Central Sanskrit University, Lucknow Campus

Central Sanskrit University, Lucknow Campus CSU, Lucknow Campus is located at Vishal Khand, Gomati Nagar, Lucknow. It was established in 1986.

“ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥”
04/09/2026

“ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥”

Central Sanskrit University, Lucknow Campus केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में एक दिवसीय सेमिनार एवं वाद-वि...
24/08/2026

Central Sanskrit University, Lucknow Campus केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में एक दिवसीय सेमिनार एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात् राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का आयोजन राज्य कार्यालय, खादी और ग्रामोद्योग आयोग, लखनऊ, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में खादी, स्वदेशी उत्पादों, ग्रामोद्योग तथा आत्मनिर्भर भारत के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम का संचालन श्री आर.पी. विश्वकर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर इन्क्यूबेटर, जूट क्लस्टर की श्रीमती अंजली सिंह, NSCST HUP लखनऊ के श्री रवि ओरान, KVIC लखनऊ की श्रीमती श्रुति अग्रवाल, वरिष्ठ कार्यकारी, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, श्री काली चरण प्रसाद, कार्यकारी, खादी और ग्रामोद्योग आयोग तथा केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर के निदेशक प्रो.सर्वनारायण झा, वरिष्ठ आचार्य प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी, खादी और ग्रामोद्योग आयोग की सह निदेशक श्रीमती दिव्या श्रीवास्तव तथा आयोग के कार्यकारी श्री आर.पी. विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गांधी जी के विचारों, स्वावलंबन, खादी, ग्रामोद्योग तथा सामाजिक सरोकारों से परिचित कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि आत्मनिर्भरता और स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग की गांधीवादी अवधारणा आज भी प्रासंगिक है। विद्यार्थियों को स्वरोजगार एवं कौशल विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत एवं लोक सेवा अध्ययन के छात्र रास बिहारी एवं प्रणव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मेघना शुक्ला एवं अंजली कुमारी द्वितीय तथा जाह्नवी एवं नेहा तृतीय स्थान पर रहीं। इसी क्रम में निबन्ध प्रतियोगिता में प्रतीक्षा मिश्रा एवं रूपाली सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। संतोष झा एवं समृद्धि देश पाण्डेय को द्वितीय तथा आशी दूबे को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
परिसर निदेशक प्रो.सर्वनारायण झा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की विचारधारा का प्रतीक है। युवाओं को शिक्षा और कौशल के माध्यम से रोजगार पाने के साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। विद्यार्थियों से महात्मा गांधी के स्वावलंबन और श्रम की प्रतिष्ठा के विचारों को अपनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता राष्ट्र निर्माण से जुड़ी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग को युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता का प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम में परिसर के वरिष्ठ आचार्य प्रो.भारत भूषण त्रिपाठी, प्रो.अवनीश अग्रवाल, डॉ.कृति रस्तोगी, प्राध्यापकगण तथा परिसर के छात्र-छात्राएँ सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के अंत में परिसर निदेशक के द्वारा विजेता प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र व पुरस्कार वितरित किए गए। अध्यक्षीय उद्बोधन एवं धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात् राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
Central Sanskrit University PMO India

24/08/2026
‘Bring out the Arjun within’ से विद्यार्थियों को मिला आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता का संदेश Central Sanskrit ...
20/08/2026

‘Bring out the Arjun within’ से विद्यार्थियों को मिला आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता का संदेश Central Sanskrit University, Lucknow Campus
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, एकाग्रता एवं जीवन-मूल्यों के विकास के उद्देश्य से दिनांक 20 अगस्त 2026 को विशेष प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रतिपाद्य विषय “Bring out the Arjun within”रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इस्कॉन, लखनऊ के उपाध्यक्ष श्रीमान् दीनदयाल प्रभु ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए जीवन में लक्ष्य, अनुशासन, एकाग्रता एवं अच्छे संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर अर्जुन जैसी प्रतिभा और क्षमता विद्यमान है; आवश्यकता केवल उसे पहचानकर उचित दिशा देने की है। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल एवं अन्य भटकाव उत्पन्न करने वाले साधनों से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर केन्द्रित रहने तथा असफलताओं से निराश न होकर उनसे सीख लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की ज्योतिषशास्त्र विद्याशाखा के वरिष्ठ आचार्य प्रो. मदनमोहन पाठक ने की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में अपार प्रतिभा और क्षमता होती है। आज के डिजिटल युग में युवाओं को भटकाव से बचते हुए लक्ष्य, अनुशासन, चरित्र, कर्तव्यबोध एवं सामाजिक उत्तरदायित्व पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने भीतर के ‘अर्जुन’ को जागृत करें और अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में करें।
कार्यक्रम में भारतीय वैदिक परम्परा के अनुरूप विद्यार्थियों द्वारा ऋग्वेद, शुक्लयजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद तथा शुक्लयजुर्वेद (काण्व) के मन्त्रों का सस्वर पाठ किया गया। इसके साथ ही कुलगीत एवं वन्देमातरम्की प्रस्तुति भी हुई।

कार्यक्रम में प्रो. श्यामदेव मिश्र द्वारा अतिथि-सत्कार, स्वागत भाषण एवं विषय-प्रवर्तन किया गया। प्रो. भारतभूषण त्रिपाठी ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा प्रो. गणेश शंकर विद्यार्थी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।





संस्कृतभाषायामुपनिबद्धं बौद्धवाङ्मयम्’ विषय पर विशेष व्याख्यान सम्पन्नलखनऊ, 20 अगस्त 2026। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्या...
20/08/2026

