Jai Narain Vyas University, Jodhpur

Jai Narain Vyas University, Jodhpur Jai Narain Vyas University (JNVU), established in 1962 andinaugurated by Dr. S. Radhakrishnan, is a leading public university in Western Rajasthan.

Situated in the Thar Desert, it advances higher education, regional research, and socio-economicdevelopment

लोक प्रशासन के नए तकनीकी शब्दों पर चर्चामानकीकृत व तकनीकी शब्दों का निर्माण राष्ट्र सेवा : प्रो शर्मा जयनारायण व्यास विश...
27/08/2026

लोक प्रशासन के नए तकनीकी शब्दों पर चर्चा

मानकीकृत व तकनीकी शब्दों का निर्माण राष्ट्र सेवा : प्रो शर्मा

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के अम्बेडकर अध्ययन केंद्र द्वारा लोक प्रशासन विषय के नए तकनीकी शब्दों के हिंदी मानकीकरण को लेकर आयोजित की गई चार दिवसीय राष्ट्रीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। यह महत्वपूर्ण बैठक केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग के सहयोग से आयोजित की गई थी।

आयोग के सहायक निदेशक एम के भारल ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासन, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के इस बदलते दौर में उभर रहे नए अंग्रेजी शब्दों को हिंदी में मानकीकृत करना था। प्रशासनिक भाषा को समय के साथ आधुनिक और प्रासंगिक बनाने के लिए विशेषज्ञों ने गहन मंथन कर नए शब्दों को अंतिम रूप दिया।

अंतिम दिन कुलगुरु प्रो पवन कुमार शर्मा ने कहा कि इस पहल से लोक प्रशासन के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अध्ययन-अध्यापन के लिए एक नई और सटीक दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार के इस प्रोजेक्ट में जेएनवीयू की निरन्तर और सक्रिय भागीदारी विश्वविद्यालय को नई ऊंचाई प्रदान कर रही है।

समाज विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो कांता कटारिया ने इस अवसर पर शब्दावली निर्माण को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान की संज्ञा दी । उनके अनुसार मानकीकृत शब्दों से विभागों में जटिलताएं भी कम होती है ।

केन्द्र के निदेशक डॉ दिनेश गहलोत ने बताया कि चार दिन चली इस बैठक में पूर्व बैठक में निर्धारित अंग्रेजी शब्दों को अंतिम रूप प्रदान किया गया । आयोग के सहायक निदेशक एम के भारल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत आयोग ने सभी 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं में वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दों को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए एक अनूठा वेब पोर्टल 'shabd.education.gov.in' लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोक प्रशासन, पत्रकारिता, चिकित्सा और इंजीनियरिंग सहित 60 से अधिक विषयों के करीब 22 लाख शब्द शामिल हैं।

चार दिवसीय विशेषज्ञ बैठक में प्रो मीना बरडीया, श्याम सुंदर कथूरिया, विकास शुक्ला,डॉ दिनेश गहलोत, डॉ भावना और डॉ सविता कश्यप ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया ।

Rehearsal in ProgressA sincere and deeply committed rehearsal is underway at the Theatre Cell, Jai Narain Vyas Universit...
26/08/2026

Rehearsal in Progress

A sincere and deeply committed rehearsal is underway at the Theatre Cell, Jai Narain Vyas University with our dedicated veteran artists.

We are working on a significant contemporary play, “आख़िरी श्रोता (Aakhiri Shrota)”, written by Hitendra Goyal.

A play about listening, silence, relationships and the human need to truly hear one another—especially in an age when everyone wants to speak, but very few are willing to listen.

The presence, experience and dedication of our veteran artists are adding immense depth and authenticity to this theatrical journey.

Theatre is not merely performed. It is lived.

के.एच. चैरिटेबल फाउंडेशन के सहयोग से जेएनवीयू के नवीन परिसर में 500 पौधों का रोपणकुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने दिया ‘...
21/08/2026

के.एच. चैरिटेबल फाउंडेशन के सहयोग से जेएनवीयू के नवीन परिसर में 500 पौधों का रोपण

कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने दिया ‘हरित परिसर–स्वच्छ परिसर’ का संदेश

जोधपुर। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के नवीन परिसर को हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्त्वपूर्ण पहल करते हुए व्यापक पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। के.एच. चैरिटेबल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस अभियान के अंतर्गत परिसर में लगभग 500 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने की।

