हिन्दी विभाग, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर

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हिन्दी विभाग, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from हिन्दी विभाग, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर, College & University, Jai Narain Vyas University, New Campus, Jodhpur.

हिन्दी विभाग, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर का एक अकादमिक विभाग है, जिसकी हिन्दी शोध एवं रचनाधर्मिता की एक समृद्ध परम्परा रही है। इस विभाग को प्रोफेसर नामवर सिंह तथा ‘अज्ञेय‘ जैसे साहित्यकारों ने अपनी सेवाओं से सुशोभित किया है।

दिनांक 11 फरवरी, 2025 को हिन्दी विभाग, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा आयोजित दुरसा आढ़ा जयंती समारोह में आप...
09/02/2025

दिनांक 11 फरवरी, 2025 को हिन्दी विभाग, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा आयोजित दुरसा आढ़ा जयंती समारोह में आप सभी सादर आमंत्रित है।

डॉ कृष्ण कुमार शर्मा लोकगाथाओं, विशेष रूप से राजस्थानी लोकगाथाओं के लब्धप्रतिष्ठ अध्येता के रूप में स्थापित साहित्य मनीष...
05/01/2025

डॉ कृष्ण कुमार शर्मा लोकगाथाओं, विशेष रूप से राजस्थानी लोकगाथाओं के लब्धप्रतिष्ठ अध्येता के रूप में स्थापित साहित्य मनीषी हैं
साहित्य संवाद के प्रथम अंक में राजस्थान की सुविख्यात वीरकथात्मक लोकगाथा "बगडावत" पर डॉ कृष्ण कुमार शर्मा के शोध आलेख को संकलित किया गया है
बगडावत लोकगाथा की विषयवस्तु का ऐतिहासिक आधार हैं और लोकगाथा की कथा काल्पनिक हो या ऐतिहासिक इसका कोई फर्क नही पड़ता हैं
डॉ कृष्ण कुमार शर्मा ने लोकगाथा गायक लक्ष्मीनारायण भोपा से सुनकर जिस प्रकार से इस कथा को साहित्यिक विमर्श के हेतु से प्रस्तुत किया है वह पाठको के मन में और अधिक जानने के लिए जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं

प्रो. यशवंत सिंह लोक साहित्य मर्मज्ञ के रूप में जाने जाते हैं और लोक साहित्य में पारिभाषिक शब्दावली पर उनका कार्य साहित्...
05/01/2025

प्रो. यशवंत सिंह लोक साहित्य मर्मज्ञ के रूप में जाने जाते हैं और लोक साहित्य में पारिभाषिक शब्दावली पर उनका कार्य साहित्यान्वेषियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश स्तम्भ के रूप में उपलब्ध हैं
साहित्य संवाद के प्रथम अंक में प्रो. यशवंत सिंह के ज्ञानवर्धक आलेख को संकलित किया गया है, जिसका सम्बन्ध लोक साहित्य में पारिभाषिक शब्दावली से हैं
लोक साहित्य में पारिभाषिक शब्दावली : अनुप्रयोग एवं चुनौतियां विषयक आलेख में लोक गीत, लोक कहानी, लोक गाथा, लोक नाट्य तथा लोकोक्ति साहित्य में प्रयुक्त विभिन्न पारिभाषिक शब्दावली पर उपयोगी सामग्री प्रस्तुत की गयी हैं

पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह हिंदी के प्रकांड पंडितों और अध्येत्ताओं में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखते है |साहित्य संवाद के प...
08/12/2024

पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह हिंदी के प्रकांड पंडितों और अध्येत्ताओं में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखते है |
साहित्य संवाद के प्रथम अंक में पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह के अत्यधिक शोधपरक आलेख को संकलित किया गया है, जिसका सम्बन्ध व्रत कथा परम्पराओं और उनके लोक महत्त्व से है |
लोक में कथा की व्याप्ति : परिवार और व्रत त्योहार विषयक आलेख में लोक जीवन की समरसता, संस्कारों का संवहन और परस्पर सम्बद्धता को विभिन्न आयामों में रेखांकित किया गया है |

राजस्थानी लोक कथा साहित्य में प्रो सोहन दान चारण एक प्रमुख हस्ताक्षर है |साहित्य संवाद के प्रथम अंक में प्रो सोहन दान चा...
08/12/2024

