06/08/2020
न्यायिक अवमानना से तात्पर्य:
न्यायिक अवमानना अधिनियम, 1971 (Contempt of Court Act, 1971) के अनुसार, न्यायालय की अवमानना का अर्थ किसी न्यायालय की गरिमा तथा उसके अधिकारों के प्रति अनादर प्रदर्शित करना है।
न्यायिक आदेशों की अवहेलना करना, उनका पालन न सुनिश्चित करना इत्यादि न्यायिक अवमानना के दायरे में आता है।
न्यायिक अवमानना के प्रकार
न्यायिक अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2 (A) के तहत अवमानना को ‘सिविल’ और ‘आपराधिक’ अवमानना में बाँटा गया है।
सिविल अवमानना: न्यायिक अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2 ( B ) के अंतर्गत न्यायालय के किसी निर्णय, डिक्री, आदेश, रिट, अथवा अन्य किसी प्रक्रिया की जान बूझकर की गई अवज्ञा या उल्लंघन करना न्यायालय की सिविल अवमानना कहलाता है।
आपराधिक अवमानना: न्यायिक अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2 ( C ) के अंतर्गत न्यायालय की आपराधिक अवमानना का अर्थ न्यायालय से जुड़ी किसी ऐसी बात के प्रकाशन से है, जो लिखित, मौखिक, चिह्नित , चित्रित या किसी अन्य तरीके से न्यायालय की अवमानना करती हो।