कार्यक्रम में के.एच. चैरिटेबल फाउंडेशन की मुख्य ट्रस्टी श्रीमती अरुणा ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। भामाशाह श्री खेमचंद खत्री तथा लघु उद्योग भारती के श्री सुरेश बिश्नोई एवं श्री महावीर चोपड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्यों, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाताओं, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अभियान के अंतर्गत परिसर में 10 से 15 फीट ऊँचाई वाले चीकू, इमली, अमरूद, जामुन और खारी बादाम सहित विभिन्न फलदार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही राजस्थान की स्थानीय एवं पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी प्रजातियों—खेजड़ी, रोहिड़ा, शीशम तथा गुलमोहर—को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। यह पहल विश्वविद्यालय के नवीन परिसर को भविष्य में एक सघन एवं जैव-विविधतापूर्ण ‘ग्रीन कैंपस’ के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा, “विश्वविद्यालय का नवीन परिसर केवल शिक्षा एवं अनुसंधान का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का भी आदर्श केंद्र बने—यही हमारा प्रयास है। आज लगाए गए पौधे भविष्य में विद्यार्थियों तथा समाज के लिए एक समृद्ध हरित विरासत का निर्माण करेंगे। हमारा उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनका समुचित संरक्षण करते हुए उन्हें पूर्ण विकसित वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना है।”

के.एच. चैरिटेबल फाउंडेशन की मुख्य ट्रस्टी श्रीमती अरुणा ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के हरित विकास में योगदान देना फाउंडेशन के लिए प्रसन्नता एवं गौरव का विषय है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक उत्तरदायित्व बताते हुए प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

भामाशाह श्री खेमचंद खत्री ने कहा कि पौधारोपण भावी पीढ़ियों के लिए किया जाने वाला सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण निवेश है। विश्वविद्यालय परिसर में इतने व्यापक स्तर पर आयोजित यह अभियान विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है।

श्री सुरेश बिश्नोई ने कहा कि राजस्थान की पारिस्थितिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी खेजड़ी और रोहिड़ा जैसी स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय द्वारा स्थानीय वनस्पतियों को प्राथमिकता दिया जाना सराहनीय है तथा ऐसे प्रयासों को समाज का व्यापक सहयोग मिलना चाहिए।

श्री महावीर चोपड़ा ने कहा कि पौधा लगाना पर्यावरण संरक्षण की प्रक्रिया का प्रारंभ है, जबकि उसका नियमित पोषण एवं संरक्षण वास्तविक पर्यावरण सेवा है। विश्वविद्यालय द्वारा पौधों की सुरक्षा और देखभाल के लिए की गई व्यवस्थाएँ इस अभियान को प्रभावी एवं स्थायी बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसा हरित परिसर विकसित करना है, जहाँ पर्यावरण संरक्षण शिक्षा एवं संस्कार का अभिन्न अंग बने। के.एच. चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा पौधों के साथ ट्री-गार्ड, जालीदार तारबंदी तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे रोपित पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्त्वपूर्ण सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिवार द्वारा पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी तथा भविष्य में भी चरणबद्ध रूप से व्यापक पौधारोपण अभियान संचालित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. संगीता लुकड़; सामाजिक विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता एवं सिंडिकेट सदस्य प्रो. कांता कटारिया; सिंडिकेट सदस्य प्रो. विकल गुप्ता; सायंकालीन अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. कृष्ण अवतार गोयल; पूर्व अधिष्ठाता प्रो. मंगलाराम बिश्नोई; अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. राम सिंह; प्रो. एस.के. हरित; निजी महाविद्यालय संगठन के अध्यक्ष श्री शैतान सिंह चौधरी; श्री प्रदीप राठी; डॉ. अर्जुन सिंह सांखला; डॉ. महिपाल सिंह; पर्यावरणप्रेमी श्री खंभूराम बिश्नोई एवं श्री प्रदीप बिश्नोई; विश्वविद्यालय के संपदा अधिकारी डॉ. के.आर. मेघवाल; डॉ. देवकरण तथा डॉ. नायक के. मेघवाल सहित शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. हितेन्द्र गोयल ने किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने रोपित पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया तथा “हरित परिसर–स्वच्छ परिसर” के लक्ष्य को साकार करने के लिए सामूहिक सहभागिता का आह्वान किया।

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और भारतीय गुणवत्ता परिषद के संयुक्त तत्वावधान में "गुणव...
21/08/2026