राजस्थानी लोक कथा साहित्य में प्रो सोहन दान चारण एक प्रमुख हस्ताक्षर है |
साहित्य संवाद के प्रथम अंक में प्रो सोहन दान चारण का राजस्थानी लोक कथाओं के प्रस्तुतीकरण कला की विशेषताओं को आलोकित करने वाले आलेख को संकलित किया गया है जो हिंदी लोक साहित्य के शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी विषयवस्तु है |
राजस्थानी ग्राम्य संस्कृति के संवाहक के रूप में बात मांडने वाले और हुंकारा देने वाले को महत्ता देते हुए "फौज में नगारौ और बात में हुन्कारौ" के रूप में रेखांकित किया गया है |

प्रो सूर्यप्रसाद दीक्षित का लोक जीवन में लोक धर्म के विशिष्ट महत्त्व को रेखांकित करता आलेख साहित्य संवाद के प्रथम अंक मे...
08/12/2024

प्रो सूर्यप्रसाद दीक्षित का लोक जीवन में लोक धर्म के विशिष्ट महत्त्व को रेखांकित करता आलेख साहित्य संवाद के प्रथम अंक में सबसे पहले आलेख के रूप में संकलित किया गया है |
लोक धर्म : लोक वाड्मय में यथाबिंबित विषयक आलेख में दीक्षित जी ने लोक धर्म की विवेचना करते हुए लोकमत के विभिन्न तत्पर्यो को रेखांकित करने का प्रयास किया है |

हिन्दी विभाग, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय का चित्रमय इतिहास और कुछ गौरवमयी पलों की झलकियाँ, जिनमे तत्कालीन विभागाध्यक्ष...
29/11/2024

हिन्दी विभाग, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय का चित्रमय इतिहास और कुछ गौरवमयी पलों की झलकियाँ, जिनमे तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रो. कुंवर चंद्रप्रकाश सिंह के निमंत्रण पर पधारे राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर, विभाग के एक अन्य कार्यक्रम में पधारे प्रख्यात आलोचक प्रो. नामवर सिंह, विभागीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ख्यातिमान कुलपति प्रो. वी. वी. जॉन इत्यादि के छायाचित्र अनायास ही अतीत के झरोखों से झांकने का आमंत्रण दे देते है, और यह चित्रयात्रा वर्तमान विभागाध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम पर आकर विश्राम लेती है....................

हिन्दी विभाग की प्रथम साहित्यिक पत्रिका “साहित्य संवाद” के प्रथम अंक को लोक साहित्य विशेषांक के रूप में सृजित किया गया ह...
29/11/2024

हिन्दी विभाग की प्रथम साहित्यिक पत्रिका “साहित्य संवाद” के प्रथम अंक को लोक साहित्य विशेषांक के रूप में सृजित किया गया है|

इसके आवरण पृष्ठ को लोक देवता पाबूजी की फड़ के नयनाभिराम चित्र से सुसज्जित किया गया है, जिसको परंपरागत फड़ चित्रकार तथा राष्ट्रीय दक्षता प्रमाण-पत्र प्राप्त, शाहपुरा भीलवाड़ा के चितेरेद्वय श्री विजय जोशी और विवेक जोशी ने अपनी कुची से उकेरा है| यह आवरण पृष्ठ इस पत्रिका की सामग्री के मूल भावों को सहज ही अभिव्यक्त कर देता है|

इस “साहित्य संवाद” पत्रिका में विभिन्न ख्यातिमान साहित्य्वेत्ताओं के लोकसाहित्य विषयक २० आलेख संकलित किये गए है जो लोकसाहित्य में रूचि रखने वाले सुधि पाठकों के मन मस्तिष्क को अवश्य ही तरंगित करेंगे|

इस लोकसाहित्य विशेषांक का फायदा स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को भी समवेत रूप से होगा जिनके पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग इस साहित्यिक पत्रिका “साहित्य संवाद” के प्रथम अंक के अध्ययन से पूर्ण हो सकेगा|

इस साहित्यिक पत्रिका “साहित्य संवाद” के लोकसाहित्य विशेषांक की आत्मा इसके सम्पादकीय में बसती है जिसे संपादक और विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ महीपाल सिंह ने सरल और सहज रूप से साधारण शब्दों में असाधारण बातों को अभिव्यक्त कर जीवन्तता प्रदान कर दी है|

संपादक महोदय ने जिस प्रकार से स्वयं को महादेवी के घीसा से तुलना करते हुए अपने विद्यार्थी जीवनकाल में इस विभाग के मनीषियों से अर्जित ज्ञान की गुरुदक्षिणा स्वरुप इस पत्रिका को हिंदी विभाग के सभी शिक्षकों को समर्पित किया है वह गुरु शिष्य परंपरा का साकार स्वरुप है|

