25/02/2024
िक्षक ही अपराधी हो जाए तो फिर कांकेर को कौन बचाये...
14 साल का वह अबोध बालक युगभट्ट जिसे #आत्मानन्द_उत्कृष्ट_अंग्रेजी_माध्यम स्कूल की #भ्रष्टाचारी_शिक्षिका और उनके सहयोगी तंत्र ने ही उत्कृष्टता के नाम पर अपराधी होने का सर्टिफिकेट दे परीक्षा और स्कूल से वंचित कर दिया हो ,जिसे आज 4 बरस हो गए हैं, जिसे किसी शिक्षण संस्था ने प्रवेश नही दिया हो, जिसे न्याय के नाम पर न्यायालय ने तारीख पर तारीख दिया हो उस बालक की मनोदशा क्या होगी ।
जब अखबारों से विधानसभा के पटल तक छन छन के आम जन की कमाई पर लूट के प्रमाण बाहर आ रहे , उनके शिक्षक जिन्हें जेल में होना चाहिए वो आज भी बेशर्म बहादुर बनके पदों का संचालन कर रहे हैं।
यह उन्ही छात्रों में से एक है जिसे शिक्षकों ने नैतिकता ,सत्य, कर्मठता आदि की बड़ी बड़ी बातें अनुसरण करने की शिक्षा कही होंगी, समाज मे हर किसी वरिष्ठ ने उसे भ्रष्टाचार नही करने, झूठा बर्ताव नही करने की बात कही होगी। आज बालक 17 बरस का हो गया है यह वह उम्र होती है जब युवा अपनी कल्पनाओं से अपने पड़ोसियों, अपने शहर गांव के लोगों और शिक्षकों के सानिध्य में संस्कार ग्रहण करते हुए समाज के लिए अपने आप को गढ़ता है।
वह छात्र जिसे यही डकैती करने वाले गिरोह ने स्कूल के बाहर नासमझी में अपने हमउम्र बालक के साथ सामान्य झगड़े पर अपराधी होने का सर्टिफिकेट देकर स्कूलों से निकाल दिया हो और आत्मानंद अँग्रेजी स्कूल का हर वो छात्र, जरा उन छात्रों की मनोदशा के बारे में सोचिए ,उन छात्रों के मन, बुद्धि पर क्या छाप पड़ती होगी, उनके जहन में कितने प्रश्न हिलोरें खा रही होंगी, जिन्हें जेल में होना चाहिए वो आदर्शों की उन्हें शिक्षा दे रही हैं, क्या कांकेर में सामूहिक लूट , भ्रष्टाचार, नाबालिक बालक को स्कूल विहीन कर देना,अनैतिकता झूठ पाखंड ही कांकेर का असली चेहरा है, क्या यही जीवन का यथार्थ हैं?
आपके घर के युवा बच्चों के मन मे यही सब प्रश्न हिलोरें खा रही होंगी । क्या आपके पास अपने बच्चों के इन प्रश्नों के उत्तर हैं? क्या आप अपने बच्चे को भ्रष्टाचार, अनैतिकता, झूठ, पाखंड की शिक्षा दिलवाना चाहते हो? आपका बच्चा जब यही सब सीखकर बड़ा होगा तब जो भयावह समाज का निर्माण होगा क्या आप अपने आने वाली पीढ़ी को ऐसा समाज देना चाहते हैं?
यदि आपका जवाब नही है तो, ऐसे भ्रष्टाचारियों के खिलाफ़ कड़ी कार्यवाही करवाने आंदोलित होइए, चाहे फेसबुक हो, कोई चाय स्टाल पर हो, दोस्त हो परिवार हो चर्चा कीजिये, जहाँ जैसा बन पड़े अपनी आवाज आखिरी छणों तक बुलंद कीजिये, हम निश्चित ही सभ्य समाज का निर्माण करेंगे...🙏🏽🙏🏽🙏🏽🙏🏽