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और भारतीय गुणवत्ता परिषद के संयुक्त तत्वावधान में "गुणवत्ता यात्रा" कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य टेस्टिंग एवं कैलिब्रेशन प्रयोगशालाओं की तकनीकी क्षमता, दक्षता एवं विश्वसनीयता के मूल्यांकन प्रक्रिया पर चर्चा करना और गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यशाला के समन्वयक प्रोफेसर प्रवीण गहलोत ने बताया कि इस कार्यशाला में जोधपुर की संभागीय स्तर की 34 से अधिक शैक्षणिक, शोध संस्थान एवं औद्योगिक इकाइयों से लगभग 110 शिक्षक, वैज्ञानिक, तकनीकी अधिकारी, प्रयोगशाला कर्मियों और उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं मुख्य अतिथि प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा ने किया। कुलगुरु ने प्रयोगशालाओं की दक्षता एवं गुणवत्ता मूल्यांकन पर प्रकाश डालते हुए विश्वसनीय टेस्टिंग एवं कैलिब्रेशन के मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को समय की आवश्यकता बताया। विशिष्ट अतिथि एवं विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रोफेसर संगीता लूंकड ने विश्वविद्यालय , शोध संस्थानों , औद्योगिक प्रयोगशालाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एनएबीएल मान्यता लेने के लिए चरणबद्ध कार्य करने का आह्वान किया । प्रथम तकनीकी सत्र में राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ नीरज कांत पांडे ने विभिन्न प्रयोगशालाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया, उपकरणों की गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही, नियोजन एवं गुणवत्ता संस्कृति के अनुरूप प्रमाणिकरण प्रक्रिया पर व्याख्यान दिया।
द्वितीय तकनीकी सत्र में भारतीय गुणवत्ता परिषद की विषय विशेषज्ञा सुश्री चार्मी वारसानी ने प्रयोगशाला उत्पादों की गुणवत्ता मूल्यांकन तथा प्रमाणन तंत्र पर चर्चा की। कार्यशाला की सह समन्वयक डॉ. श्वेता झा ने विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों एवं चिकित्सा प्रयोगशालाओं के लिए गुणवत्ता यात्रा कार्यक्रम के अंतर्गत आवश्यक मानकों और गुणवत्ता प्रणाली पर विस्तृत संवाद किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक एवं कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर सुनील आसोपा ने भारतीय गुणवत्ता परिषद के विशेषज्ञों, अतिथियों एवं विभिन्न संस्थानों से आए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला के अंतिम सत्र मे विषय विशेषज्ञ को विश्वविद्यालय स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के अंत मे सभी को गुणवत्ता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सीमा सेन ने किया। इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षक, शोधार्थी, वैज्ञानिक, तकनीकी अधिकारी, प्रयोगशाला कार्मिकों एवं विभिन्न उद्योगो से जुड़े हुए उद्योगपतियों को प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रत्यायन प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई , जिससे भविष्य में गुणवत्ता उन्नयन के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।

कुलगुरु प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा एवं विश्वविद्यालय के डीन व डायरेक्टर्स के कर-कमलों द्वारा विश्वविद्यालय के ऑफिशियल What...
21/08/2026

कुलगुरु प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा एवं विश्वविद्यालय के डीन व डायरेक्टर्स के कर-कमलों द्वारा विश्वविद्यालय के ऑफिशियल WhatsApp चैनल का भव्य शुभारंभ किया गया है! 🎉

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18/08/2026
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18/08/2026

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आजादी के 80वें गौरवशाली वर्ष के कुछ यादगार पल! 🇮🇳✨​प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा कुलगुरू की गरिमामयी उपस्थिति में स्वतंत्रता ...
16/08/2026

आजादी के 80वें गौरवशाली वर्ष के कुछ यादगार पल! 🇮🇳✨

​प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा कुलगुरू की गरिमामयी उपस्थिति में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया

*QCI NABL* *Gunvatta Yatra, Jodhpur* You are cordially invited to the QCI NABL Gunvatta Yatra Programme, organized by th...
13/08/2026

*QCI NABL* *Gunvatta Yatra, Jodhpur*

You are cordially invited to the QCI NABL Gunvatta Yatra Programme, organized by the Quality Council of India (QCI) in collaboration with the Internal Quality Assurance Cell (IQAC), Jai Narain Vyas University(JNVU), Jodhpur.

📅 *Date* : 20/08/2026
⏰ *Time* : 11:00 AM – 01:00 PM
📍 *Venue* : Auditorium, Jai Narain Vyas University- Jodhpur

💰 Registration Charges: FREE
*(Online registration is Mandatory)*

*Who Can Apply?*
The Yatra is open to only non-accredited laboratory institutions and professionals, including:

- CEO/Director of laboratories
- Faculty members/Scientists/technical officers
- Manufacturers/Professionals from industries
- Government/Regulators/HOD of academic labs
* Maximum 2 participants from one organization.

🔗 *Registration Link:* https://lnkd.in/gmZT-ywF

🌟 *Programme Highlights*
🔹 Introduction to NABL
🔹 Overview Demonstration
🔹 Benefits of NABL Accreditation
🔹 NABL Full Accreditation Overview
🔹 Contact & Support Information
🔹 Interactive Q&A Session

Clarify your doubts directly with QCI and NABL experts.










07/08/2026

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B.Com IInd Sem 2026
B.Com IVth Sem 2026
B.Com VIth Sem 2026

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Central Office, Near Arora Circle, Residency Road
Jodhpur
342011

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