24/07/2022
राजस्थान सरकार से पुलिस प्रशासन से निवेदन है इस तरह से किसी किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति को फंसाना यह बड़ी शर्म की बात है विवेक के पास एग्रीमेंट होते हुऐ और बाद में तीन लाख रुपए जो एग्रीमेंट के बाद दिऐ उनके गवाह और सबुत होते हुऐ भी विवेक के उपर पुलिस ने चोरी का प्रकरण दर्ज कर दिया इससे बड़ी मिलीभगत कुछ नहीं हो सकती पुलिस ने मिलीभगत और राजनीतिक दबाव में आकर इस कार्यशैली को अजांम दिया पुलिस ने कोई गाड़ी बरामद नहीं की विवेक को 20/7/2022 को शाम को पकड़ा और कल यानी 23/7/2022 को विवेक की गिरफ्तारी बताई और गाड़ी की बरामदगी बतायी पहले पुलिस ने विवेक के परिवार को बोला आप गाड़ी ले आओ और एग्रीमेंट के अंदर जो पैसे लिखें हुऐ वो रुपए हम श्रि कृष्ण सुथार से दिलवा देंगे बाकी आपने जो बाद में दिया उसका हमारे पास सबुत नहीं है और श्रि कृष्ण से राजिनामा लिखवा लेंगे फ़िर विवेक के परिवार वालों ने गाड़ी 22/7/2022 की रात को 9 बजे गाड़ी नागौर सदर थाने सौंपी तो पुलिस वालों ने बोला आप कल सुबह आ जाना आपके पैसे दिलवा देंगे और राजिनाम लिखवा देंगे दुसरे दिन सुबह देखा तो पुलिस ने मिलीभगत से इस पर मुकदमा दर्ज करके विवेक और गाड़ी की बरामदगी दर्ज करके प्रेस नोट जारी कर और विवेक के परिवार वालों से कोई बातचीत भी नहीं की और विवेक से मिलने भी नहीं दिया पुलिस को पता होते हुऐ की विवेक ने गाड़ी खरीदी है इसके बावजूद इस मामले को अजांम दिया है यह बड़ी निंदनीय और शर्म वाली घटना है इस तरह पुलिस द्वारा सबकुछ जानते हुऐ किसी को जुठा चोर साबीत करना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े करते हैं आप किसी राजनीतिक दबाव और मिलीभगत से आप किसी के साथ ऐसे अन्याय नहीं कर सकते पुलिस की गरीमा मरी हुई जो इस तरह सबकुछ जानते हुऐ अन्याय हो रहा है श्री कृष्ण के भाई महेंद्र सुथार के सिएम के बेटे वैभव गहलोत के साथ अच्छे संबंध होने के कारण ओर पुलिस मिलीभगत होने के कारण कार्यशैली को अजांम दिया गया और हम राजस्थान सरकार और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल जी से न्याय की उम्मीद करते हैं ऐसे किसी के साथ अन्याय होना गलत है किसी को जुठा जेल भेजना और चोर साबीत करना बिल्कुल गलत है हमें उम्मीद है कि राजस्थान सरकार और नागौर सांसद हनुमान जी बेनीवाल इस मामले को गंभीरता से लेकर न्याय दिलवायेंगें 🙏🙏🙏