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में दिनांक २८.११.२०२४ को हरिवंश राय बच्चन जयंती समारोह का आयोजन किया गया|का...
29/11/2024

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में दिनांक २८.११.२०२४ को हरिवंश राय बच्चन जयंती समारोह का आयोजन किया गया|

कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ महीपाल सिंह राठौड़ ने की और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ किशोरी लाल रैगर ने बच्चन के जीवन मूल्यों और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला|

कार्यक्रम के संयोजक डॉ प्रेम सिंह राजपुरोहित ने मधुशाला का पाठ कर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया| इस कार्यक्रम में शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभायी|

इस अवसर पर विद्यार्थी मोती सिंह कनोडिया ने स्वयं रचित पंक्तियाँ प्रस्तुत की जबकि विश्वजीत सिंह, कृतिका, पूनम, सुरभि, रंजना, पवन, तरुण, उषा, हंसा और अन्य विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये|

कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर महीपाल सिंह राठौड़, प्रोफेसर किशोरीलाल रैगर, विभाग के सह-आचार्य गण डॉ श्रवण कुमार, डॉ कुलदीप सिंह मीणा, विभाग के सहायक आचार्य गण डॉ कीर्ति माहेश्वरी, डॉ प्रेम सिंह राजपुरोहित, डॉ महेंद्र सिंह राजपुरोहित, डॉ प्रवीण चन्द, डॉ भरत कुमार, डॉ अरविन्द कुमार जोशी सहित सभी शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे|

हिन्दी विभाग की साहित्यिक पत्रिका “साहित्य संवाद” का विमोचन हिंदी विभाग, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर की साहित्य...
29/11/2024

हिन्दी विभाग की साहित्यिक पत्रिका “साहित्य संवाद” का विमोचन

हिंदी विभाग, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर की साहित्यिक यात्रा में दिनांक १० नवम्बर २०२४ को एक ऐतिहासिक, स्वर्णिम और अविस्मरणीय अवसर के रूप में स्मरण रखा जायेगा, जब हिंदी विभाग, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के द्वारा अपनी साहित्यिक पत्रिका साहित्य संवाद का विमोचन किया|

अपने स्थापना वर्ष १९६२ से प्रतीक्षित हिन्दी विभाग की स्वयं की साहित्यिक पत्रिका “साहित्य संवाद” का विमोचन लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविदों, आदरणीय कुलपति महोदय और वैश्विक अध्ययन संस्थान के अंतर्राष्ट्रीय शिक्षकों और हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष व विद्वान प्राचार्यगण के द्वारा विभाग के विद्यार्थियों और शोधार्थियों की उपस्थिति में किया गया|

“साहित्य संवाद” के विमोचन कार्यक्रम में कुलपति प्रो. डॉ कन्हैयालाल श्रीवास्तव, मुख्य अतिथि, लब्धप्रतिष्ठ वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद डॉ सत्यनारायण मुख्य वक्ता, और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर के स्कूल ऑफ़ लिबरल आर्ट्स की सहायक आचार्य डॉ आयला योनकेरे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थी|

कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर महीपाल सिंह राठौड़ तथा कार्यक्रम संयोजन प्रोफेसर किशोरीलाल रैगर द्वारा किया गया|

इस अवसर पर हिंदी विभाग के अध्यक्ष और इस साहित्यिक पत्रिका “साहित्य संवाद” के संपादक प्रोफेसर महीपाल सिंह राठौड़, संयोजक प्रोफेसर किशोरीलाल रैगर, विभाग के सह-आचार्य गण डॉ श्रवण कुमार, डॉ कुलदीप सिंह मीणा, विभाग के सहायक आचार्य गण डॉ कीर्ति माहेश्वरी, डॉ प्रेम सिंह राजपुरोहित, डॉ महेंद्र सिंह राजपुरोहित, डॉ प्रवीण चन्द, डॉ भरत कुमार, डॉ अरविन्द कुमार जोशी सहित सभी शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे|

साहित्यिक पत्रिका “साहित्य संवाद” के विमोचन उपरान्त हिन्दी विभाग के शोधार्थी श्री माधव सिंह राठौड़ तथा सूरजमल कुम्हार व चंद्रभान विश्नोई ने शोध-पत्र का वाचन किया|

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