11/05/2026
विकसित भारत-2047 के निर्माण हेतु शोध आधारित नवाचार जरूरी : प्रो. सोमनाथ सचदेवा
केयू यूआईईटी में राष्ट्रीय तकनीकी दिवस पर “आह्वान-2026” का आयोजन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी विभाग, हरियाणा सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय तकनीकी दिवस के अवसर पर “आह्वान-2026” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने तकनीकी प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न तकनीकी मॉडल, नवाचार एवं शोध आधारित परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विकसित भारत-2047 के निर्माण में तकनीक की महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि जिस देश की तकनीक जितनी अधिक विकसित होती है, वह देश उतनी ही तेजी से प्रगति करता है। भारत आज तकनीकी विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और युवाओं को इस दिशा में संकल्पित होकर शोध, नवाचार तथा उद्यमिता के क्षेत्र में रचनात्मक कार्य करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है, इसलिए कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नए स्टार्टअप्स और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत बनें और युवा नौकरी लेने के बजाय रोजगार देने वाले बनें। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विद्यार्थियों से सेमीकंडक्टर चिप्स, ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों तथा तकनीकी शोध के क्षेत्र में गंभीरता से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, इसलिए भारतीय युवाओं को तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने अपनी स्वदेशी वैक्सीन और संसाधनों के माध्यम से विश्व को सहायता प्रदान कर अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया था। उन्होंने युवाओं से देश निर्माण में तकनीक के माध्यम से सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि “आह्वान-2026” विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच है। इससे विद्यार्थियों में शोध एवं तकनीकी विकास के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे अपनी प्रतिभा का उपयोग राष्ट्रहित में कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न तकनीकी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. प्रियंका जांगड़ा ने “आह्वान-2026” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. दीप्ति चौधरी, डॉ. रीटा दहिया, डॉ. राजेश अग्निहोत्री, डॉ. अजय जांगड़ा, डॉ. सुनील ढींगरा, डॉ. विशाल अहलावत, डॉ. सुनील नैन, डॉ. अनुराधा, डॉ. पूनम डब्बास, डॉ. सविता, डॉ. सुनीता, डॉ. दिव्या खटक, डॉ. विजय गर्ग, अभिषेक, शिवानी, रविंद्र चौधरी, हरिकेश पपोसा सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
यूआईईटी में सिविल इंजीनियरिंग की शुरुआत से राष्ट्र निर्माण को मिलेगी नई मजबूतीः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में राष्ट्रीय तकनीकी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि यूआईईटी में सिविल इंजीनियरिंग विभाग की शुरुआत विद्यार्थियों के लिए नए अवसर लेकर आएगी तथा इससे देश के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सिविल इंजीनियरिंग की अहम भूमिका है। सड़क, पुल, भवन, जल प्रबंधन, स्मार्ट सिटी और आधुनिक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में प्रशिक्षित इंजीनियर राष्ट्र निर्माण की रीढ़ होते हैं। यूआईईटी में सिविल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू होने से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा एवं शोध के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
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