इस संस्था की स्थापना सन् 1943 में ए० वी० पी० स्कूल (एंग्लो वर्णाकुलम प्राइवेट स्कूल) के नाम से श्रीराम जी रईस के द्वारा हुई थी, जो कि उस समय इसके अध्यक्ष एवं संस्थापक रहे हैं | सन् 1943 से सन् 1947 तक यह संस्था का शैशव काल था | सन् 1948 में इसका नामकरण राष्ट्रीय शिक्षा सदन किया गया और इसी वर्ष इसे जूनियर हाईस्कूल स्तर की मान्यता मिली | 1952 तक जूनियर हाईस्कूल स्तर की शिक्षा तीतरों वाली धर्मशाला मे
ं प्रदान की जाती रही और 1952 में इसे हाईस्कूल तक की मान्यता प्राप्त हुई | 1952 में कला वर्ग तक की मान्यता के साथ इस संस्था को इस क्षेत्र का प्रथम हाई स्कूल होने का गौरव प्राप्त हुआ | सन् 1961 में हाई स्कूल कृषि वर्ग व 1962 में हाई स्कूल विज्ञान वर्ग तथा इण्टरमिडिएट कला वर्ग की मान्यता प्राप्त हुई और संस्था इण्टरमिडिएट कॉलेज में रूपान्तरित हुई और संस्था का नाम राष्ट्रीय शिक्षा सदन इण्टर कॉलेज रखा गया | सन् 1964 में इण्टर विज्ञान वर्ग तथा 1966 में इण्टर जीव विज्ञान की मान्यता प्राप्त हुई | वर्ष 2002 में इण्टरमिडिएट में वाणिज्य वर्ग व वर्ष 2004 में गृह विज्ञान की मान्यता प्राप्त हुई |
इस विद्यालय के संस्थापकगणों में श्री श्रीराम जी, सैय्यद हामिद हुसैन जी, श्री रघुवर दयाल जी, श्री मक्खन लाल जी, श्री रामेश्वर दयाल जी, श्री चन्द्र प्रकाश जी, श्री मामराज सिंह, श्री मोतीराम जी, श्री भानु प्रकाश जी व श्री सैय्यद साजिद हुसैन जी आदि अग्रगण्य हैं |
इस विद्यालय के प्रबन्धकों में श्री शीतल प्रसाद जैन जी, श्री श्यामलाल गोयल जी, श्री आशा राम मित्तल जी, श्री भानू प्रकाश मित्तल जी, श्री परमात्मा शरण जी, श्री महावीर प्रसाद जी, श्री ब्रजभूषण लाल जी व श्री सुरेन्द्र कुमार मित्तल जी जैसे महानुभाव रहे हैं तथा वर्तमान में श्री शैलेन्द्र कुमार मित्तल जी हैं, जिनके अथक परिश्रम तथा प्रयासों से यह विद्यालय निरन्तर प्रगति की ओर अग्रसर है |
इस विद्यालय के प्रधानाचार्यो में श्री रामकुमार अग्रवाल जी, श्री राजाराम गुप्ता जी, श्री राजेन्द्र कुमार जैन जी, श्री दीनदयाल गुप्ता जी, श्री गोपी चन्द वर्मा, श्री मांगेराम वर्मा जी, श्री भोपाल सिंह आर्य जी, श्री महेन्द्र कुमार शर्मा जी, श्री दिनेश कुमार जैन जी रहे हैं तथा वर्तमान में प्रधानाचार्य श्री प्रवीण कुमार जी के कुशल नेतृत्व में विद्यालय निरन्तर प्रगति की ओर अग्रसर है |
वर्ष 2001 की विद्यालय की प्रबन्ध समिति में श्री शैलेन्द्र कुमार मित्तल जी, प्रबन्धक चुने गए थे, जो अपने पितामह एवं पिता द्वारा स्थापित परम्परा के सशक्त उत्तराधिकारी सिद्ध हुये और अपने प्रबन्धक काल में इन्होंने विद्यालय का पूर्ण विकास किया तथा अपने कृतित्व एवं व्यक्तित्व की अमित छाप छोडी | वर्तमान विद्यालय की कार्यकारिणी ऐसेही सुयोग्य, विकासशील एवं समर्थ व्यक्तियों का समूह है, जिनकी सूझ-बूझ एवं उन्नत विचारो से विद्यालय उन्नति की ओर अग्रसर है | प्रबन्धक मोहदयके अथक परिश्रम और प्रयासों से राष्ट्रीय शिक्षा सदन कन्या जूनियर हाई स्कूल की स्थापना सत्र 2002-2003 में की गई | इससे इन्हें कन्या विद्यालय के संस्थापक प्रबन्धक होने गौरव प्राप्त हुआ |
वर्तमान समय विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रवीण कुमार एक मृदुभाषी, कर्मठ, अनुशासनप्रिय, प्रभावी वक्ता, कुशल प्रशासक व प्रकृतिप्रिय व्यक्ति है, जिनके संचालन में विद्यालय में अध्यापन कार्य सुचारू रूप से चल रहा है, जो कि विद्यालय में शिक्षण कार्य के साथ-साथ छात्र/छात्रों के सर्वागीण व चहुँमुखी विकास के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और विद्यालय में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी प्रतियोगिता का आयोजन करते रहते हैं |
वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा सदन एसोसिएशन द्वारा संचालित इस विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं सभी अध्यापकगण अनुभवी, कर्म एवं विषय के विशेषज्ञ हैं, जिनके दिशा-निर्देशन में छात्रों का चहुँमुखी विकास हो रहा हैं | विद्यालय के लिपिक वर्गीय कर्मचरियों का भी विद्यालय में विशेष योगदान है | अपने कार्यो के अतिरिक्त वह हर समय विद्यालय की उन्नति के लिए समर्पित रहे है | विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी स्टाफ का विकास कार्यो में पूर्ण योगदान है |
धन्यवाद !