीय अभिभावकों एवं प्रिय विद्यार्थियों इस पोस्ट को पूरा अवश्य पढ़ें।
सत्र 2021-22 में 12वीं पास करने वाले सभी विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि जालोर व बाड़मेर जिले के समस्त सरकारी व निजी महाविद्यालयों को राज्य सरकार ने 1 जुलाई, 2022 से जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर से हटाकर नव सृजित एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर के अधीन कर दिया है।
जैसा कि आप जानते हैं कि एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज देश का सबसे प्राचीन (स्थापना वर्ष 1951 ई.) एवं प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज रहा है जिसको सितंबर 2021 में राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया था।
आज 8 जुलाई, 2022 को एमबीएम विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रोफेसर डॉ अजय कुमार शर्मा की अध्यक्षता में जालोर व बाड़मेर के सभी निजी व सरकारी कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग (Buzz Session) कर संवाद किया जिसमें छात्र हित में निम्नलिखित निर्णय लिए गए।
1. सरकारी महाविद्यालयों की तर्ज पर प्रवेश की एक डेट लाइन तय की जाएगी उसके बाद निजी महाविद्यालयों में भी कोई प्रवेश नहीं होंगे। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में परीक्षा आवेदन की अंतिम तिथि तक निजी महाविद्यालयों में प्रवेश होते थे अब विद्यार्थी इस गलतफहमी में नहीं रहे। अन्यथा आपका साल खराब हो सकता है।
2. मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव करते हुए 100 में से 70 अंक की लिखित परीक्षा और 30 अंक के सत्रांक होंगे जिसमें विद्यार्थी की विभिन्न सह शैक्षिक गतिविधियों में भागीदारी एवं कालेज में आयोजित होने वाले टेस्ट के नंबरों के आधार पर मूल्यांकन होगा वहीं प्रैक्टिकल परीक्षा जितने अंकों की होगी उसमें 50% बाहर से आने वाले एक्सटर्नल व 50% कॉलेज के विषयाध्यापक (इंटरनल) द्वारा विद्यार्थी की परफॉर्मेंस के आधार पर दिए जाएंगे यानी अब आप अच्छे अंको से उत्तीर्ण होंगे।
3. महाविद्यालय में प्रवेश होते ही अंतिम तारीख के बाद विद्यार्थी का सबसे पहले विश्वविद्यालय में एनरोलमेंट होगा। जेएनवीयू में परीक्षा आवेदन पत्र के साथ एनरोलमेंट फॉर्म भरा जाता था अब वैसा नहीं होगा प्रवेश के तुरंत बाद अब एनरोलमेंट पहले होगा।
4. सबसे अहम बात विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियां अर्थात प्रवेश, एनरोलमेंट, परीक्षा आवेदन, परीक्षा आयोजित करने एवं परिणाम घोषित करने की एक निश्चित टाइम फ्रेम होगी। कोई लेटलतीफी नहीं होगी ऐसे में आप किसी भी गलतफहमी में नहीं रहे की डेट और बढ़ेगी। अब कोई किसी प्रकार की बार-बार डेट नहीं बढ़ेगी। एमबीएम विश्वविद्यालय द्वारा हर कार्य निश्चित समय सीमा में किया जाएगा।
5. डिग्री करने के बाद अब छात्रों को माइग्रेशन के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अर्थात बीए, बीएससी आदि अंतिम वर्ष का परिणाम आते ही अंक तालिका के साथ माइग्रेशन भी संबंधित महाविद्यालय में भिजवा दिए जाएंगे जहां से विद्यार्थी प्राप्त कर सकते हैं।
6. अगर किसी विद्यार्थी को इसी विश्वविद्यालय से पीजी अर्थात एमए, एमएससी, एमकॉम आदि की डिग्री करनी हो तो फिर से एनरोलमेंट होगा।
7. आप जानते हैं कि एमबीएम विश्वविद्यालय एक तकनीकी अभियांत्रिकी महाविद्यालय रहा है ऐसे में विश्वविद्यालय ने छात्र हित में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लिया कि बीए, बीएससी आदि डिग्री के साथ अब विद्यार्थी के कौशल विकास हेतु कई प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए जाएंगे जैसे मोटर रिवाइंडिंग, मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रीशियन, कटिंग एवं टेलरिंग आदि जो बीए बीएससी की डिग्री के साथ ही 6 महीने का कोर्स होगा। डिग्री के साथ ही आपको प्रमाण पत्र मिलेगा जिससे विद्यार्थी डिग्री करने के तुरंत बाद रोजगार प्राप्त कर सकता हैै।
8. सभी कार्य ऑनलाइन ही होंगे और निश्चित समय सीमा में होंगे इस बात पर विशेष बल दिया गया।
9. पाठ्यक्रम निर्धारण कमेटी बनाकर विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास एवं रोजगारपरक शिक्षा हेतु अच्छा पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। पाठ्यक्रम का विजन यह रहेगा कि विद्यार्थी का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं होगा बल्कि समाज एवं देश के लिए अच्छा नागरिक तैयार करना होगा।
10. नई शिक्षा नीति के अनुसार आगामी सत्रों में सेमेस्टर पद्धति लागू होगी।
11. परीक्षा पूर्णतः पारदर्शी यानी फ्री एंड फेयर होगी इसमें कोई किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रोफेसर अजय कुमार जी शर्मा, कुलसचिव आदरणीय पदमाराम जी, डीन आदरणीय सुनील जी शर्मा, परीक्षा नियंत्रक आदरणीय सुरेश जी सांखला, संबद्धता प्रकोष्ठ समन्वयक आदरणीय मिलिंद कुमार जी शर्मा, वित्त नियंत्रक आदरणीय दशरथ कुमार सोलंकी, आदरणीय अनिल जी शर्मा, आदरणीय अनिल जी व्यास एवं सरकारी व बड़ी संख्या में निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।