संस्कृतभाषायामुपनिबद्धं बौद्धवाङ्मयम्’ विषय पर विशेष व्याख्यान सम्पन्न
लखनऊ, 20 अगस्त 2026। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के बौद्धदर्शन विद्याशाखा एवं पालि अध्ययन-अनुसन्धान केन्द्र के संयुक्त तत्त्वावधान में संस्कृतसप्ताह-महोत्सव के उपलक्ष्य में ‘बौद्धदर्शन-विशिष्ट-व्याख्यानमाला’ के अन्तर्गत ‘संस्कृतभाषायामुपनिबद्धं बौद्धवाङ्मयम्’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन 20 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे ऑनलाइन माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम में प्रो. विजय कुमार जैन, निदेशक, भोगीलाल लेहरचन्द प्राच्य अध्ययन संस्थान, दिल्ली ने मुख्य वक्ता के रूप में उक्त विषय पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रो. जैन पालि साहित्य एवं बौद्ध वाङ्मय के प्रख्यात विद्वान् हैं तथा वे केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के पूर्व प्राचार्य एवं निदेशक भी रह चुके हैं।
अपने व्याख्यान में प्रो. जैन ने सर्वजन की भाषा के रूप में संस्कृत के स्वरूप को प्रतिपादित करते हुए संस्कृत भाषा में विरचित बौद्ध साहित्य की समृद्ध परम्परा, उसके दार्शनिक एवं साहित्यिक महत्त्व तथा भारतीय ज्ञान-परम्परा के संरक्षण एवं प्रसार में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि बौद्ध साहित्य का अध्ययन केवल धार्मिक अथवा दार्शनिक दृष्टि से ही महत्त्वपूर्ण नहीं है, अपितु भारतीय भाषायी, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक इतिहास को समझने की दृष्टि से भी इसका विशेष महत्त्व है।
ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस व्याख्यान में बौद्धदर्शन, पालि एवं संस्कृत के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। व्याख्यान के दौरान संस्कृत में उपलब्ध बौद्ध ग्रन्थों, बौद्ध दार्शनिक परम्पराओं तथा भारतीय ज्ञान-विरासत में संस्कृत बौद्ध वाङ्मय के योगदान से सम्बन्धित विभिन्न महत्त्वपूर्ण पक्षों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रफुल्ल गडपाल तथा सह-समन्वयक डॉ. कृष्णा कुमारी, डॉ. प्रदीप कुमार द्विवेदी, डॉ. जयवन्त खण्डारे एवं डॉ. प्रियंका सहित अन्य सहयोगियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अन्त में डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रफुल्ल गडपाल ने कहा कि संस्कृत एवं पालि में उपलब्ध बौद्ध साहित्य भारतीय ज्ञान-परम्परा की अमूल्य निधि है। इसके गहन अध्ययन, अनुसंधान एवं प्रचार-प्रसार से बौद्धदर्शन के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक एवं दार्शनिक विरासत को वैश्विक स्तर पर समझने में महत्त्वपूर्ण सहायता मिलेगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं अध्येताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बौद्धदर्शन तथा पालि-संस्कृत अध्ययन से सम्बन्धित ऐसे अकादमिक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती के अवसर पर 19 अगस्त 2026 को लखनऊ परिसर में संगोष्ठी...
19/08/2026

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती के अवसर पर 19 अगस्त 2026 को लखनऊ परिसर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. मदन मोहन पाठक ने की।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. पाठक ने कहा कि तुलसीदास केवल भक्ति के कवि नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-मूल्यों, लोकमंगल और सामाजिक समरसता के महान चिंतक थे। उनकी रचनाएँ आज भी सत्य, मर्यादा, विनम्रता, करुणा, कर्तव्य एवं सदाचार का संदेश देती हैं।
संगोष्ठी में आचार्य भारत भूषण त्रिपाठी, आचार्य धनीन्द्र कुमार झा, डॉ. कविता बिसारिया, डॉ. कृति रस्तोगी, डॉ. रविकान्त सहित छात्र-छात्राओं ने तुलसीदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. संजय कुमार मिश्र के संयोजकत्व में हुआ। मंगलाचरण, कुलगीत एवं वन्दे मातरम् से कार्यक्रम का शुभारम्भ तथा राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। Central Sanskrit University Central Sanskrit University, Lucknow Campus
#लोकमंगल

19/08/2026

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती के अवसर पर 19 अगस्त 2026 को लखनऊ परिसर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. मदन मोहन पाठक ने की।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. पाठक ने कहा कि तुलसीदास केवल भक्ति के कवि नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-मूल्यों, लोकमंगल और सामाजिक समरसता के महान चिंतक थे। उनकी रचनाएँ आज भी सत्य, मर्यादा, विनम्रता, करुणा, कर्तव्य एवं सदाचार का संदेश देती हैं।
संगोष्ठी में आचार्य भारत भूषण त्रिपाठी, आचार्य धनीन्द्र कुमार झा, डॉ. कविता बिसारिया, डॉ. कृति रस्तोगी, डॉ. रविकान्त सहित छात्र-छात्राओं ने तुलसीदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. संजय कुमार मिश्र के संयोजकत्व में हुआ। मंगलाचरण, कुलगीत एवं वन्दे मातरम् से कार्यक्रम का शुभारम्भ तथा राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। Central Sanskrit University Central Sanskrit University, Lucknow Campus
#लोकमंगल

Regarding Revision of Dates for Walk-in-Interviews for engagement of Part-Time Teachers. Central Sanskrit UniversityIct ...
17/08/2026

Regarding Revision of Dates for Walk-in-Interviews for engagement of Part-Time Teachers. Central Sanskrit UniversityIct CellIct Cell

WALK-IN-INTERVIEW Central Sanskrit University, Lucknow CampusCentral Sanskrit University
16/08/2026

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